US Iran Ultimatum Strait of Hormuz: मिडिल ईस्ट में जारी महायुद्ध के बीच एक बाद अपडेट सामने आया है। अमेरिका ने ईरान को 24 घंटे की सख्त डेडलाइन दी है। US ने ईरान को सार्वजनिक रूप से यह घोषणा करने को कहा है कि वह रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' के समुद्री रास्ते को खुला रखेगा और कमर्शियल जहाजों पर हो रहे हमलों को तुरंत रोकेगा।
'एक्सियोस' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, वाशिंगटन ने ईरान को सीधे शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर वह इस अल्टीमेटम को नहीं मानता है, तो उसे इसके 'गंभीर परिणाम' भुगतने होंगे और अमेरिकी सेना किसी भी सैन्य कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है। आइए जानते हैं अमेरिका और ईरान के बीच छिड़े इस नए विवाद की पूरी इनसाइड स्टोरी क्या है।
'कल का दिन उनके लिए अच्छा नहीं होगा'
अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान तक यह कड़ा संदेश सीधे तौर पर और क्षेत्र के मध्यस्थ देशों के जरिए पहुंचा दिया गया है। एक अमेरिकी अधिकारी ने बेहद सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा, 'अगर कल तक ईरान अपना रुख साफ नहीं करता है, तो कल का दिन उनके लिए बिल्कुल भी अच्छा नहीं रहने वाला है।' अमेरिकी प्रशासन चाहता है कि ईरान दुनिया के सामने सार्वजनिक रूप से यह ऐलान करे कि होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाला व्यापार पूरी तरह सुरक्षित रहेगा।
एक अन्य अधिकारी ने कहा, 'हम चाहते हैं कि वे सार्वजनिक रूप से कहें कि वे जहाजों पर गोलीबारी बंद करेंगे और प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से यह स्वीकार करेंगे कि उन्होंने बहुत बड़ी गलती की है।' इसके साथ ही अमेरिका चाहता है कि ईरान यह भी घोषित करे कि इस समुद्री रास्ते से गुजरने वाले सभी जहाजों के लिए यह चैनल पूरी तरह 'टोल-फ्री' रहेगा।
समझौते के उल्लंघन का आरोप: पहले भी हो चुकी है एयरस्ट्राइक
अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि ईरान ने पिछले महीने हुए आपसी सहमति पत्र का खुलेआम उल्लंघन किया है। ईरान द्वारा लगातार कमर्शियल और व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाए जाने के बाद ही अमेरिका दो बार ईरान पर जवाबी हवाई हमले कर चुका है। अमेरिका का कहना है कि डिप्लोमेसी फेल होने की सूरत में उसके पास प्लान-बी तैयार है।
ओमान में आज होने वाली बैठक पर टिकी दुनिया की नजरें
इस भयंकर तनाव के बीच शनिवार, 11 जुलाई को ओमान की राजधानी मस्कट में एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची शनिवार को ओमान की यात्रा पर पहुंच रहे हैं। ओमान और ईरान के अधिकारियों के बीच होने वाली इस बातचीत का मुख्य फोकस होर्मुज जलमार्ग और वहां जहाजों की सुरक्षा ही है।
अमेरिका को उम्मीद है कि इस बैठक के दौरान ओमान के दबाव में आकर तेहरान 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' के जरिए फ्री नेविगेशन को फिर से बहाल करने पर सहमत हो जाएगा। ईरानी सरकारी मीडिया ने भी इस दौरे की पुष्टि करते हुए इसे पिछले दो महीनों से ओमान के साथ चल रही बातचीत का ही हिस्सा बताया है।
क्यों पूरी दुनिया के लिए आफत है 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' का बंद होना?
'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण 'ऑयल चोकपॉइंट' कहा जाता है।दुनिया के कुल तेल और गैस सप्लाई का लगभग 20% इसी पतले समुद्री रास्ते से होकर गुजरता है। सऊदी अरब, यूएई, कुवैत और इराक जैसे देश इसी रास्ते से दुनिया को कच्चा तेल भेजते हैं।