अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से दुनिया भर से इंपोर्ट पर लगाए गए भारी भरकम टैरिफ से शैंपेन, परमेसन और फेरारी की कीमतों में बढ़ोतरी की बात कही गई। लेकिन अमेरिकियों की जेब पर टैरिफ का असर लग्जरी कारों और स्पेशलिस्ट फूड जैसी चीजों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इससे कहीं आगे है। शनिवार से 10 प्रतिशत का बेस टैरिफ लागू हो गया है। अब सुपरमार्केट के रोजाना इस्तेमाल होने वाले सामान से लेकर जूतों, ब्यूटी प्रोडक्ट्स से लेकर सेक्स टॉयज तक हर चीज के मैन्युफैक्चरर्स और सप्लायर्स को यह पता लगाना होगा कि इस अतिरिक्त लागत का कितना हिस्सा ग्राहकों पर डालना है।
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में अमेरिका के कुछ ऐसे इंपोर्ट्स के बारे में बताया गया है, जो अब ट्रंप के नए टैरिफ के चलते महंगे हो सकते हैं।
Ray-Ban के सनग्लासेज और आईग्लासेज
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के रे-बैन एविएटर उनके लुक का एक अभिन्न हिस्सा थे। ज्यादातर एविएटर इटली की माउंटेन रेंज डोलोमाइट्स पर एक छोटे से पहाड़ी गांव में प्रोड्यूस किए जाते हैं। यहीं से उन्हें अमेरिका सहित दुनिया भर में भेजा जाता है। लग्जरी ब्रांड रे-बैन की मालिक फ्रेंच-इटैलियन कंपनी EssilorLuxottica SA है। यह आईवियर सेक्टर की सबसे बड़ी कंपनी है। साल 2024 में उत्तरी अमेरिका में इसकी बिक्री लगभग 12 अरब यूरो थी। अब जब नए रेसिप्रोकल टैरिफ के तहत यूरोपीय संघ पर 9 अप्रैल से 20 प्रतिशत की दर लागू होने वाली है तो रे-बैन सनग्लासेज और आईग्लासेज अमेरिका में काफी महंगे हो सकते हैं।
स्विट्जरलैंड की कंपनी नेस्ले एसए के नेस्प्रेस्सो कॉफी कैप्सूल शायद दुनिया भर में बिकते हैं। एक अनुमान के अनुसार, सालाना लगभग 14 अरब की बिक्री। लेकिन इन्हें बनाया स्विट्जरलैंड की केवल 3 फैक्ट्री में जाता है। स्विट्जरलैंड से अमेरिका में इंपोर्ट पर 31 प्रतिशत का टैरिफ लग रहा है ऐसे में अमेरिका में नेस्प्रेस्सो कॉफी कैप्सूल के दाम भी काफी बढ़ सकते हैं। नेस्ले के आंकड़ों से पता चलता है कि 2024 में नेस्प्रेस्सो की वैश्विक बिक्री 6.4 अरब स्विस फ्रैंक या 7.5 अरब डॉलर रही थी।
विग, आईलैशेज और सेक्स टॉयज
चीन दुनिया का सबसे बड़ा विग प्रोड्यूसर और एक्सपोर्टर है। चीन की आधिकारिक शिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, वैश्विक हेयर एक्सेसरीज बाजार में चीन की हिस्सेदारी लगभग 80 प्रतिशत है और अमेरिका लंबे समय से इसका प्राइमरी मार्केट रहा है। इसके अलावा चीन नकली पलकों (Eyelashes) और सेक्स टॉयज के पूरी दुनिया में प्रोडक्शन में लगभग 70 प्रतिशत हिस्सेदारी रखता है। ग्रैंड व्यू रिसर्च के अनुसार, 2024 में सेक्स टॉयज का अमेरिकी बाजार 10.6 अरब डॉलर का था, जिसमें चीन और भारत टॉप सोर्सेज में शामिल हैं। अमेरिका ने चीन पर 34 प्रतिशत और भारत पर 26 प्रतिशत का नया रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया गया है।
कॉस्मेटिक ब्यूटी ट्रीटमेंट पर नजर रखने वाले अमेरिकियों को अपने एंटी-रिंकल इंजेक्शन के लिए अधिक पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं। हालांकि अभी तक फार्मास्यूटिकल्स पर रेसिप्रोकल टैरिफ की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन चिंता है कि यह छूट अस्थायी साबित हो सकती है। बोटॉक्स के पीछे की कंपनी AbbVie Inc. आयरलैंड के पश्चिमी तट पर वेस्टपोर्ट शहर में लगभग सभी प्रोडक्ट बनाती है। बोटॉक्स को दुनिया के सबसे जहरीले पदार्थों में से एक, बोटुलिनम टॉक्सिन से बनाया जाता है। इसलिए इसका उत्पादन अत्यधिक सुरक्षित प्लांट में होता है। टैरिफ के चलते कीमत में किसी भी तरह की बढ़ोतरी अमेरिकी उपभोक्ताओं को प्रभावित करेगी क्योंकि सुंदर दिखने के लिए कराया गया बोटॉक्स, बीमा में कवर नहीं होता है।
सेहत के प्रति जागरूक अमेरिकियों के लिए ओरा स्मार्ट रिंग्स की कीमत बढ़ सकती है। ये छोटे डिवाइस नींद, एक्टिविटी और दिल की धड़कन को ठीक वैसे ही ट्रैक कर सकते हैं जैसे कि एक स्मार्टवॉच करता है। लेकिन ये उन उपभोक्ताओं के बीच लोकप्रिय हैं, जो अपनी कलाई पर भारी गैजेट पहनना पसंद नहीं करते हैं। इस ब्रांड का मालिकाना हक फिनलैंड की कंपनी Oura Health Oy के पास है।
अमेरिका के लिए हाई-टेक हॉस्पिटल बेड की एक प्रमुख सप्लायर लिनेट ग्रुप है, जो चेक गणराज्य में बेस्ड है। कंपनी ने कहा है कि अमेरिकी क्लाइंट्स के साथ भविष्य के कॉन्ट्रैक्ट के लिए, उसे कीमतें बढ़ानी होंगी और हाई प्राइस टैग और ज्यादा प्रॉफिट मार्जिन वाले हाई-एंड प्रोडक्ट्स पर ज्यादा फोकस करना होगा। कंपनी के सीईओ टॉमस कोलार के मुताबिक, अमेरिका को कंपनी का निर्यात इसकी वार्षिक बिक्री का लगभग 20 प्रतिशत है।