PM Modi Jordan Visit: भारत और जॉर्डन के संबंधों में गर्मजोशी को दर्शाते हुए अरब देश के क्राउन प्रिंस अल हुसैन बिन अब्दुल्ला द्वितीय मंगलवार (16 दिसंबर) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुद कार चलाकर जॉर्डन म्यूजियम लेकर गए। जॉर्डन के क्राउन प्रिंस अल हुसैन बिन अब्दुल्ला II पैगंबर मोहम्मद के 42वीं पीढ़ी के सीधे वंशज हैं। प्रधानमंत्री मोदी जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला द्वितीय के निमंत्रण पर दो दिवसीय यात्रा पर सोमवार को अरब देश की राजधानी अम्मान पहुंचे थे। जॉर्डन प्रधानमंत्री की चार दिवसीय यात्रा का पहला पड़ाव है। इस यात्रा के दौरान वह इथियोपिया और ओमान भी जाएंगे।
अम्मान के रस अल-ऐन इलाके में स्थित जॉर्डन म्यूजियम देश का सबसे बड़ा म्यूजियम है। इसमें जॉर्डन की कुछ सबसे महत्वपूर्ण पुरातात्विक और ऐतिहासिक धरोहरों का प्रदर्शन किया गया है। वर्ष 2014 में निर्मित यह म्यूजियम प्रागैतिहासिक काल से लेकर वर्तमान समय तक क्षेत्र की सभ्यतागत यात्रा को दर्शाता है।
म्यूजियम में 15 लाख वर्ष पुरानी जानवरों की हड्डियां और चूना प्लास्टर से बनीं 9,000 वर्ष पुरानी ऐन गजल मूर्तियां हैं जिन्हें दुनिया की सबसे प्राचीन निर्मित मूर्तियों में शामिल किया जाता है। पीएम मोदी की जॉर्डन यात्रा भारत और अरब देश के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर हो रही है।
यह प्रधानमंत्री की जॉर्डन की पहली पूर्ण द्विपक्षीय यात्रा है। इससे पहले, फरवरी 2018 में वह फलस्तीन जाते समय जॉर्डन से होकर गुजरे थे। भारत और जॉर्डन के बीच मजबूत आर्थिक संबंध हैं, जिसमें नई दिल्ली अम्मान का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार का मूल्य 2.8 अरब अमेरिकी डॉलर है।
जॉर्डन भारत को उर्वरकों, विशेष रूप से फॉस्फेट और पोटाश का प्रमुख आपूर्तिकर्ता भी है। इस अरब देश में 17,500 से अधिक लोगों का एक सशक्त भारतीय समुदाय भी रहता है, जो अलग-अलग क्षेत्रों में कार्यरत है। जॉर्डन के बाद प्रधानमंत्री मोदी अपनी तीन देशों की यात्रा के दूसरे चरण में इथियोपिया जाएंगे।
भारत और जॉर्डन ने सोमवार को द्विपक्षीय संबंधों और मित्रता को बड़ा प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से संस्कृति, रिन्यूएबल एनर्जी, वॉटर मैनेजमेंट, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और पेट्रा और एलोरा के बीच "ट्विनिंग" अरेंजमेंट के क्षेत्रों में मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoUs) पर साइन किए। इसका मकसद दोनों देशों के रिश्तों और दोस्ती को मज़बूत करना है।
मंगलवार को सोशल मीडिया पर किए गए कई पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ये उपलब्धियां भारत-जॉर्डन साझेदारी के सार्थक विस्तार को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि नई और रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में सहयोग स्वच्छ विकास, ऊर्जा सुरक्षा और जलवायु जिम्मेदारी के प्रति साझा प्रतिबद्धता को प्रतिबिंबित करता है।
सांस्कृतिक सहयोग पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि पेट्रा और एलोरा के बीच ट्विनिंग समझौता विरासत संरक्षण, पर्यटन और शैक्षणिक आदान-प्रदान के नए अवसर खोलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि 2025-2029 के लिए सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम के रिन्यूअल से दोनों देशों के लोगों के बीच परस्पर संबंध और मजबूत होंगे।