Operation Hard Ball: अमेरिका ने भारत से जुड़े 3 क्राइम नेटवर्क पर कसा शिकंजा! 24 गिरफ्तार, लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम निज्जर हत्याकांड से जोड़ा
Operation Hard Ball: अमेरिका, कनाडा और यूरोपीय एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई में 24 आरोपी गिरफ्तार हुए हैं। उनके पास से 1,000 किलोग्राम कोकीन, हथियार और नकदी बरामद हुआ है। अमेरिकी अभियोग में पहली बार लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ पर हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की साजिश का आरोप लगाया है
Operation Hard Ball: अमेरिका ने लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ पर निज्जर हत्याकांड की साजिश रचने का आरोप लगाया है
Operation Hard Ball Update: अमेरिका, कनाडा और यूरोप की एजेंसियों ने संयुक्त अभियान 'ऑपरेशन हार्ड बॉल' (Operation Hard Ball) के तहत भारत से जुड़े तीन अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान में कुल 24 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जबकि 37 लोगों के खिलाफ संघीय स्तर पर आरोपपत्र (इंडाइटमेंट) दाखिल किए गए हैं। आरोपियों पर हत्या, रंगदारी, ड्रग्स की तस्करी, हथियारों की अवैध खरीद-फरोख्त और अंतरराष्ट्रीय आपराधिक साजिशों जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
इस कार्रवाई का सबसे बड़ा पहलू यह है कि अमेरिकी अभियोग में पहली बार जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके करीबी सहयोगी गोल्डी बराड़ का नाम 18 जून 2023 को कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के सरे शहर में खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या से जोड़ा गया है। यह पूरा मामला अमेरिकी संघीय अभियोग (Federal Indictments) में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। इन आरोपों पर अंतिम निर्णय अदालत की सुनवाई और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा। फिलहाल संबंधित आरोपियों को कानून के तहत निर्दोष माना जाएगा, जब तक अदालत उन्हें दोषी सिद्ध नहीं करती।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम निज्जर हत्याकांड से जोड़ा
अमेरिका ने भारत की जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके सहयोगी सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ पर कनाडा में सिख अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है। लॉस एंजिलिस की एक अदालत में मंगलवार को पेश आरोपपत्र के अनुसार, लॉरेंस बिश्नोई ने तीन वर्ष पहले 18 जून को कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के सरे शहर में एक गुरुद्वारे के बाहर हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की साजिश रची थी।
अदालत के दस्तावेजों में निज्जर का उल्लेख 'एच.एस.एन.' के रूप में किया गया है। अमेरिकी अभियोग के अनुसार, 33 वर्षीय लॉरेंस बिश्नोई भारत की जेल में रहते हुए कथित तौर पर तस्करी से पहुंचाए गए मोबाइल फोन और एन्क्रिप्टेड संचार माध्यमों के जरिए अपने आपराधिक नेटवर्क का संचालन करता था।
24 अरेस्ट
'ऑपरेशन हार्डबॉल' नाम से चलाए गए संयुक्त अभियान के तहत अमेरिका, कनाडा और यूरोप की कानून प्रवर्तन एजेंसी 24 लोगों को पकड़ चुकी है। इनमें 11 गिरफ्तारियां कैलिफोर्निया में हुई हैं। अधिकारियों के अनुसार, ये सभी भारत से संचालित तीन अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध गिरोहों से जुड़े हैं। इन गिरोहों पर निज्जर की हत्या समेत हत्या, जबरन वसूली, मादक पदार्थों की तस्करी और अन्य कई गंभीर अपराधों के आरोप हैं।
लॉस एंजिलिस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिका के प्रथम सहायक अटॉर्नी बिल एसायली ने कहा, "ये आपराधिक गिरोह चाहे कहीं भी सक्रिय हों, अमेरिका, कनाडा, यूरोप और एशिया की कानून प्रवर्तन एजेंसियां मिलकर इनके खिलाफ कार्रवाई करेंगी और उनके नेटवर्क को ध्वस्त करेंगी। ये अपराधी दुनिया के किसी भी कोने में छिप नहीं पाएंगे।"
लॉरेंस बिश्नोई के प्रत्यर्पण की मांग करेगा अमेरिका
मीडिया रिपोर्ट मुताबिक, कनाडा के पुलिस प्रमुख ने दावा किया है अमेरिका जल्दी ही भारत से गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के प्रत्यर्पण की मांग करेगा। बिश्नोई पर हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का आरोप है। वह अभी भारत में जेल में बंद है। इसके अलावा अमेरिकी अधिकारियों ने भी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अमेरिका, भारत से उन लोगों के प्रत्यर्पण की मांग करेगा जिन पर आरोप तय किए गए हैं।
US to seek extradition of those who have been indicted from India, say US officials pic.twitter.com/Fzklwq2tjB
Breaking: America will seek gangster Lawrence Bishnoi's extradition from India where he is currently imprisoned after charging him with the assassination of Hardeep Singh Nijjjar, says Canada's police chief pic.twitter.com/igMqCXKNUw — Shashank Mattoo (@MattooShashank) July 8, 2026
निज्जर की हत्या के बाद भारत और कनाडा के संबंधों में खटास
निज्जर की हत्या के बाद भारत और कनाडा के द्विपक्षीय संबंधों में खटास आ गई थी। कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने इस हत्या के पीछे भारत सरकार की भूमिका होने का आरोप लगाया था। भारत ने इन आरोपों को बेबुनियाद और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए खारिज कर दिया था।
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई कई वर्षों तक चली संघीय जांच का नतीजा है जिसमें भारत से संचालित अपराध गिरोह की गतिविधियों की पड़ताल की गई। जांच में सामने आया कि ये गिरोह जबरन वसूली, सुनियोजित हत्याओं, गोलीबारी, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मादक पदार्थों की तस्करी और अन्य संगठित अपराधों में शामिल रहे हैं।
भारतीय समेत 37 लोगों को आरोपी बनाया गया
मंगलवार को पेश किए गए तीन अलग-अलग आरोपपत्रों में कुल 37 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें दो ऐसे आरोपी भी शामिल हैं, जो भारत की जेलों में बंद रहते हुए अपने अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क का संचालन कर रहे थे। अमेरिका में गिरफ्तार किए गए लोगों में 11 को कैलिफोर्निया, एक को इंडियाना और एक को जॉर्जिया से पकड़ा गया है। इन सभी को बुधवार को संघीय अदालत में पेश किया जा सकता है।
इसके अलावा, तीन आरोपियों को कनाडा और एक को स्पेन में गिरफ्तार किया गया है। जबकि सात आरोपी पहले से ही हिरासत में हैं। जांच एजेंसियां अभी 10 फरार आरोपियों की तलाश कर रही हैं। इनमें सात अमेरिका, दो भारत और एक यूरोप में बताए गए हैं। लॉरेंस बिश्नोई पहले से ही भारत की जेल में बंद है। जबकि उसका सहयोगी गोल्डी बराड़ अब भी फरार है।
क्या है 'ऑपरेशन हार्ड बॉल'?
'ऑपरेशन हार्ड बॉल' अमेरिका, कनाडा और यूरोप की एजेंसियों द्वारा चलाया गया एक समन्वित अभियान है। इसका उद्देश्य सीमाओं से परे संचालित संगठित अपराध नेटवर्क को खत्म करना था। जांच के दौरान कैलिफोर्निया, ब्रिटिश कोलंबिया और अन्य स्थानों पर दर्जनों छापेमारी की गई। इस दौरान एजेंसियों ने करीब 1,000 किलोग्राम कोकीन, एक किलोग्राम हेरोइन, एक दर्जन से अधिक हथियार और भारी मात्रा में नकदी बरामद की।
अमेरिका के कैलिफोर्निया, इंडियाना और जॉर्जिया में कई गिरफ्तारियां हुईं। जबकि कनाडा की रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) ने तीन लोगों को अमेरिका प्रत्यर्पण के लिए हिरासत में लिया। स्पेन में भी एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। जबकि 10 आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं।
प्रवासी भारतीयों से रंगदारी वसूलने का आरोप
अभियोजन के अनुसार, यह गिरोह सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर अमेरिका और कनाडा में रहने वाले संपन्न भारतीय मूल के लोगों को धमकाता था। पैसे नहीं देने पर गंभीर हिंसा की धमकियां दी जाती थीं और करोड़ों रुपये की रंगदारी वसूली जाती थी।
जग्गू भगवानपुरिया गैंग भी जांच के दायरे में
दूसरे अभियोग में जेल में बंद गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के नेतृत्व वाले एक अलग अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का उल्लेख किया गया है। जांच एजेंसियों का दावा है कि इस नेटवर्क के दुनिया भर में 1,000 से अधिक सहयोगी हैं। इस गिरोह पर ड्रग्स तस्करी, हथियारों की सप्लाई, सुपारी लेकर हत्या और फर्जी शिकायतों के जरिए लोगों को फंसाकर रंगदारी वसूलने जैसे आरोप लगाए गए हैं। जांच के मुताबिक, यह नेटवर्क पंजाब से लेकर अमेरिका के ओहायो तक अपने प्रभाव का इस्तेमाल करता था।
ड्रग्स तस्करी का विशाल नेटवर्क उजागर
तीसरे अभियोग में कनाडा के वैंकूवर निवासी रविंदर सिंह ढांडा के नेतृत्व वाले ड्रग्स नेटवर्क का खुलासा किया गया है। जांच के अनुसार, यह गिरोह हर सप्ताह सैकड़ों किलोग्राम कोकीन और मेथामफेटामिन अमेरिका से कनाडा पहुंचाता था। इसके लिए लंबी दूरी तय करने वाले ट्रकों और व्यावसायिक वाहनों का इस्तेमाल किया जाता था।
International crackdown on India-based organized crime gangs results in 24 arrests in U.S., Canada, and Europe https://t.co/MGFQzJAp6F — US Attorney L.A. (@USAO_LosAngeles) July 7, 2026
दोषी पाए जाने पर उम्रकैद तक की सजा संभव
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, आरोप सिद्ध होने पर इन मामलों में दोषियों को कम से कम 10 साल की सजा से लेकर उम्रकैद तक हो सकता है। जांच एजेंसियों का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य केवल गिरफ्तारियां करना नहीं। बल्कि उन अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क को तोड़ना है जो विभिन्न देशों में भय और हिंसा के जरिए अपना प्रभाव बढ़ा रहे थे।