Protest in US: डोनाल्ड ट्रंप और एलॉन मस्क की नीतियों से भड़के अमेरिकी, 50 राज्यों के लोग सड़कों पर उतरे

Protests Against Trump and Musk: टैरिफ का माला जपने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अब अपने ही देश में विरोध का सामना करना पड़ रहा है। अमेरिका के सभी 50 राज्यों के लाखों लोग सड़क पर उतर आए हैं। लोगों ने एलॉन मस्क और ट्रंप की नीतियों का जोरदार विरोध करना शुरू कर दिया है। इस विरोध प्रदर्शन को 'हैंड्स ऑफ' नाम दिया गया है

अपडेटेड Apr 06, 2025 पर 11:30 AM
Protests against Trump and Musk: ट्रंप के खिलाफ में अरबपतियों के प्रभाव, सामाजिक योजनाओं में कटौती और कमजोर वर्गों पर हमलों का विरोध हुआ है।

डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों के खिलाफ अमेरिका में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों का दौर शुरू हो चुका है। साल 2017 में महिला मार्च और 2020 में ब्लैक लाइव्स मैटर के बाद ट्रंप को इतने बड़े विरोध प्रदर्शन का सामना करना पड़ रहा है। अमेरिकी नागरिक ट्रंप के देश चलाने के तरीके से देश के लोग खफा नजर आ रहे हैं। शायद यही वजह है कि अमेरिका के सभी 50 राज्यों के लाखों लोग सड़क पर उतर आए हैं। लोग शांति पूर्वक अपना विरोध प्रदर्शन दर्ज करा रहे हैं। इस आंदोलन को ‘हैंड्स ऑफ’ विरोध प्रदर्शन नाम दिया गया है।

प्रोटेस्ट को हैंड्स ऑफ नाम देने का मकसद ट्रंप को यह संदेश देना है कि वह लोगों के निजी मामलों में दखल देना बंद दें। 1200 से ज्यादा स्थानों पर लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इसमें 150 से ज्यादा समूहों ने हिस्सा लिया है। यह अब तक का सबसे बड़ा प्रदर्शन बताया जा रहा है। 'हैंड्स आफ' रैली ने ट्रंप प्रशासन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

अमेरिका में लगे ट्रंप और मस्क के खिलाफ नारे


इस विरोध प्रदर्शन में सिविल राइट्स ऑर्गनाइजेशन्स, लेबर यूनियन, LGBTQ+ के वकीलों, चुनावी कार्यकर्ताओं के साथ कई दिग्गज भी शामिल हुए। विरोध प्रदर्शन शांति पूर्ण तरीके से किया गया। यूएस के मिडटाउन मैनहैटेन से लेकर एंकोरेज, अलास्का तक शहरों और कई राज्य की राजधानियों में हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। इसके साथ ही रैलियां निकाली। सबके हाथ में तख्तियां थीं। इन सभी रैलियों में संघीय एजेंसियों से हजारों लोगों को निकालने, अर्थव्यवस्था, इमिग्रेशन और मानवधिकारों पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और DOGE चीफ एलॉन मस्क की खूब आलोचना की गई है।

प्रदर्शनकारियों की मांगें

प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि अरबपतियों ने सत्ता पर कब्जा जमा लिया है। इसे खत्म करने के लिए प्रदर्शन हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की ओर से तीन मुख्य मांग की गई है। पहला ट्रंप प्रशासन में अरबपतियों के कब्जे और भ्रष्टाचार को खत्म करना है। दूसरा मेडिकेड, सोशल सिक्योरिटी जैसे जरूरी कार्यक्रमों में संघीय फंड की कटौती को रोकना है। तीसरा आप्रवासियों, ट्रांसजेंडर समुदायों और अन्य समूहों पर हमलों को रोकना है। प्रदर्शनकारियों का कहना कि ट्रंप अमेरिका को एक नफरती देश में बदल रहे हैं। जिसे वह स्वीकार नहीं कर सकते हैं।

ट्रंप का टैरिप जाप पड़ रहा भारी

डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ दिन पहले ही भारत समेत दुनिया के कई देशों पर टैरिफ लगाने का ऐलान किया था। ट्रंप ने भारत पर भी 26 फीसदी टैरिफ लगाने की घोषणा की थी। भारत के अलावा औऱ जिन देशों पर टैरिफ लगाया गया है, उनमें चीन, मलेशिया, कनाडा, वियतनाम जैसे देश शामिल हैं। ट्रंप के इस कदम से कई सामान अमेरिका में महंगे हो गए हैं।

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