US-Iran-Israel War: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फिर से ईरान पर हमले की तैयारी कर रहे हैं। ट्रंप ईरान के अंदर सीमित सैन्य हमलों पर विचार कर रहे हैं। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका की नौसेना आज यानी 13 अप्रैल से होर्मुज स्ट्रेट में ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी शुरू करेगी। पाकिस्तानी की राजधानी इस्लामाबाद में हुई शांति वार्ता में कोई समझौता न हो पाने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि अमेरिकी नौसेना होर्मुज स्ट्रेट में एंट्री करने या उससे बाहर निकलने की कोशिश करने वाले सभी जहाजों की नाकाबंदी की प्रक्रिया शुरू करेगी।
'वॉल स्ट्रीट जर्नल' की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप शांति वार्ता में गतिरोध तोड़ने के लिए ईरान पर सीमित सैन्य हमले फिर शुरू करने पर विचार कर रहे हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अमेरिका फुल-स्केल बमबारी भी कर सकता है। लेकिन फिलहाल इसकी संभावना कम मानी जा रही है।
ईरान कर सकता है जवाबी हमला
विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान पर अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी एक बड़ा और अनिश्चितकालीन सैन्य अभियान है। इससे तेहरान की ओर से नए सिरे से जवाबी कार्रवाई शुरू हो सकती है। इसके बाद पहले से ही नाज़ुक चल रहे संघर्ष-विराम पर भारी दबाव पड़ सकता है।
ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "कल सुबह 10 बजे (स्थानीय टाइम) से नाकेबंदी लागू होगी। अन्य देश भी इसमें शामिल हो रहे हैं, ताकि ईरान तेल बेच न सके और यह बहुत प्रभावी होगा।" रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रंप और उनके सलाहकारों ने इस्लामाबाद में ईरान के साथ बातचीत विफल होने के कुछ घंटों बाद समुद्री नाकेबंदी को लागू करने के साथ-साथ टारगेटेड हमलों को फिर से शुरू करने के विकल्प पर चर्चा की।
वार्ता विफल होने पर क्या बोले ट्रंप?
WSJ की रिपोर्ट के अनुसार, नाकेबंदी के साथ-साथ हमलों पर विचार करना अमेरिकी रणनीति में एक बदलाव का संकेत है। डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को दावा किया कि सभ्यता को खत्म करने की धमकी देने के बाद ईरान वार्ता की मेज पर आया, जो फिलहाल असफल हो गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों देश फिर बातचीत की मेज पर लौटेंगे।
ट्रंप ने 'फॉक्स न्यूज' से कहा, "मैं आपको बता दूं, उस बयान ने उन्हें बातचीत की मेज पर ला खड़ा किया, और अब वे बातचीत की मेज से उठ चुके हैं। मेरा अनुमान है कि वे वापस आएंगे और हमें वह सब कुछ दे देंगे जो हम चाहते हैं।" ट्रंप ने 7 अप्रैल को धमकी दी थी कि अगर ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को नौवहन के लिए नहीं खोला अमेरिकी सेना ईरान की पूरी सभ्यता को नष्ट कर देगी , जहां से दुनिया का 20 प्रतिशत तेल व्यापार होता है।
ट्रंप ने रविवार को अपनी टिप्पणियों को सही ठहराने की कोशिश करते हुए कहा कि ईरान लगभग हर दूसरे दिन डेथ टू अमेरिका (अमेरिका मुर्दाबाद) के नारे लगाता रहा है। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को इस्लामाबाद में ईरानी वार्ताकारों के साथ शांति वार्ता की।
अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में 21 घंटे तक चली शांति वार्ता विफल रही, जिसके बाद दो सप्ताह के लिए लागू युद्धविराम के भविष्य पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। दोनों पक्ष वार्ता के विफल होने के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराने की कोशिश कर रहे हैं।
वेंस ने जोर देकर कहा कि ईरान परमाणु हथियार छोड़ने के लिए तैयार नहीं है। समझौते पर न पहुंच पाने से वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर करने के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की संभावना धूमिल हो गई है। अमेरिका अब ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान फिर से शुरू करेगा।