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'जब हम दुनिया के सामने हाथ फैलाते हैं, तो शर्म से झुक जाता है हमारा सिर', पाकिस्तान के आर्थिक संकट पर बोले पीएम शहबाज शरीफ

Pakistan Debt Crisis: इस्लामाबाद में निर्यातकों और व्यापारिक नेताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने स्वीकार किया कि बार-बार वित्तीय सहायता के लिए हाथ फैलाना राष्ट्रीय सम्मान के खिलाफ है। उन्होंने खुले तौर पर कहा कि जब वे और सैन्य प्रमुख विदेशी दौरों पर आर्थिक मदद मांगते हैं, तो उन्हें व्यक्तिगत और राष्ट्रीय स्तर पर भारी शर्मिंदगी महसूस होती है

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Jan 31, 2026 पर 1:45 PM
'जब हम दुनिया के सामने हाथ फैलाते हैं, तो शर्म से झुक जाता है हमारा सिर', पाकिस्तान के आर्थिक संकट पर बोले पीएम शहबाज शरीफ
पाकिस्तान में गरीबी का स्तर 2018 में जो गरीबी 21.9% थी, वह अब बढ़कर 45% तक पहुंच गई है

Shehbaz Sharif: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने देश की विदेशी ऋणों पर बढ़ती निर्भरता और जर्जर अर्थव्यवस्था पर गहरा दुख व्यक्त किया है। इस्लामाबाद में निर्यातकों और व्यापारिक नेताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने स्वीकार किया कि बार-बार वित्तीय सहायता के लिए हाथ फैलाना राष्ट्रीय सम्मान के खिलाफ है। उन्होंने खुले तौर पर कहा कि जब वे और सैन्य प्रमुख विदेशी दौरों पर आर्थिक मदद मांगते हैं, तो उन्हें व्यक्तिगत और राष्ट्रीय स्तर पर भारी शर्मिंदगी महसूस होती है।

'हाइब्रिड शासन' से सेना की बढ़ती भूमिका

शहबाज शरीफ ने देश के अस्तित्व को बनाए रखने का श्रेय 'हाइब्रिड शासन' को दिया, जिसमें सेना शासन के केंद्र में है। उन्होंने अर्थव्यवस्था को स्थिर करने के लिए फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और सेना की 'शत-प्रतिशत' भूमिका की सराहना की। शरीफ के अनुसार, पेट्रोल तस्करी रोकने और चीनी उद्योग को संभालने में सेना का बड़ा हाथ रहा है। मुनीर की 'चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज' के रूप में पदोन्नति के बाद, अब सेना का नियंत्रण परमाणु कमान सहित सभी सैन्य शाखाओं पर है, जिसे प्रधानमंत्री ने एक 'साझेदारी' करार दिया।

पाकिस्तान में आर्थिक बदहाली से तांडव

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