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मिडिल ईस्ट में बिगड़े हालात, अमेरिकी सेना ने ईरान की मिलिट्री साइट्स पर किया हमला, युद्धविराम संकट में

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक व्यापारिक जहाज पर ड्रोन हमले के बाद अमेरिका और ईरान के बीच टकराव तेज हो गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दावा किया है कि उसने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करते हुए मिसाइल और ड्रोन स्टोर करने वाली जगहों और तटीय रडार साइटों को निशाना बनाया।

Edited By: Ashwani Kumar Srivastavaअपडेटेड Jun 27, 2026 पर 10:20 AM
मिडिल ईस्ट में बिगड़े हालात, अमेरिकी सेना ने ईरान की मिलिट्री साइट्स पर किया हमला, युद्धविराम संकट में
होर्मुज में जंग जैसे हालात: अमेरिका-ईरान टकराव ने बढ़ाई दुनिया की चिंता

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक व्यापारिक जहाज पर ड्रोन हमले के बाद अमेरिका और ईरान के बीच टकराव तेज हो गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दावा किया है कि उसने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करते हुए मिसाइल और ड्रोन स्टोर करने वाली जगहों और तटीय रडार साइटों को निशाना बनाया। अमेरिका का कहना है कि यह कदम उस हमले के जवाब में उठाया गया है जो एक व्यावसायिक जहाज पर किया गया था।

US सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी बयान में कहा, "ईरानी सेना द्वारा कमर्शियल जहाजों के खिलाफ की गई बिना उकसावे की आक्रामकता ने साफ तौर पर युद्धविराम का उल्लंघन किया है।" कमांड ने इन हमलों को "कल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे एक कमर्शियल जहाज पर हुए हमले का कड़ा जवाब" बताया।

Axios के अनुसार, अमेरिकी सेना ने शुक्रवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के इलाके में हमले किए। यह वॉशिंगटन और तेहरान के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर होने के बाद से इस तरह का पहला ऑपरेशन था।

इस MoU के तहत एक अस्थायी युद्धविराम का ढांचा तैयार किया गया था, जिसमें ईरान 60 दिनों तक बिना किसी ट्रांजिट शुल्क के स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को कमर्शियल शिपिंग के लिए खुला रखने पर सहमत हुआ था, जबकि अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकेबंदी हटाने और 60 दिनों तक परमाणु वार्ता शुरू करने पर सहमत हुआ था।

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