Saudi Arabia के 'स्काईवास्प' अटैक के आगे बेदम हुए हूती लड़ाके, जानें कैसे सऊदी अरब के इस सस्ते और टिकाऊ उपाय ने बदली जंग की तस्वीर

Saudi Arabia अब तक यमन के हूती लड़ाकों के आगे बेदम नजर आ रहा था। लेकिन उसके हाल के हमलों ने हूती विद्राहियों को जड़ से हिला दिया है। सऊदी अरब के ‘स्काईवास्प’ अटैक ने रातों-रात मध्य पूर्व के युद्ध के समीकरण को बदल कर रख दिया है। हूती विद्रोहियों के हथियार अब काम नहीं आ रहे हैं

अपडेटेड Sep 19, 2026 पर 9:06 PM
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सऊदी अरब ने ‘स्काईवास्प’ ड्रोन अटैक किया। Image credit: AFP file photo

अब तक सऊदी अरब के महंगे और हाईटेक हथियार हूती लड़ाकों के गोरिल्ला अटैक के आगे बौने साबित हो रहे थे। लेकिन जब से सऊदी अरब ने जंग की पुरानी रणनीति को छोड़ कर नई रणनीति अपनाई है, तब से खाड़ी देशों के बीच जारी जंग की सूरत बदलती नजर आ रही है। हाल ही में यमन की राजधानी सना पर सऊदी अरब ने जो हमला किया, उससे हूती विद्रोहियों के पांव उखड़ गए और भागने के लिए उनके पास जमीन कम पड़ गई।

इस हमले में सऊदी अरब की मिसाइलें नहीं गरजीं, बल्कि ‘स्काईवास्प’ अटैक किया गया। इस हमले ने अटैक ने रातों-रात मध्य पूर्व के युद्ध के समीकरण को बदल कर रख दिया है। हूती विद्रोहियों के हथियार अब काम नहीं आ रहे हैं। सऊदी अरब का यह हथियार त्रिकोणीय आकार के खौफनाक ड्रोन्स हैं, जो हूतियों के ठिकानों पर तबाही मचा रहे हैं। हूती लड़ाकों की एंटी-एयरक्राफ्ट गन से ड्रोन को मार गिराने की कोशिशें नाकाम साबित हो रही हैं। इस हमले के बाद पूरे साना शहर में हड़कंप मच गया और हूती विद्रोहियों के कई अहम ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचने का दावा किया जा रहा है।

सऊदी अरब ने जंग में उतारे कामिकेज ड्रोन स्काईवास्प

खाड़ी देशों के बीच जारी जंग में सऊदी अरब ने बेहद विनाशकारी कामिकेज यानी ‘सुसाइड’ ड्रोन उतार दिए हैं। इनका नाम ‘स्काईवास्प’ है, जो एक तरह के कीड़े के लिए अंग्रेज में इस्तेमाल किए जाने वाले शब्द वॉस्प से लिया गया है। हिंदी में इसे ततैया कहते हैं। ये सऊदी अरब का पहला स्वदेशी लंबी दूरी का सुसाइड ड्रोन है। सुसाइड ड्रोन उन हथियारों को कहा जाता है, जो मिसाइल की तरह सीधे अपने टारगेट से टकराकर खुद को भी खत्म कर लेते हैं।


ईरान के ‘शाहिद-136’ ड्रोन पर आधारित स्काईवास्प

स्काईवास्प का डिजाइन काफी हद तक ईरान के मशहूर ‘शाहिद-136’ ड्रोन से मिलता-जुलता है। शाहिद-136 का इस्तेमाल रूस-यूक्रेन युद्ध में बड़े पैमाने पर हुआ है। इसे हूती विद्रोही भी अक्सर सऊदी अरब और लाल सागर में जहाजों पर हमले के लिए इस्तेमाल करते रहे हैं। अब सऊदी अरब ने इसी से प्रेरित खुद का कामिकेज ड्रोन तैयार कर लिया है, जो दुश्मन के घर में घुसकर सटीक हमला करने में माहिर है।

सस्ता और टिकाऊ हथियार बना स्काईवास्प

एक ‘स्काईवास्प’ ड्रोन की कीमत महज करीब 35,000 डॉलर यानी लगभग 29 से 30 लाख रुपए आती है। जहां एक मिसाइल की कीमत लाखों डॉलर होती है। इस ड्रोन की मारक क्षमता करीब 1,500 किलोमीटर है। यानी सऊदी अरब अपनी सीमा से यमन के हूतियों के ठिकानों पर सटीक निशाना लगा सकता है। ये ड्रोन जीपीएस और नेविगेशन सिस्टम से पूरी तरह लैस होता है, जिससे ये दुश्मन की लोकेशन पर सटीक वार करता है और एयर डिफेंस सिस्टम को आसानी से चकमा दे सकता है।

सऊदी और अमेरिका मिलकर बनाया

स्काईवास्प सऊदी अरब का पहला स्वदेशी प्रोजेक्ट है। इसे ‘SR2Vector’ नाम की कंपनी ने बनाया है, जो सऊदी अरब और अमेरिका का एक ज्वाइंट वेंचर है।

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