Abraham Accords: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक नई मांग के बाद पाकिस्तान मुश्किल में पड़ गया है। ट्रंप चाहते हैं कि पाकिस्तान, ईरान युद्ध खत्म करने के लिए संभावित डील के हिस्से के तौर पर इजरायल के साथ रिश्ते सामान्य करने के लिए 'अब्राहम अकॉर्ड्स' पर साइन करे। ट्रंप ने इजरायल को मान्यता देने के लिए पाकिस्तान और सऊदी अरब समेत मुस्लिम देशों पर दबाव को बढ़ा दिया है। कुछ समय पहले डोनाल्ड ट्रंप ने तीन महीने से चल रहे युद्ध को समाप्त करने पर केंद्रित अमेरिका-ईरान वार्ता में मध्यस्थता कर रहे मुस्लिम देशों से अब्राहम समझौते में शामिल होने की अपील की थी। हालांकि, पाकिस्तान ने सौफ तौर पर ट्रंप की अपील को ठुकरा दिया है।
ट्रंप ने पाकिस्तान, सऊदी अरब और अन्य खाड़ी के देशों से कहा है कि वे 'अब्राहम समझौते' पर साइन करें ताकि ईरान के साथ डील का रास्ता साफ हो सके। अमेरिकी राष्ट्रपति के इस बयान से पाकिस्तान बुरी तरह से फंस गया है। पाकिस्तान के कट्टरपंथियों ने इजरायल को मान्यता देने पर पीएम शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर को चेतावनी दी है। इस महासंकट से निकलने के लिए अब शहबाज और मुनीर दोनों ही अचानक से सऊदी अरब जाने वाले हैं।
हालांकि, पाकिस्तान ने फिर दोहराया है कि वह इजरायल पर अपनी स्थिति तब तक नहीं बदलेगा जब तक कि एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी राष्ट्र स्थापित नहीं हो जाता। इससे संकेत मिलता है कि ट्रंप की बार-बार की अपील के बावजूद पाकिस्तान के अब्राहम समझौते में शामिल होने की संभावना कम ही है। इजरायल के साथ संबंध सुधारने और 'अब्राहम डिक्लरेशन' (Abraham Accords) पर साइन करने से पाकिस्तान ने इनकार कर दिया है। पाकिस्तान ने अपने करीबी दोस्त अमेरिका के इस प्रस्ताव पर 'ना' कहकर एक दुर्लभ रुख अपनाया है।
यदि पाकिस्तान इस समझौते के लिए तैयार होता, तो उसे अपनी दशकों पुरानी विदेश नीति में बड़ा बदलाव करना पड़ता। ट्रंप चाहते हैं कि पाकिस्तान और कुछ अन्य मुस्लिम बहुल देश इजरायल के साथ रिश्ते नॉर्मल करें। ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि सऊदी अरब, पाकिस्तान और कतर जैसे मुस्लिम देशों को अब्राहम समझौते का हिस्सा बनना चाहिए। इस समझौते की शुरुआत साल 2020 में डॉनल्ड ट्रंप के पहले राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान हुई थी।
अमेरिका पहुंचे पाक विदेश मंत्री
इस बीच, पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने शुक्रवार को इन खबरों के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से मुलाकात की कि अमेरिका और ईरान तीन महीने से चल रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए एक समझौते के करीब पहुंच गये हैं। रूबियो के साथ डार की मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब कुछ समय पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तीन महीने से चल रहे युद्ध को समाप्त करने पर केंद्रित अमेरिका-ईरान वार्ता में मध्यस्थता कर रहे देशों से अब्राहम समझौते में शामिल होने की अपील की थी।
अब्राहम समझौता इजरायल और अरब देशों के बीच राजनयिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंध स्थापित करता है। पश्चिम एशिया संघर्ष में पाकिस्तान एक मुख्य मध्यस्थ के रूप में उभरा है। पाकिस्तान ने इजराजल को बतौर देश मान्यता नहीं दी है। उसका उसके साथ राजनयिक संबंध नहीं है। पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री डार, चीनी विदेश मंत्री वांग यी के निमंत्रण पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में 'अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने' पर बहस में भाग लेने के लिए न्यूयॉर्क पहुंचे थे।
यह बहस मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की चीन की अध्यक्षता में हुई थी। डार की रुबियो के साथ यह मुलाकात विदेश मंत्री एस जयशंकर द्वारा नई दिल्ली में आयोजित क्वाड विदेश मंत्रिस्तरीय बैठक के कुछ दिनों बाद हुई है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से मुलाकात के बाद, वाशिंगटन में पाकिस्तान के दूतावास में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने फ़िलिस्तीन के प्रति पाकिस्तान के लंबे समय से चले आ रहे समर्थन की पुष्टि की।
डार ने नहीं दिया सीधा जवाब
ट्रंप की हालिया टिप्पणियों के बारे में पूछे गए सवालों के जवाब में डार ने सीधे तौर पर अब्राहम समझौते प्रस्ताव पर कोई टिप्पणी नहीं की। इसके बजाय, उन्होंने फिलिस्तीनी मुद्दे पर पाकिस्तान की स्थिति का जिक्र किया। डार ने कहा, "फिलिस्तीन और गाजा पर पाकिस्तान अपनी स्थिति पर अडिग है।" साथ ही यह भी जोड़ा कि इजरायल को एक फिलिस्तीनी राष्ट्र की स्थापना की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए तभी उसके प्रति पाकिस्तान के रुख में कोई बदलाव आ सकता है।
अब्राहम समझौते की मध्यस्थता ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान 2020 में की गई थी। उसके परिणामस्वरूप इजरायल और कई अरब देशों के बीच संबंधों का सामान्यीकरण हुआ था। इस सप्ताह की शुरुआत में डोनाल्ड ट्रंप ने सुझाव दिया था कि ईरान संघर्ष को सुलझाने के प्रयासों में शामिल देशों को भी इन समझौतों पर साइन करने चाहिए।