पाकिस्तान में हिंदुओं की संख्या कितनी? आसिफ अली जरदारी के दावे और जनगणना के आंकड़ों में कितना फर्क, जानें कहां रहते हैं
पाकिस्तान की जनगणना में हिंदू और शेड्यूल्ड कास्ट की आबादी को अलग-अलग श्रेणियों में दर्ज किया गया है। ऐसे में केवल हिंदू आबादी के 1.61 फीसदी आंकड़े को देखना पूरी तस्वीर नहीं बताता, क्योंकि शेड्यूल्ड कास्ट में 13 लाख से ज्यादा लोग शामिल हैं। हालांकि, दोनों आंकड़ों को जोड़ने पर भी कुल संख्या करीब 52.2 लाख होती है, जो पाकिस्तान की कुल आबादी का 2.17 फीसदी है, 4 फीसदी नहीं
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने हाल ही में देश में धार्मिक अल्पसंख्यकों और हिंदू समुदाय की स्थिति पर बात की।
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पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने हाल ही में देश में धार्मिक अल्पसंख्यकों और हिंदू समुदाय की स्थिति पर बात की। इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान की कुल आबादी में हिंदुओं की हिस्सेदारी करीब 4 फीसदी बताई। हालांकि, पाकिस्तान की हालिया जनगणना के आंकड़े इस दावे से अलग तस्वीर दिखाते हैं। इससे हिंदू आबादी को लेकर दिए गए आंकड़े पर सवाल उठने लगे हैं।
पाकिस्तान में हिंदुओं की संख्या कितनी?
पाकिस्तान की 2023 की जनगणना के अनुसार, देश में 38,67,729 लोगों ने खुद को हिंदू बताया, जो कुल आबादी का करीब 1.61 फीसदी है। वहीं, 13,49,487 लोगों को शेड्यूल्ड कास्ट की श्रेणी में दर्ज किया गया, जो 0.56 फीसदी है। दोनों आंकड़ों को जोड़ने पर यह संख्या 52,17,216 यानी कुल आबादी का करीब 2.17 फीसदी बैठती है। यानी पाकिस्तान के आधिकारिक जनगणना आंकड़ों में हिंदू आबादी 4 फीसदी नहीं, बल्कि अलग-अलग श्रेणियों को मिलाने पर भी करीब 2.17 फीसदी है।
आसिफ अली जरदारी के दावे और जनगणनी के आंकड़ों में कितना फर्क
पाकिस्तान की 2023 की जनगणना में धर्म के आधार पर आबादी के आंकड़े भी जारी किए गए हैं। इसमें कुल 24.04 करोड़ से ज्यादा लोगों को शामिल किया गया। आंकड़ों के मुताबिक, इनमें करीब 23.16 करोड़ मुस्लिम, 33 लाख ईसाई और 38.67 लाख हिंदू जाति के लोग दर्ज हैं। इसके अलावा करीब 13.49 लाख लोगों को शेड्यूल्ड कास्ट की श्रेणी में रखा गया है। जनगणना के हिसाब से केवल हिंदू जाति की आबादी 1.61 फीसदी है, जबकि हिंदू और शेड्यूल्ड कास्ट को मिलाकर यह आंकड़ा 2.17 फीसदी हो जाता है।
पाकिस्तान की जनगणना में हिंदू और शेड्यूल्ड कास्ट की आबादी को अलग-अलग श्रेणियों में दर्ज किया गया है। ऐसे में केवल हिंदू आबादी के 1.61 फीसदी आंकड़े को देखना पूरी तस्वीर नहीं बताता, क्योंकि शेड्यूल्ड कास्ट में 13 लाख से ज्यादा लोग शामिल हैं। हालांकि, दोनों आंकड़ों को जोड़ने पर भी कुल संख्या करीब 52.2 लाख होती है, जो पाकिस्तान की कुल आबादी का 2.17 फीसदी है, 4 फीसदी नहीं। पाकिस्तान ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स ने 2023 की जनगणना के विस्तृत आंकड़े सार्वजनिक किए हैं, जिनमें देश, प्रांत और ग्रामीण-शहरी स्तर पर धर्म से जुड़े आंकड़े शामिल हैं।
1951 में हुई थी पहली जनगणना
पाकिस्तान में पहली जनगणना 1951 में, देश के बंटवारे के करीब चार साल बाद हुई थी। उस समय पाकिस्तान दो हिस्सों में बंटा हुआ था, जिन्हें वेस्ट पाकिस्तान और ईस्ट पाकिस्तान कहा जाता था। पाकिस्तान ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स के अनुसार, 1951 की जनगणना में दोनों हिस्सों की आबादी को दर्ज किया गया था और अकेले वेस्ट पाकिस्तान की आबादी करीब 3.37 करोड़ थी।
पाकिस्तान की पुरानी जनगणना के आंकड़ों पर नजर डालें तो देश में हिंदू आबादी की संख्या समय के साथ बढ़ी है। 1998 की जनगणना में पाकिस्तान में करीब 24.4 लाख हिंदू दर्ज किए गए थे। यह उस समय देश की कुल आबादी का लगभग 2.02 फीसदी था। यानी संख्या के लिहाज से हिंदू आबादी में बढ़ोतरी देखने को मिली है, हालांकि कुल आबादी में उनकी हिस्सेदारी अलग-अलग जनगणना में बदलती रही है।
पाकिस्तान की 2023 की जनगणना में हिंदू और शेड्यूल्ड कास्ट की कुल संख्या बढ़कर 52 लाख से ज्यादा हो गई। हालांकि, आबादी में इनकी हिस्सेदारी अब भी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के बताए 4 फीसदी से काफी कम है। 1998 की जनगणना में हिंदू आबादी 2.02 फीसदी थी, जबकि 2023 में हिंदू और शेड्यूल्ड कास्ट को मिलाकर भी यह आंकड़ा सिर्फ 2.17 फीसदी रहा।
पाकिस्तान की पुरानी जनगणना के आंकड़ों की आज के आंकड़ों से सीधी तुलना करना आसान नहीं है। इसकी वजह यह है कि 1951 की जनगणना में पूर्वी पाकिस्तान भी शामिल था, जो बाद में अलग होकर बांग्लादेश बन गया। इसलिए उस समय के आंकड़ों को आज के पाकिस्तान से मिलाते समय एक जैसे क्षेत्रों को आधार बनाना जरूरी है, ताकि तुलना सही तरीके से की जा सके।
सिंध में रहते हैं सबसे ज्यादा हिन्दू
पाकिस्तान की 2023 की जनगणना के मुताबिक, देश की हिंदू आबादी का बड़ा हिस्सा सिंध प्रांत में रहता है। यहां 35,75,848 लोग हिंदू जाति और 13,25,559 लोग शेड्यूल्ड कास्ट के तौर पर दर्ज किए गए हैं। दोनों को मिलाकर यह संख्या करीब 49 लाख है, जो सिंध की कुल आबादी का 8.81 फीसदी है। देशभर में हिंदू और शेड्यूल्ड कास्ट के रूप में दर्ज कुल आबादी में सिंध की हिस्सेदारी करीब 94 फीसदी है।
पाकिस्तान के सिंध प्रांत की तुलना में दूसरे हिस्सों में हिंदू और शेड्यूल्ड कास्ट की आबादी काफी कम दर्ज की गई है। 2023 की जनगणना के अनुसार, पंजाब में करीब 2.49 लाख लोग इन दोनों श्रेणियों में शामिल हैं, जो राज्य की आबादी का लगभग 0.20 फीसदी है। बलूचिस्तान में यह संख्या करीब 59 हजार, जबकि खैबर पख्तूनख्वा में लगभग 6,100 रही। वहीं, इस्लामाबाद में हिंदू और शेड्यूल्ड कास्ट को मिलाकर 900 से भी कम लोग दर्ज किए गए।
सिंध प्रांत में हिंदू समुदाय की आबादी खासतौर पर दक्षिण-पूर्वी इलाकों में अधिक है। 2023 की जनगणना के मुताबिक, उमरकोट पाकिस्तान का एकमात्र जिला है, जहां हिंदू आबादी बहुमत में है। सिंध में हिंदू समुदाय से जुड़े सुरक्षा, जबरन धर्म परिवर्तन और पलायन जैसे मुद्दे भी समय-समय पर सामने आते रहे हैं। जनगणना के आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि पाकिस्तान की हिंदू आबादी का बड़ा हिस्सा ग्रामीण क्षेत्रों में रहता है।
पाकिस्तान की 2023 की जनगणना के मुताबिक, हिंदू और शेड्यूल्ड कास्ट समुदाय की आबादी शहरों की तुलना में गांवों में ज्यादा है। आंकड़ों के अनुसार, गांवों में करीब 27 लाख हिंदू जाति और 11.69 लाख शेड्यूल्ड कास्ट के लोग रहते हैं, जबकि शहरों में इनकी संख्या क्रमशः करीब 11.64 लाख और 1.80 लाख है। दोनों श्रेणियों को मिलाकर करीब 52.2 लाख लोगों में से लगभग 38.7 लाख ग्रामीण इलाकों में और करीब 13.5 लाख शहरी क्षेत्रों में रहते हैं।
सिंध में हिंदू समुदाय का एक बड़ा हिस्सा ग्रामीण क्षेत्रों में रहता है। इन इलाकों में रहने वाले लोगों के सामने आर्थिक परेशानियों के साथ-साथ सरकारी सुविधाओं और संस्थानों तक पहुंच की कमी जैसी चुनौतियां भी बताई गई हैं। अधिकार समूहों का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में रहने वाले हिंदू समुदाय की समस्याओं पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।