अमेरिका-ईरान के बीच सीजफार लागू सीजफायर टूट चुका है और एक बार फिर दोनों देशों के बीच जंग शुरू हो गई है। लागातर तीन दिनों से अमेरिका ईरान पर हमला कर रहा है तो वहीं ईरान, खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना रहा है। वहीं दोबारा शुरू हुए इस जंग के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक हैरान कर देना वाला दावा कर दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई भी '90 प्रतिशत खत्म' हो चुके हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ये दावा हाल ही में दिए गए एक मीडिया इंटरव्यू में किया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे कहा कि, ईरान पास अब कोई नौसेना नहीं है, कोई वायुसेना नहीं है, सब खत्म हो चुका है। उनका एयर डिफेंस सिस्टम खत्म हो गया है। उनके सभी नेता मारे जा चुके हैं। उनके सबसे अच्छे नेता मारे गए हैं।” ट्रंप ने आगे दावा किया कि युद्ध में ईरान के सबसे बड़े नेता मारे जा चुके हैं। उन्होंने कहा, ”वे खत्म हो गए हैं। खुमैनी खत्म हो गए हैं।” अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह बयान देते समय 1989 में मर चुके ईरानी क्रांतिकारी नेता रुहोल्लाह खुमैनी का नाम लिया जबकि उनका इशारा स्पष्ट रूप से अली खामेनेई की ओर था जिनके बारे में उन्होंने दावा किया कि 28 फरवरी को युद्ध के पहले दिन उनकी मौत हो गई थी।
मोजतबा खामेनेई को लेकर बढ़ा सस्पेंस
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आगे दावा किया कि मोजतबा खामेनेई, जिन्हें उनके पिता अयातुल्ला अली खामेनेई का संभावित उत्तराधिकारी माना जाता था, सैन्य कार्रवाई के दौरान गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं। ट्रंप ने कहा कि वह "90 प्रतिशत खत्म" हो चुके हैं। कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि मोजतबा खामेनेई पिछले हवाई हमले में लगी गंभीर चोटों से उबर रहे हैं। यही वजह बताई जा रही है कि इस महीने की शुरुआत में ईरान और इराक में आयोजित कुछ बड़े अंतिम संस्कार कार्यक्रमों में भी वे दिखाई नहीं दिए।
ये दावे ऐसे समय में सामने आए हैं, जब अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर मिसाइल हमले हुए। इन घटनाओं के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गया है। इसी बीच अमेरिका ने ईरान पर समुद्री नाकेबंदी दोबारा लागू करने की योजना का भी ऐलान किया है। इसके साथ ही अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के बदले शुल्क (फीस) लेने की तैयारी कर रहा है। अमेरिका के इस फैसले पर ईरान ने तुरंत कड़ी आपत्ति जताई और इसका विरोध किया।