जॉर्डन में अमेरिकी मिलिट्री बेस पर हुए हमलों के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच सीधी जारी जंग टालने की कोशिशें हो रही थीं, लेकिन अब हालात फिर से बेहद गंभीर होते दिखाई दे रहे हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर हुए हमलों का कड़ा जवाब दिया जाएगा। फॉक्स न्यूज़ से बातचीत में उन्होंने कहा, "हम ईरान के खिलाफ सख्त सैन्य कार्रवाई करेंगे।" ट्रंप ने दोहराया कि जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाए जाने के जवाब में अमेरिका ईरान पर हमला करेगा। इस हमले का जवाब पूरी ताकत के साथ दिया जाएगा।
ट्रंप ने ईरान को दी सीधी धमकी
बता दें कि, ट्रंप की तरह से ये चेतावनी ऐसे समय में आई है, जब ईरान ने जॉर्डन की ओर मिसाइलें दागीं। कुछ समय से अमेरिका और ईरान के बीच सीधी सैन्य टक्कर नहीं हुई थी, लेकिन इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव फिर बढ़ गया है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया कि उन्होंने कई बैलिस्टिक मिसाइलों से जॉर्डन में मौजूद एक अमेरिकी एयरबेस और अमेरिकी सेंट्रल कमांड के ठिकाने को निशाना बनाया। हालांकि, जॉर्डन की सेना का कहना है कि उसने ईरान की पांच मिसाइलों को रास्ते में ही मार गिराया। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने यह भी कहा कि जब तक ईरान की सुरक्षा को खतरा बना रहेगा, तब तक उनकी कार्रवाई जारी रहेगी।
जंग में अब सऊदी अरब की भी हुई एंट्री
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान से कुछ घंटे पहले अमेरिका और सऊदी अरब की सेनाओं ने इराक में ईरान स्पोर्टेड आर्मड ग्रुप के ठिकानों पर ज्वाइंट हवाई हमला किया। अमेरिकी सेना ने बताया कि इस कार्रवाई में ईरान समर्थित समूहों के हथियारों के भंडार और रसद (लॉजिस्टिक्स) से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया। वहीं, इराक के हशद अल-शाबी (पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज) ने दावा किया कि इन हमलों में बगदाद समेत सात प्रांतों में उसके कम से कम 20 सदस्य मारे गए। इस संगठन ने हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह एक सरकारी सुरक्षा बल के खिलाफ उठाया गया ऐसा कदम है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है।
सऊदी अरब ने कहा कि इराक में किए गए हवाई हमले उसके तेल ठिकानों पर ईरान समर्थित सशस्त्र समूहों के हमलों के जवाब में किए गए हैं। रियाद का कहना है कि इससे पहले उसने इन समूहों की ओर से भेजे गए ड्रोन भी मार गिराए थे।
होर्मुज को लेकर बढ़ा तनाव
इस बीच, होर्मुज स्ट्रेट को लेकर भी तनाव बना हुआ है। यह दुनिया के सबसे अहम तेल परिवहन मार्गों में से एक माना जाता है। ईरान अब भी इस क्षेत्र में अपनी सख्त निगरानी बनाए हुए है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया कि उन्होंने बुधवार को इस जलमार्ग में तीन तेल टैंकरों को रोका। साथ ही उन्होंने कहा कि इस रणनीतिक समुद्री रास्ते पर ईरान का पूरा नियंत्रण है। इन घटनाओं के बाद दुनिया भर में तेल की आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है, जिसका असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी देखने को मिला। इससे पहले भी होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव और सऊदी अरब के तेल निर्यात को लेकर दी गई धमकियों के कारण अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर दबाव बना हुआ था।