ईरान का सऊदी, UAE और कतर को 'अल्टीमेटम', जान बचानी है तो तेल-गैस ठिकानों को खाली करने की दी चेतावनी

IRGC Evacuation Warning: IRGC के नौसेना प्रमुख अलीरेजा तंगसीरी ने कहा कि, जिन तेल ठिकानों का संबंध अमेरिका से है, उन्हें अब अमेरिकी सैन्य ठिकानों के बराबर माना जाएगा और नागरिकों व कर्मचारियों को अपनी सुरक्षा के लिए इन औद्योगिक साइटों को तुरंत छोड़ देना चाहिए

अपडेटेड Mar 19, 2026 पर 12:03 PM
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इन ठिकानों पर हमला होने या केवल कर्मचारियों के हटने से भी वैश्विक बाजार में कोहराम मच सकता है

Iran Warning: कई दिनों तक चले छिटपुट हमलों के बीच बीते दिन इजरायल ने ईरान के प्रमुख तेल टर्मिनल पर हमला कर दिया। इस हमले के बाद ईरान ने भी कतर में दुनिया के सबसे बड़े LNG प्लांट पर मिसाइल हमला किया। इसके साथ ही IRGC ने सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और कतर के प्रमुख तेल और गैस ठिकानों को खाली करने की सार्वजनिक चेतावनी जारी की है। ईरान ने साफ कर दिया है कि अब वह इन कमर्शियल ठिकानों को 'सैन्य लक्ष्य' की तरह देखेगा।

ईरान का दावा है कि अमेरिका और इजरायल ने उसके खर्ग द्वीप स्थित तेल टर्मिनल पर हमला किया है। ईरान इन नई धमकियों को उसी हमले के जवाबी संकेत के रूप में पेश कर रहा है।

ईरानी सैन्य कमांडर का सख्त संदेश


IRGC के नौसेना प्रमुख अलीरेजा तंगसीरी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए दुनिया को चौंका दिया। तंगसीरी ने कहा कि जिन तेल ठिकानों का संबंध अमेरिका से है, उन्हें अब अमेरिकी सैन्य ठिकानों के बराबर माना जाएगा। उन्होंने कहा कि ईरान की 'निशाने वाली लिस्ट' अपडेट हो चुकी है और नागरिकों व कर्मचारियों को अपनी सुरक्षा के लिए इन औद्योगिक साइटों को तुरंत छोड़ देना चाहिए।

ईरान की हिट-लिस्ट में शामिल प्रमुख ठिकाने

सऊदी अरब: सैमरेफ रिफाइनरी और जुबैल इंडस्ट्रियल सिटी।

UAE: अल होसन गैस फील्ड।

कतर: रास लफान और मसीद इंडस्ट्रियल सिटी।

बता दें कि इन ठिकानों में एक्सॉनमोबिल (ExxonMobil), शेवरॉन (Chevron) और ऑक्सीडेंटल पेट्रोलियम जैसी दिग्गज अमेरिकी कंपनियों का अरबों डॉलर का निवेश और तकनीक लगी हुई है।

दुनिया और भारत पर क्या होगा असर?

इन ठिकानों पर हमला होने या केवल कर्मचारियों के हटने से भी वैश्विक बाजार में कोहराम मच सकता है। कतर दुनिया के सबसे बड़े गैस निर्यातकों में से एक है। रास लफान में काम रुकने से एशिया और यूरोप में गैस की भारी किल्लत हो सकती है।सऊदी और UAE दुनिया के प्रमुख तेल सप्लायर हैं। इनके ठिकानों पर हमले का मतलब है पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी।

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