मिडिल ईस्ट में बिगड़े हालात, अमेरिकी सेना ने ईरान की मिलिट्री साइट्स पर किया हमला, युद्धविराम संकट में
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक व्यापारिक जहाज पर ड्रोन हमले के बाद अमेरिका और ईरान के बीच टकराव तेज हो गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दावा किया है कि उसने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करते हुए मिसाइल और ड्रोन स्टोर करने वाली जगहों और तटीय रडार साइटों को निशाना बनाया।
होर्मुज में जंग जैसे हालात: अमेरिका-ईरान टकराव ने बढ़ाई दुनिया की चिंता
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक व्यापारिक जहाज पर ड्रोन हमले के बाद अमेरिका और ईरान के बीच टकराव तेज हो गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दावा किया है कि उसने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करते हुए मिसाइल और ड्रोन स्टोर करने वाली जगहों और तटीय रडार साइटों को निशाना बनाया। अमेरिका का कहना है कि यह कदम उस हमले के जवाब में उठाया गया है जो एक व्यावसायिक जहाज पर किया गया था।
US सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी बयान में कहा, "ईरानी सेना द्वारा कमर्शियल जहाजों के खिलाफ की गई बिना उकसावे की आक्रामकता ने साफ तौर पर युद्धविराम का उल्लंघन किया है।" कमांड ने इन हमलों को "कल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे एक कमर्शियल जहाज पर हुए हमले का कड़ा जवाब" बताया।
Axios के अनुसार, अमेरिकी सेना ने शुक्रवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के इलाके में हमले किए। यह वॉशिंगटन और तेहरान के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर होने के बाद से इस तरह का पहला ऑपरेशन था।
इस MoU के तहत एक अस्थायी युद्धविराम का ढांचा तैयार किया गया था, जिसमें ईरान 60 दिनों तक बिना किसी ट्रांजिट शुल्क के स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को कमर्शियल शिपिंग के लिए खुला रखने पर सहमत हुआ था, जबकि अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकेबंदी हटाने और 60 दिनों तक परमाणु वार्ता शुरू करने पर सहमत हुआ था।
इस बीच, ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर IRIB ने बताया कि दक्षिणी ईरान में होर्मुज स्ट्रेट के पास सिरिक इलाके में लगातार तीन से ज्यादा धमाकों की आवाज सुनी गई।
अमेरिकी हमलों पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरानी सांसद इब्राहिम अजीजी ने X पर लिखा, "अमेरिका ने बातचीत के बीच एक बार फिर ईरान पर हमला किया। युद्धविराम का यह गैर-जिम्मेदाराना उल्लंघन, हमेशा की तरह, उनके लिए पीछे हटने और पछतावे का कारण बनेगा।"
'मूर्खतापूर्ण हरकत का कड़ा जवाब दिया जाएगा': ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी
ईरान की खतम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के आधिकारिक सैन्य प्रवक्ता इब्राहिम अल-फिकार ने कहा है कि अमेरिका के हमलों का जवाब “अभूतपूर्व” होगा।
खतम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ईरान का वह सैन्य ऑपरेशनल कमांड सेंटर है, जो इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और ईरानी सेना के बीच समन्वय का काम करता है।
अल-फिकार ने X (ट्विटर) पर कई पोस्ट में कहा कि ईरान अमेरिका के हमलों का जवाब देने के लिए सही समय और सही जगह खुद तय करेगा।
अल-फिकार ने कहा, “हम यह पक्का करते हैं कि इस हमले का जवाब जरूर दिया जाएगा, और हम इसके लिए सही समय और जगह चुनेंगे। हम चेतावनी देते हैं कि अगर कोई और बेवकूफी भरी हरकत की गई, तो उसका ऐसा कड़ा जवाब दिया जाएगा जो इस इलाके में हमलावरों के भ्रम को तोड़ देगा। उन्होंने यह भी कहा कि पीछे हटने का कोई सवाल ही नहीं... हमारा जवाब जमीन को हिलाकर रख देगा और आपकी सैन्य मौजूदगी को ऐसे मिटा देगा जैसे वह कभी थी ही नहीं।"
अल-फिकार ने आगे कहा, “जब आज रात तीनों नंबर मिल जाएंगे, तो हलचल थम जाएगी और खामोशी तूफान बन जाएगी। कहने के लिए कुछ नहीं होगा, बस जो होगा वह दिखाई देगा। न कोई बुलावा और न ही कोई विकल्प... यह एक अभूतपूर्व रात होगी, जिसमें बारूद आपके भ्रमों की आखिरी लकीर लिखेगा। अमेरिकी हमले का जवाब तेज़ और निर्णायक होगा।"
ईरान का अमेरिका पर हमला
चेतावनी के कुछ ही समय बाद, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने जवाबी कार्रवाई करते हुए क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। यह कार्रवाई अमेरिका के हालिया हमले के जवाब में की गई बताई जा रही है, जिसमें ईरान के मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज साइट्स और तटीय रडार ठिकानों को निशाना बनाया गया था।
ईरान के सरकारी मीडिया में छपे एक बयान में IRGC ने कहा कि यह ऑपरेशन हाल ही में हुए अमेरिकी हमले का जवाब था, लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि किन अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया या ऑपरेशन के बारे में कोई और जानकारी दी।
ट्रंप का बयान: ‘आपको जल्द पता चल जाएगा’
इससे पहले दिन में, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया कि होर्मुज स्ट्रेट के पास एक कार्गो जहाज पर कथित ईरानी हमले के बाद वाशिंगटन जवाब दे सकता है। जब उनसे पूछा गया कि क्या तेहरान को इसके नतीजे भुगतने होंगे, तो उन्होंने कहा, "आपको पता चल जाएगा।"
ट्रंप ने कहा, "आपको पता चल जाएगा। मुझे यह बात पसंद नहीं आई कि उन्होंने कल हमला किया, असल में चार हमले किए। हमने तीन को मार गिराया... एक बहुत महंगे जहाज को थोड़ा नुकसान पहुंचा। उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए।"
जवाबी हमले के बाद, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा, "ईरान ने युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। हमने उसका सम्मान किया है। अगर उन्हें इस बात पर कोई असहमति है कि MOU को कैसे लागू किया जा रहा है, तो वे फोन कर सकते हैं। लेकिन हिंसा का जवाब हिंसा से ही दिया जाएगा।"
‘बेवकूफी भरा उल्लंघन’
ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान ने वॉशिंगटन और तेहरान के बीच शुरुआती युद्धविराम समझौते का उल्लंघन किया है। उन्होंने इस हमले को समझौते का "बेवकूफी भरा उल्लंघन" बताया।
ट्रंप के मुताबिक, ईरान ने रणनीतिक जलमार्ग से गुजर रहे कमर्शियल जहाजों पर कई 'वन-वे अटैक ड्रोन' (एक तरफा हमला करने वाले ड्रोन) दागे, जिनमें से एक ड्रोन कार्गो जहाज के ऊपरी डेक से टकराया। उन्होंने कहा कि जहाज को नुकसान तो पहुंचा, लेकिन वह अपनी यात्रा जारी रखने में कामयाब रहा।
ट्रंप ने लिखा, "इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ने होर्मुज से गुजर रहे जहाजों पर कम से कम चार 'वन-वे अटैक ड्रोन' दागे। इनमें से एक ड्रोन एक बड़े और बहुत महंगे कार्गो जहाज के ऊपरी डेक से जोरदार ढंग से टकराया। इससे नुकसान तो हुआ, लेकिन जहाज अपनी यात्रा जारी रखने में सफल रहा। हालांकि, हमने तीन अन्य ड्रोन मार गिराए। जाहिर है, यह हमारे सीजफायर समझौते का एक मूर्खतापूर्ण उल्लंघन है।"
ईरान ने कार्गो जहाज पर दागा प्रोजेक्टाइल
ट्रंप का यह बयान ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा सिंगापुर के झंडे वाले कार्गो शिप 'एवर लवली' पर कथित तौर पर प्रोजेक्टाइल दागने के एक दिन बाद आया है। यह घटना तब हुई जब शिप रणनीतिक रूप से 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' से गुजर रहा था। बता दें कि इस घटना ने दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री व्यापार मार्गों में से एक की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
ब्रिटिश समुद्री सुरक्षा एजेंसी UKMTO ने बताया कि ओमान के डाहित बंदरगाह से लगभग 7.5 नॉटिकल मील दक्षिण-पूर्व में यात्रा करते समय शिप के स्टारबोर्ड (दाहिनी) हिस्से पर एक प्रोजेक्टाइल लगा। UKMTO के अनुसार, प्रोजेक्टाइल शिप के ब्रिज से टकराया, जिससे नुकसान तो हुआ लेकिन क्रू के किसी सदस्य को चोट नहीं आई।
यह घटना उस चेतावनी के कुछ घंटों बाद हुई, जिसमें ईरान की पैरामिलिट्री नेवी ने कहा था कि जहाजों को बिना तेहरान की अनुमति के इस मार्ग का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
इस बीच, गल्फ ऑफ ओमान में शिप पर हमले के बाद, संयुक्त राष्ट्र की शिपिंग एजेंसी ने उस निकासी अभियान को अस्थायी रूप से रोक दिया है जिसका मकसद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सैकड़ों फंसे हुए शिपों और हजारों नाविकों को सुरक्षित रूप से गुजरने में मदद करना था।
ईरान और ओमान के बीच स्थित स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है, जिसके जरिए दुनिया के तेल और गैस निर्यात का लगभग पांचवां हिस्सा ले जाया जाता है।