PM Modi Israel Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बुधवार (25 फरवरी) को भारत और इजरायल के बीच रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने में उनके असाधारण योगदान के लिए 'स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल' से सम्मानित किया गया। भारतीय प्रधानमंत्री मोदी यह पदक पाने वाले पहले नेता हैं। यह इजरायली संसद 'नेसेट' का सर्वोच्च सम्मान है। नेसेट स्पीकर अमीर ओहाना ने इजरायली संसद में प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन के बाद उन्हें यह पदक प्रदान किया।
यह पदक भारत और इजरायल के बीच रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री के असाधारण योगदान के वास्ते प्रदान किया गया है। पीएम मोदी ऐसे वैश्विक नेता हैं, जिन्हें इज़रायल और फलस्तीन दोनों से शीर्ष पुरस्कार प्राप्त हुए हैं।
प्रधानमंत्री मोदी को 2018 में 'ग्रैंड कॉलर आफ द स्टेट ऑफ फलस्तीन' से सम्मानित किया गया, जो विदेशी नेताओं के लिए सर्वोच्च फलस्तीनी सम्मान है। प्रधानमंत्री मोदी की पिछले नौ साल में यह दूसरी इजरायल यात्रा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इजरायल की तरह भारत भी आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने की एक सुसंगत और अडिग नीति अपनाता है। पीएम मोदी ने इजरायल की संसद 'नेसेट' को संबोधित करते हुए कहा कि नागरिकों की हत्या और आतंकवाद को किसी भी तरह से जायज नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने कहा कि आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए निरंतर और समन्वित वैश्विक कार्रवाई की आवश्यकता है, क्योंकि दुनियाभर में कहीं भी आतंकवाद शांति के लिए खतरा है।
उन्होंने कहा कि इस समय भारत पूरी दृढ़ता के साथ इजरायल के साथ खड़ा है। प्रधानमंत्री मोदी ने 7 अक्टूबर, 2023 को हमास द्वारा किए गए बर्बर आतंकवादी हमले की निंदा की। उन्होंने कहा, "हम आपके दर्द को महसूस करते हैं, हम आपके शोक में आपके साथ हैं।"
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत गाजा में शांति की पहल का समर्थन करता है। उन्होंने कहा, "शांति का मार्ग हमेशा आसान नहीं होता, लेकिन भारत इस क्षेत्र में संवाद, शांति और स्थिरता के लिए आपके और विश्व के साथ खड़ा है।"
पीएम मोदी ने कहा, "मैं 1.4 अरब भारतीयों की ओर से शुभकामनाएं और मित्रता, सम्मान और साझेदारी का संदेश लेकर आया हूं।" उन्होंने कहा, "हमारी सहभागिता का दायरा और विस्तार बढ़ा है और हम कई क्षेत्रों में इस संबंध को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"
प्रधानमंत्री मोदी के संसद में पहुंचने पर सांसदों ने अपने स्थानों पर खड़े होकर 'मोदी-मोदी' के नारे लगाए। इसके अलावा उनके भाषण के दौरान कई बार उन्होंने मेजें थपथपाकर पीएम मोदी की कई बातों का समर्थन किया।
'भारत गाजा शांति योजना का समर्थन करता है'
प्रधानमंत्री मोदी ने इजरायल की संसद में अपने ऐतिहासिक संबोधन में गाजा शांति पहल को पूरे क्षेत्र के लिए न्यायपूर्ण और स्थायी शांति का मार्ग बताया। साथ ही उन्होंने इजरायल के प्रति एकजुटता का सशक्त संदेश देते हुए कहा कि आतंकवाद चाहे कहीं हो, यह हर जगह की शांति के लिए खतरा है। पीएम मोदी ने कहा कि इजरायल की तरह भारत भी आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने की एक सुसंगत और अडिग नीति अपनाता है। इसमें कोई दोहरा मापदंड नहीं है।
प्रधानमंत्री इजरायल की प्रतिनिधि सभा 'नेसेट' को संबोधित करने के कई घंटे पहले तेल अवीव पहुंचे। बेन गुरियन एयरपोर्ट पर इजरायल के उनके समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा ने उनका जोरदार स्वागत किया। यह किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री का नेसेट में दिया गया पहला भाषण है। इस दौरान पीएम मोदी ने आतंकवाद से पूरी ताकत से लड़ने के भारत के दृढ़ संकल्प को प्रदर्शित किया। इस कार्यक्रम में इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू और कई अन्य वरिष्ठ नेता सहित कई सांसदों ने भाग लिया।