Pakistan News: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और होर्मुज की नाकेबंदी के बीच पाकिस्तान ने एक बहुत बड़ा जोखिम मोल लिया है। पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय बाजार से महंगी LNG खरीदने के टेंडर को रद्द कर दिया है। पाकिस्तान को उम्मीद है कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव जल्द कम होगा और उसे कतर से सस्ता गैस मिलना शुरू हो जाएगा। वैसे पाकिस्तान ने इस बार इतना बड़ा जुआ खेला है, जिससे पूरे देश की बत्ती गुल होने का खतरा मंडरा रहा है।
इमरजेंसी टेंडर रद्द, कतर पर टिकी निगाहें
सरकारी कंपनी पाकिस्तान एलएनजी लिमिटेड (PLL) ने मई महीने के लिए दो शिपमेंट के आपातकालीन टेंडर जारी किए थे, जिसे अब बिना किसी को अवॉर्ड दिए बंद कर दिया गया है। पाकिस्तान सरकार का मानना है कि अमेरिका-ईरान संघर्ष अब ढलान पर है।
शहबाज सरकार को उम्मीद है कि उसके पुराने समझौते के तहत कतर से दो कार्गो जल्द ही पहुंच जाएंगे। कतर से मिलने वाली गैस स्पॉट मार्केट की तुलना में करीब आधी कीमत पर मिलती है।
वैसे पिछले महीने पाकिस्तान ने दो साल बाद पहली बार महंगी स्पॉट गैस खरीदी थी। अब पाक मिडिल ईस्ट में शांति बहाली का इंतजार कर रहा है ताकि उसकी अर्थव्यवस्था को महंगे ईंधन की मार न झेलनी पड़े।
गैस के लिए तरस रहा पाकिस्तान
शिप-ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, एनर्जी सप्लाई के मामले में पाकिस्तान की हालत बेहद खराब है। पिछले साल पाकिस्तान हर महीने औसतन 9 एलएनजी कार्गो मंगाता था, लेकिन मार्च 2026 की शुरुआत से अब तक वहां केवल एक शिपमेंट पहुंचा है। फरवरी के अंत से शुरू हुए युद्ध के कारण होर्मुज का रास्ता लगभग बंद है। होर्मुज से ईरान का कोई टैंकर निकल न जाए इसके लिए अमेरिका ने भी नाकेबंदी की हुई है। इन्हीं सब परिस्थितियों ने पाकिस्तान की कमर तोड़ रखी है।
पूरे देश पर मंडरा रहा ब्लैकआउट का खतरा
जानकारों का मानना है कि स्पॉट मार्केट से किनारा करना पाकिस्तान के लिए भारी पड़ सकता है। अगर कतर से कार्गो आने में देरी हुई, तो पाकिस्तान में गैस की किल्लत और बढ़ जाएगी, जिससे पूरे देश में अंधेरा छा सकता है।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने 7 मई को कतर के पीएम शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल थानी से फोन पर बात कर इस संकट और शांति प्रयासों पर चर्चा की है।
मध्यस्थ की भूमिका में पाकिस्तान
दिलचस्प बात यह है कि पाकिस्तान इस समय अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की मध्यस्थता भी कर रहा है। हालांकि, इस मध्यस्थता से अभी तक कोई निष्कर्ष नहीं निकल सका है। ईरान और अमेरिका दोनों अपने-अपने मोर्चे पर डटे हुए है। आज सुबह ईरान ने UAE पर मिसाइल और ड्रोन से अटैक भी कर दिया है जिससे अब एक बार फिर से मिडिल ईस्ट में संकट के घने काले बादल मंडराने लगे है।