US-Iran War : जारी है जंग! अमेरिका ने ईरान पर फिर किया हमला, जवाब में IRGC ने इस US बेस पर दागी मिसाइलें

US-Iran War : अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि मिसाइलों का पता लॉन्च होते ही लगा लिया गया था। इसके बाद उन्हें हवा में ही नष्ट कर दिया गया। सेंटकॉम के अनुसार, इस घटना में किसी भी अमेरिकी सैनिक को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है और सभी जवान सुरक्षित हैं

अपडेटेड Jun 01, 2026 पर 10:31 PM
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अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की उम्मीदों को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है।

US-Iran War : अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की उम्मीदों को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। सीजफार के बीच दोनों देशों ने एक-दूसरे पर नए हमले किए हैं। अमेरिकी सेना ने सोमवार को बताया कि उसने कुवैत में तैनात अपने सैनिकों को निशाना बनाकर दागी गई दो ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराया। यह घटना रविवार देर रात हुई। खास बात यह है कि यह हमला ऐसे समय में हुआ जब अमेरिका और ईरान के बीच पहले से युद्धविराम लागू है, जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है।

IRGC ने इस US बेस पर दागी मिसाइलें

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि मिसाइलों का पता लॉन्च होते ही लगा लिया गया था। इसके बाद उन्हें हवा में ही नष्ट कर दिया गया। सेंटकॉम के अनुसार, इस घटना में किसी भी अमेरिकी सैनिक को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है और सभी जवान सुरक्षित हैं।


अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने बताया कि रविवार रात करीब 11 बजे कुवैत में तैनात अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाकर दागी गई दो ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों को सफलतापूर्वक रोक लिया गया। सेंटकॉम के अनुसार, मिसाइलों का पता लगते ही उन्हें तुरंत नष्ट कर दिया गया। इस घटना में किसी भी अमेरिकी सैनिक को चोट नहीं पहुंची और सभी जवान सुरक्षित हैं। सेंटकॉम ने अपने बयान में कहा कि अमेरिकी सेना पूरी तरह सतर्क है और क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। साथ ही, अमेरिका मौजूदा युद्धविराम का समर्थन करते हुए अपनी सेना और ठिकानों को किसी भी संभावित ईरानी हमले से सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक कदम उठाता रहेगा।

यह घटना ऐसे समय में सामने आई जब कुवैत ने भी मिसाइल और ड्रोन हमले की जानकारी दी। कुवैती सेना के मुताबिक, देश की हवाई सुरक्षा प्रणालियों ने इन खतरों का समय रहते पता लगा लिया और उन्हें सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया। कुवैती सेना के जनरल स्टाफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि लोगों को जो धमाकों की आवाजें सुनाई दीं, वे हवाई रक्षा प्रणाली द्वारा दुश्मन के हमलों को रोकने की कार्रवाई का हिस्सा थीं। कुवैत की सरकारी समाचार एजेंसी 'कूना' के अनुसार, हमलों के दौरान पूरे देश में हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन बजने लगे थे। इससे कुछ समय के लिए लोगों में चिंता का माहौल बन गया, हालांकि सुरक्षा बलों ने स्थिति को नियंत्रण में होने की बात कही है।

हमलों के बाद कुवैत के विदेश मंत्रालय ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और कहा कि वह इन हमलों की निंदा करता है। मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि इन घटनाओं के लिए वह ईरान को पूरी तरह जिम्मेदार मानता है। वहीं, ईरान का कहना है कि उसने पहले अपनी सैन्य ठिकानों पर हुए अमेरिकी हमलों के जवाब में एक अमेरिकी हवाई अड्डे को निशाना बनाया था। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए युद्धविराम लागू है। ताजा घटनाक्रम ने एक बार फिर पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अस्थिरता को उजागर कर दिया है। अमेरिका और ईरान दोनों एक-दूसरे पर युद्धविराम का उल्लंघन करने के आरोप लगा रहे हैं। ऐसे में क्षेत्र में बड़े संघर्ष को रोकने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर भी दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है।

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