Get App

PoK Uprising: पीओके में कब और कैसे हुई हिंसा की शुरुआत? आसिम मुनीर बने 'जनरल डायर'! PAK सेना ने की 27 लोगों की हत्या

PoK Uprising: ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) द्वारा विरोध प्रदर्शन का ऐलान किए जाने के बाद पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के विभिन्न हिस्सों में दुकानें और बाजार बंद रहे। क्षेत्र में हाल ही में हुई पाकिस्तानी सेना की गोलीबारी में 27 से अधिक लोगों की मौत हो गई है। वहीं, करीब 200 लोग इस फायरिंग में घायल हो गए है्ं

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Jun 10, 2026 पर 4:55 PM
PoK Uprising: पीओके में कब और कैसे हुई हिंसा की शुरुआत? आसिम मुनीर बने 'जनरल डायर'! PAK सेना ने की 27 लोगों की हत्या
PoK Uprising: पाकिस्तानी सेना की गोलीबारी में अब अब तक 27 लोगों की जान जा चुकी है

PoK Uprising: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और पाक सेना प्रमुख आसिम मुनीर के खिलाफ हिंसक विरोध-प्रदर्शन जारी है। महंगाई और राजनीतिक अधिकारों की कमी से नाराज लोगों ने तब हिंसक विरोध शुरू किया जब इस्लामाबाद ने एंटी टेररिज्म के तहत स्थानीय संगठन 'जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी' (JAAC) पर प्रतिबंध लगा दिया।

इसके बाद पाकिस्तानी सेना की गोलीबारी में रावलकोट और मुजफ्फराबाद में 27 लोगों की मौत हो गई और 200 से ज्यादा घायल हो गए हैं। वहां पूरी तरह से इंटरनेट ठप है। भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन के लिए पाकिस्तान को जवाबदेह ठहराने की अपील की है।

कब और कैसे शुरू हुआ विरोध-प्रदर्शन?

PoK में विरोध-प्रदर्शन शुरू होने की वजह पाकिस्तान-समर्थित प्रशासन का 'जॉइंट अवामी एक्शन कमिटी' (JAAC) पर प्रतिबंध लगाने का फैसला था। यह एक ऐसा संगठन है जो PoK में सबसे प्रभावशाली विरोध आंदोलनों में से एक के तौर पर उभरा है। पिछले लगभग दो सालों से JAAC बिजली की बढ़ती कीमतों, महंगाई, बेरोजगारी, प्रशासन की नाकामियों और इस्लामाबाद द्वारा इस इलाके की लगातार अनदेखी के खिलाफ़ प्रदर्शन कर रहा है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें