UN चीफ ने की पहलगाम हमले की निंदा, भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच संयुक्त राष्ट्र का बड़ा बयान

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा है कि, भारत और पाकिस्तान के बीच इस समय तनाव काफी बढ़ गया है और यह देखकर उन्हें दुख होता है। उन्होंने दोनों देशों की सरकारों और जनता के प्रति सम्मान और आभार जताया, खासकर संयुक्त राष्ट्र के शांति प्रयासों में उनके योगदान के लिए

अपडेटेड May 05, 2025 पर 9:51 PM
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पहलगाम हमले को लेकर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने बड़ा बयान दिया है।

पहलगाम हमले को लेकर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मैं पहलगाम हमले की फिर निंदा करता हूं। नागरिकों को निशाना बनाना स्वीकार्य नहीं है। हमले के दोषियों को कड़ी सजा मिला। वहीं भारत-पाकिस्तान तनाव को लेकर एंटोनियो गुटेरेस ने दोनों देशों से संयम बरतने का अपील की है। गुटेरेस ने कहा कि भारत-पाकिस्तान सैन्य टकराव से बचे क्योंकि इससे कोई हल नहीं निकलेगा।

पहलगाम हमले पर कही ये बात

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा है कि, भारत और पाकिस्तान के बीच इस समय तनाव काफी बढ़ गया है और यह देखकर उन्हें दुख होता है। उन्होंने दोनों देशों की सरकारों और जनता के प्रति सम्मान और आभार जताया, खासकर संयुक्त राष्ट्र के शांति प्रयासों में उनके योगदान के लिए। गुटेरेस ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की और पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने कहा कि निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाना पूरी तरह अस्वीकार्य है और दोषियों को न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए।


सैन्य टकराव से बचने की सलाह

उन्होंने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की और कहा कि सैन्य टकराव किसी भी स्थिति में समाधान नहीं हो सकता। इस समय शांति और बातचीत की जरूरत है, न कि टकराव की। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने कहा कि वे भारत और पाकिस्तान के साथ लगातार संपर्क में हैं और उनका संदेश यही है कि कूटनीति और बातचीत के जरिए ही शांति की ओर बढ़ा जा सकता है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र किसी भी पहल का समर्थन करने के लिए तैयार है जो तनाव को कम करने और शांति कायम करने में मदद करे।

22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में आतंकियों ने दर्जनों पर्यटकों पर गोलियां चला दीं, जिसमें 26 लोगों की मौत हो गई। यह हमला 2019 में अनुच्छेद 370 हटने के बाद से घाटी में सबसे बड़ा और खतरनाक हमला था। इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के सहयोगी ग्रुप द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली है। इसके बाद भारत ने पाकिस्तान के साथ अपने कूटनीतिक रिश्तों में कमी करने का फैसला लिया।

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