US-Iran War Update: ईरान पर अमेरिकी हवाई हमले तेज! पुल, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट को बनाया निशाना, ट्रंप की चेतावनी के बाद बढ़ा तनाव

US-Iran War Update: ईरान के सरकारी मीडिया ने शुक्रवार 17 जुलाई को बताया कि अमेरिकी हमलों में दक्षिणी ईरान में एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और पुलों जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया गया है। अमेरिकी सेना ने तेहरान के खिलाफ लगातार छठी रात हमले किए हैं

अपडेटेड Jul 17, 2026 पर 8:58 AM
US-Iran War Update: अमेरिका ने ईरान पर अब हमले तेज कर दिए हैं। अमेरिकी सेना ने पुल, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट को टारगेट किया है

US-Iran War Update: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार (17 जुलाई) को अमेरिका ने लगातार छठी रात ईरान पर हवाई हमले किए। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, इस बार हमलों का निशाना दक्षिणी ईरान का महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर बना, जिसमें एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, पुल और संचार सुविधाएं शामिल हैं।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बयान जारी कर कहा कि इन हमलों का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को और कमजोर करना था। हालांकि, ईरानी मीडिया का दावा है कि हमलों में परिवहन नेटवर्क, संचार व्यवस्था और कुछ नागरिक क्षेत्रों को भी नुकसान पहुंचा है।

एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और पुलों पर हमले


ईरानी सरकारी मीडिया IRIB के मुताबिक, दक्षिण-पूर्वी ईरान स्थित इरानशहर एयरपोर्ट के पास जोरदार धमाके हुए। अमेरिकी मिसाइल ने एयरपोर्ट परिसर को निशाना बनाया। वहीं, 'तस्नीम न्यूज' एजेंसी ने दावा किया कि अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने एयरपोर्ट पर मिसाइल हमला किया।

बंदर अब्बास शहर में स्थित रेलवे जंक्शन स्टेशन पर भी हमला होने की खबर है। 'मेहर' न्यूज एजेंसी के अनुसार, इस हमले में रेलवे के दो कर्मचारी घायल हो गए। इसके अलावा, होर्मोजगान प्रांत के बंदर खमीर के पास दो पुलों पर भी हमले किए गए।

स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, इन हमलों में दो लोगों की मौत हो गई। जबकि चार अन्य घायल हुए हैं। नुकसान के बाद बंदर अब्बास, खमीर और लार को जोड़ने वाले प्रमुख सड़क मार्गों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया।

कई इलाकों में धमाके, बिजली प्रभावित

ईरानी मीडिया के अनुसार, क़ेश्म द्वीप, बुशेहर और अहवाज समेत दक्षिणी ईरान के कई हिस्सों में भी विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। तस्नीम न्यूज एजेंसी ने बताया कि बंदर अब्बास में एक मोबाइल टावर भी हमले की चपेट में आया, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित हुई और सात लोग घायल हो गए।

ट्रंप ने पहले ही दी थी चेतावनी

इन हमलों से दो दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि यदि ईरान बातचीत की मेज पर नहीं लौटता, तो अमेरिका उसके अहम इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा। 'फॉक्स न्यूज' को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका ईरान के बिजली प्लाटों और पुलों पर भी हमला कर सकता है। उन्होंने कहा, "अगले हफ्ते हालात उनके लिए और खराब होंगे। हम उनके बिजली प्लाटं और पुलों को तबाह कर देंगे, यदि वे बातचीत के लिए तैयार नहीं होते।"

लगातार छठी रात कार्रवाई

शुक्रवार के हमलों के साथ ही अमेरिका ने लगातार छठी रात ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान जारी रखा है। इस घटनाक्रम के बाद मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है।

ईजब अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू किया था, तब तेहरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को समुद्री ट्रैफिक के लिए प्रभावी रूप से बंद कर दिया था। इस कदम से तेल, उर्वरक और कई अन्य वस्तुओं की कीमतें न केवल क्षेत्र में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी तेजी से बढ़ गई थीं। इससे वार्ता में ईरान की स्थिति मजबूत हो गई। अमेरिकी जनता को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि युद्ध में अमेरिका का पलड़ा भारी है।

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