Tariff War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शु्क्रवार को यूरोपीय यूनियन से आने वाले कारों और ट्रकों पर टैरिफ बढ़ाने की धमकी दी। ट्रंप ने EU (यूरोपीय यूनियन) पर पहले हुए कारोबारी समझौते का पालन नहीं करने का आरोप लगाया जिसके चलते उन्होंने कहा कि अगले हफ्ते से यूरोप की कारों और ट्रकों पर अमेरिकी टैरिफ बढ़ाया जाएगा। बता दें कि पिछली गर्मियों में हुए समझौते के तहत ईयू के ऑटोमोबाइल और पार्ट्स पर अमेरिकी टैरिफ 15% फिक्स किया गया था जोकि कुछ अन्य ट्रेडिंग पार्टनर्स पर लगाए गए 25% की ड्यूटी से कम है लेकिन अब ट्रंप ने ईयू को झटका देने के संकेत दिए हैं।
Trump Tariffs: किस कारण बढ़ाया जा रहा टैरिफ?
ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर ईयू को टैरिफ बढ़ाने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यूरोपीय यूनियन कारोबारी समझौते का पालन नहीं कर रहा है, इसलिए अगले हफ्ते अमेरिका को आयात होने वाली ईयू की कारों और ट्रकों पर टैरिफ बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसे बढ़ाकर 25% किया जाएगा। ट्रंप ने अपने फैसले की वजह के बारे में अधिक जानकारी तो नहीं दी लेकिन यह उस घटना के एक दिन बाद आया है, जिसमें उन्होंने जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज (Friedrich Merz) की फिर से आलोचना की और उनसे ईरान से जुड़े मामले में हस्तक्षेप करने की बजाय यूक्रेन युद्ध खत्म करने पर ध्यान देने का आग्रह किया। अब ट्रंप ने टैरिफ बढ़ाने का जो ऐलान किया है, उसका जर्मनी पर काफी असर पड़ सकता है क्योंकि ईयू देशों में जर्मनी ऑटोमोबाइल्स का बड़ा एक्सपोर्टर है।
ईयू के लिए कितना अहम है अमेरिका?
मार्च के आखिरी में ईयू के सांसदों ने अमेरिका के साथ ब्लॉक के टैरिफ एग्रीमेंट को कुछ शर्तों के साथ मंजूरी दे दी। पिछले साल 2025 के समझौते को लागू करने की दिशा में यह पहला कदम था। इसमें अमेरिकी सामानों पर ईयू के टैरिफ में कटौती को सपोर्ट किया गया लेकिन सांसदों ने अतिरिक्त सुरक्षा उपायों की भी मांग की। यूरोपीय संसद ने शर्तों के साथ इस प्रस्ताव मंजूरी दे दी, लेकिन समझौते को औपचारिक रूप से लागू करने से पहले यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के साथ और बातचीत की जरूरत है।
अप्रैल महीने में ईयू के कारोबारी प्रमुख मारोस सेफकोविक (Maros Sefcovic) कॉमर्स सेक्रेटरी हॉवर्ड लटनिक समेत कुछ अमेरिकी अधिकारियों से बातचीत के लिए अमेरिका गए। उन्होंने कहा कि स्टील पर अमेरिकी टैरिफ के असर को कम करने के लिए ईयू कोशिश कर रहा है और इसे लेकर बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है।
ईयू के लिए अमेरिका कितना अहम है, इसका अंदाजा इससे लगते हैं कि यूरोपियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन की साल 2025 की फैक्ट शीट के हिसाब से यूके (यूनाइटेड किंगडम) के बाद यूरोपीय संघ के लिए अमेरिका गाड़ियों के निर्यात के लिए दूसरा सबसे बड़ा बाजार है, जहां पांचवे हिस्से से अधिक शिपमेंट होता है। सिर्फ जर्मनी की ही बात करें तो वीडीए इंडस्ट्री ग्रुप के मुताबिक अकेले जर्मनी ने साल 2024 में करीब 4.50 गाड़ियों का निर्यात किया लेकिन उसके बाद से निर्यात कम हुआ है।