ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत के लिए पाकिस्तान को अपना नया प्रस्ताव भेजा है। लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वो ईरान के नए प्रस्ताव से संतुष्ट नहीं हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह ईरान की तरफ से आए नए बातचीत प्रस्ताव से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि कई हफ्तों से सीजफायर लागू होने के बावजूद शांति वार्ता अभी भी आगे नहीं बढ़ पा रही है।
अमेरिका के रवैया से ईरान नाखुश
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के मुताबिक, ईरान ने यह प्रस्ताव पाकिस्तान के जरिए भेजा, लेकिन प्रस्ताव में क्या बातें शामिल हैं, इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई। मीडिया से बातचीत में ट्रंप ने कहा, “इस समय ईरान जो प्रस्ताव दे रहा है, उससे मैं खुश नहीं हूं।” उन्होंने बातचीत में आ रही रुकावट के लिए ईरानी नेतृत्व के अंदर मौजूद बड़े मतभेदों को जिम्मेदार बताया। ट्रंप ने आगे कहा, “क्या हम उन पर बड़ा हमला करके उन्हें पूरी तरह खत्म करना चाहते हैं, या फिर किसी समझौते तक पहुंचने की कोशिश करना चाहते हैं?” उन्होंने कहा कि मानवीय आधार पर वह पहले विकल्प को पसंद नहीं करेंगे।
इसी बीच ईरान की सेना ने आशंका जताई है कि उनके देश के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के हमले फिर शुरू हो सकते हैं। सेना ने यह भी कहा है कि "सबूत दिखाते हैं कि अमेरिका किसी भी समझौते या संधि के प्रति प्रतिबद्ध नहीं है।" ईरान के सेना हेडक्वार्टर के चीफ मोहम्मद जाफर असदी ने कहा कि अमेरिका किसी भी समझौते या डील को लेकर ईमानदार नहीं है। इसके अलावा उन्होंने कहा है कि अमेरिका के बयान मीडिया के हिसाब से दिए जा रहे हैं। इनका मकसद सिर्फ तेल की कीमतों की गिरावट को रोकना है. इससे तेल को लेकर जो हालात बने हैं, उनसे बाहर निकलना है।
ईरान के सेना हेडक्वार्टर के चीफ मोहम्मद जाफर असदी ने आगे चेताते हुए कहा है कि ईरान की सेना पूरी तरह से अलर्ट है। किसी भी निपटने में तेहरान की सेना सक्षम है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि अमेरिका की किसी भी नई हरकत और मूर्खता का जवाब देने के लिए हम और हमारी सेना पूरी तरह तैयार है।