Gautam Adani US Case: गौतम अडाणी को अमेरिकी अदालत से बड़ी राहत! सभी क्रिमिनल मामले खारिज, बोले- 'सत्य और न्याय की हुई जीत'

US Court Dismisses Charges Against Gautam Adani: यह मामला नवंबर 2024 में दर्ज हुआ था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि अडाणी ग्रीन एनर्जी को सौर ऊर्जा आपूर्ति के ठेके दिलाने के लिए भारतीय अधिकारियों को रिश्वत देने की कोशिश की गई और अमेरिकी निवेशकों को गुमराह किया गया। हालांकि, अमरीकी न्याय विभाग ने समीक्षा के बाद मामले को आगे न बढ़ाने का फैसला किया

अपडेटेड Aug 11, 2026 पर 10:09 AM
अदालत के इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए गौतम अडाणी ने सोशल मीडिया पर खुशी जाहिर की

Gautam Adani US Court Case: अडाणी समूह के चेयरमैन गौतम अडाणी, उनके भतीजे सागर अडाणी और अन्य अधिकारियों के लिए अमरीका से बहुत बड़ी कानूनी राहत की खबर आई है। न्यूयॉर्क की अमरीकी जिला अदालत ने गौतम अडाणी और उनके सहयोगियों के खिलाफ दर्ज सभी आपराधिक मामलों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है।

अमेरिकी न्याय विभाग (DoJ) द्वारा केस वापस लेने की याचिका को स्वीकार करते हुए जज निकोलस गारौफिस ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए गौतम अडाणी ने सोशल मीडिया पर खुशी जाहिर की और कहा कि उनका सत्य, निष्पक्षता और न्याय प्रणाली में विश्वास हमेशा अटूट रहा है।

'सत्य और कानून के शासन में अटूट विश्वास'


अमेरिकी कोर्ट का फैसला आने के बाद गौतम अडाणी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी बात रखी। उन्होंने लिखा, 'मैं नम्रता और न्यायिक प्रक्रिया के प्रति गहरे सम्मान के साथ अमरीकी अदालत के इस फैसले का स्वागत करता हूं। इस पूरे कठिन दौर के दौरान सत्य, निष्पक्षता और कानून के शासन में हमारा विश्वास अटूट रहा। मैं उन सभी लोगों का दिल से आभार व्यक्त करता हूं जिन्होंने हम पर, हमारी प्रणाली पर और भारत की न्याय करने की क्षमता पर भरोसा नहीं खोया। हम देश के निर्माण और एक बड़े उद्देश्य की सेवा में अपना योगदान जारी रखेंगे। जय हिंद।'

अदालत ने क्यों खारिज किया मामला?

यह मामला नवंबर 2024 में दर्ज हुआ था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि अडाणी ग्रीन एनर्जी को सौर ऊर्जा आपूर्ति के ठेके दिलाने के लिए भारतीय अधिकारियों को रिश्वत देने की कोशिश की गई और अमेरिकी निवेशकों को गुमराह किया गया। हालांकि, अमरीकी न्याय विभाग ने समीक्षा के बाद मामले को आगे न बढ़ाने का फैसला किया।

अमरीकी न्याय विभाग ने कोर्ट को बताया कि यह मामला मुख्य रूप से भारत से जुड़ा है। इसमें भारतीय नागरिक, भारतीय बिजली सौदे और भारत में हुए कथित घटनाक्रम शामिल थे। इसलिए अमरीका का 'ग्लोबल पुलिस' की तरह काम करना सही नहीं है।

निवेश मीडिया में ऐसी खबरें थीं कि अडाणी समूह के अमरीका में 10 अरब डॉलर के निवेश के वादे के कारण केस हटाया जा रहा है। हालांकि, जज ने स्पष्ट किया कि DoJ का यह फैसला किसी निवेश सौदेबाजी से प्रभावित नहीं था।

DoJ ने यह स्वीकार किया कि सिक्योरिटीज फ्रॉड के ये आरोप कानूनी रूप से बेहद कमजोर थे और इन्हें लाया ही नहीं जाना चाहिए था।

अडाणी समूह के लिए क्या हैं इसके मायने?

हमेशा के लिए बंद हुआ केस: कोर्ट ने मामले को 'Dismissed with prejudice' के तहत खारिज किया है, जिसका अर्थ है कि भविष्य में इन्हीं आरोपों पर इस केस को दोबारा शुरू या दर्ज नहीं किया जा सकता।

पिछले दो सालों से अडाणी समूह के शेयरों और कॉर्पोरेट छवि पर अमरीकी जांच की वजह से जो अनिश्चितता बनी हुई थी, वह अब पूरी तरह खत्म हो गई है। अडाणी समूह ने यूएस सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) के साथ चल रहे नागरिक मामलों को भी बिना कोई दोष स्वीकार किए आपसी सहमति से सुलझा लिया है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।