ईरान पर हमले से पहले इराक के रेगिस्तान में इजरायल ने बनाया था सीक्रेट सैन्य बेस, तेहरान पर हमले के लिए रची थी पूरी प्लानिंग

Israeli Military Base In Iraq: दावा किया जा रहा है कि इस बेस का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ हवाई ऑपरेशनों में इजरायली वायु सेना और स्पेशल फोर्सेज को मदद देने के लिए किया गया था। सबसे दिलचस्प बात ये है कि, इराक को भी इस सीक्रेट बेस की जानकारी नहीं थी

अपडेटेड May 13, 2026 पर 12:23 PM
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यहां इजरायल के घातक कमांडो और स्पेशल फोर्सेज को ठहराया गया था

Israel Secret Military Base: 28 फरवरी से ही ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच संघर्ष जारी है। हालिया कुछ हफ्तों से सीजफायर लागू हुआ है और बातचीत की पहल हो रही है। इसी बीच एक बेहद चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। अमेरिकी मीडिया 'वॉल स्ट्रीट जर्नल' (WSJ) के अनुसार, इजरायल ने इराक के पश्चिमी रेगिस्तानी इलाके में एक गुप्त सैन्य अड्डा स्थापित किया था।

दावा किया जा रहा है कि इस बेस का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ हवाई ऑपरेशनों में इजरायली वायु सेना और स्पेशल फोर्सेज को मदद देने के लिए किया गया था। सबसे दिलचस्प बात ये है कि,  इराक को भी इस सीक्रेट बेस की जानकारी नहीं थी।

इराक में इजरायली बेस का क्या था मकसद?


रिपोर्ट के मुताबिक, यह सीक्रेट बेस अमेरिका की जानकारी और सहमति के साथ बनाया गया था। यहां इजरायल के घातक कमांडो और स्पेशल फोर्सेज को ठहराया गया था। यह बेस इजरायली लड़ाकू विमानों के लिए रसद और रडार सपोर्ट के केंद्र के रूप में काम कर रहा था। अगर ऑपरेशन के दौरान किसी इजरायली पायलट का विमान गिर जाता, तो उसे बचाने के लिए यहाँ से तुरंत रेस्क्यू टीमें रवाना की जा सकती थीं।

मार्च में खुलते-खुलते रह गया राज

इजरायल का यह सीक्रेट अड्डा इसी साल मार्च में लगभग दुनिया के सामने आने वाला था। हालांकि,  रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जब इराकी सेना गश्त करते हुए इस इलाके के करीब पहुंच गई, तो अपनी पहचान छिपाने के लिए इजरायल ने उन पर हमला कर दिया।

इराक के लेफ्टिनेंट जनरल कैस अल-मुहम्मदावी ने बताया कि नजफ और करबला के बीच रेगिस्तान में कुछ संदिग्ध गतिविधियों की खबर मिली थी। जब इराकी सेना की तीन रेजिमेंट जांच के लिए वहां पहुंचीं, तो उन पर भारी हवाई हमला हुआ। इसमें एक इराकी सैनिक की मौत हो गई और दो घायल हो गए।

बाद में जब इराकी सेना भारी कुमक के साथ वहां पहुंची, तो उन्हें वहां कुछ भी हाथ नहीं लगा। माना जा रहा है कि इजरायली सैनिक तब तक वहां से गायब हो चुके थे।

सैटेलाइट तस्वीरों से खुला राज

इंटेलिजेंस विश्लेषकों ने सऊदी अरब की सीमा के पास इराक के इस वीरान इलाके की सैटेलाइट तस्वीरों के जरिए संदिग्ध लोकेशन की पहचान की है। इंटेलिजेंस फर्म 'होराइजन एंगेज' के माइकल नाइट्स का कहना है कि इराक का पश्चिमी रेगिस्तान ऐसे गुप्त मिशनों के लिए सबसे उपयुक्त है क्योंकि यह इलाका बेहद वीरान और कम आबादी वाला है।

पूर्व इजरायली एयरफोर्स चीफ मेजर जनरल तोमर बार ने भी हाल ही में 'असाधारण विशेष मिशनों' का जिक्र किया था, हालांकि उन्होंने जगह का नाम गुप्त रखा था।

क्यों अहम है यह खबर?

अगर यह रिपोर्ट पूरी तरह सच साबित होती है, तो यह इराक की संप्रभुता का बड़ा उल्लंघन माना जाएगा। साथ ही यह भी स्पष्ट होता है कि ईरान के खिलाफ युद्ध की स्थिति में इजरायल और अमेरिका ने कितनी गहराई तक रणनीतिक तैयारी कर रखी है। इराक के भीतर इजरायली सेना की मौजूदगी क्षेत्र में एक नया कूटनीतिक तनाव पैदा कर सकती है।

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