Trump Tariffs: अमेरिका ने 60 ट्रेडिंग पार्टनर्स पर लगाए नए टैरिफ, भारत के सामान पर 10% रहेगी दर

Trump Tariffs: हालिया घोषणा के तहत, जिन अर्थव्यवस्थाओं ने जबरन मजदूरी से जुड़े आयात पर प्रतिबंध लागू किया है या ऐसा करने का वादा किया है, उन पर 10 प्रतिशत की कम दर लागू होगी। जिन सामानों पर पहले से ही सेक्टर-विशिष्ट टैरिफ लागू हैं जैसे कि स्टील और एल्युमीनियम, उन पर कोई असर नहीं पड़ेगा

अपडेटेड Jul 24, 2026 पर 7:43 AM
अमेरिका, भारत का दूसरा सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर और निर्यात के लिए सबसे बड़ा गंतव्य है।

अमेरिका ने जबरन मजदूरी (फोर्स्ड लेबर) से जुड़ी चिंताओं के कारण 60 व्यापारिक साझेदारों (ट्रेडिंग पार्टनर्स) पर नए टैरिफ लगाने की घोषणा की है। ये नए टैरिफ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से इस साल की शुरुआत में लागू की गई और अब खत्म हो रही ग्लोबल ड्यूटी की जगह लेंगे। US ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) जेमिसन ग्रीर ने नए टैरिफ की घोषणा की। ये शुक्रवार को ईस्टर्न टाइम के अनुसार रात 12:01 बजे से लागू होंगे। USTR की फैक्ट शीट के अनुसार, ये टैरिफ 10% से 12.5% ​​के बीच होंगे और अमेरिका के कुल व्यापार का लगभग 99.4% हिस्सा इनके दायरे में आएगा।

इन टैरिफ का असर चीन, भारत और यूरोपीय संघ जैसी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ेगा। अमेरिका ने भारत और 16 अन्य देशों से खरीदे गए सामान पर नए टैरिफ की दर 10% रखी है। अमेरिका, भारत का दूसरा सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर और निर्यात के लिए सबसे बड़ा गंतव्य है। वाणिज्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग 141 अरब अमेरिकी डॉलर का रहा। इसमें भारत से निर्यात का आंकड़ा 87.3 अरब अमेरिकी डॉलर रहा।

AFP की रिपोर्ट के अनुसार, जेमिसन ग्रीर का कहना है, "अमेरिका में लगभग एक सदी से जबरन मजदूरी से जुड़े आयात पर प्रतिबंध है और इसे सख्ती से लागू किया जाता है। अब समय आ गया है कि हमारे व्यापारिक साझेदार भी ऐसा ही करें।"


फरवरी में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिए थे कई टैरिफ

इस साल फरवरी में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के कई टैरिफ को रद्द कर दिया था। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने आयात पर 10 प्रतिशत टैरिफ फिर से लागू करने के लिए अलग-अलग अधिकारियों की मदद ली। लेकिन यह व्यवस्था केवल 150 दिनों के लिए थी और शुक्रवार को खत्म हो रही है। अब नए घोषित टैरिफ इसकी जगह लेंगे।

हालिया घोषणा के तहत, जिन अर्थव्यवस्थाओं ने जबरन मजदूरी से जुड़े आयात पर प्रतिबंध लागू किया है या ऐसा करने का वादा किया है, उन पर 10 प्रतिशत की कम दर लागू होगी। इनमें कनाडा, भारत, बांग्लादेश, पाकिस्तान और यूनाइटेड किंगडम समेत 17 देश शामिल हैं।

चीन, जापान पर 12.5 प्रतिशत का हाई टैरिफ

वहीं चीन, जापान, दक्षिण कोरिया और दर्जनों अन्य देशों पर 12.5 प्रतिशत का हाई टैरिफ लगाने का फैसला किया गया है। हालांकि EU, ताइवान, जापान, दक्षिण कोरिया और स्विट्जरलैंड को कुछ राहत मिलेगी, क्योंकि अमेरिका के साथ उनके पहले से व्यापार समझौते हैं। इस बीच, जिन सामानों पर पहले से ही सेक्टर-विशिष्ट टैरिफ लागू हैं जैसे कि स्टील और एल्युमीनियम, उन पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

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