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रूस खुद बन गया भारतीय तेल का खरीदार! यूक्रेन के ड्रोन हमलों ने ऐसा क्या कर दिया वहां की रिफाइनरियों के साथ?

यूक्रेन के हमलों के बाद रूस के सभी 11 टाइम जोन में ईंधन का संकट गहरा गया है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि देश में ईंधन की राशनिंग करनी पड़ रही है, पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लगी हैं और वहां गैसोलीन की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस बीच खबर है कि इस कमी को दूर करने के लिए रूस ने समुद्र के रास्ते भारत से गैसोलीन का आयात करना शुरू कर दिया है

Edited By: Ankita Pandeyअपडेटेड Jul 01, 2026 पर 7:14 PM
रूस खुद बन गया भारतीय तेल का खरीदार! यूक्रेन के ड्रोन हमलों ने ऐसा क्या कर दिया वहां की रिफाइनरियों के साथ?
उद्योग जगत से जुड़े सूत्रों की मानें तो भारत से कम से कम 60000 मीट्रिक टन गैसोलीन रूस के लिए रवाना की जा चुकी है

यूक्रेन के भीषण ड्रोन हमलों ने रूस के ऊर्जा बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया है। इससे वहां की तेल रिफाइनरियों का कामकाज ठप पड़ गया है। इस संकट के कारण रूस को अपने इतिहास में पहली बार ईंधन की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच खबर आ रही है कि इस कमी को दूर करने के लिए अब रूस ने समुद्र के रास्ते भारत से गैसोलीन का आयात करना शुरू कर दिया है।

11 टाइम जोन वाले रूस में ईंधन की राशनिंग, पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें

यूक्रेन के हमलों के बाद रूस के सभी 11 टाइम जोन में ईंधन का संकट गहरा गया है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि देश में ईंधन की राशनिंग करनी पड़ रही है, पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लगी हैं और वहां गैसोलीन की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस संकट पर क्रेमलिन (रूस के राष्ट्रपति कार्यालय) ने बयान जारी कर कहा है कि रूस स्वीकार्य कीमतों पर ईंधन आयात करने के लिए अन्य देशों के संपर्क में है और लगातार चर्चा कर रहा है। वैसे इस मामले पर रूस के ऊर्जा मंत्रालय और भारत के तेल मंत्रालय ने तुरंत कोई टिप्पणी नहीं की है।

भारत से भेजी जा चुकी है 60000 टन से अधिक गैसोलीन

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