US Iran Peace Talk: 'जल्दबाजी में डील नहीं होगी, समझौते में गलती की कोई गुंजाइश नहीं' ईरान के साथ शांति वार्ता पर बोले डोनाल्ड ट्रंप

US Iran Talk: अपनी पोस्ट में ट्रंप ने साल 2015 में बराक ओबामा सरकार के दौरान ईरान के साथ हुए पुराने परमाणु समझौते पर जमकर भड़ास निकाली। ट्रंप ने उसे "अब तक का सबसे घटिया समझौता" बताते हुए कहा कि ओबामा प्रशासन की उस गलती ने ईरान के लिए परमाणु बम बनाने का रास्ता खोल दिया था

अपडेटेड May 24, 2026 पर 9:17 PM
Story continues below Advertisement
US Iran Peace Talk: 'जल्दबाजी में डील नहीं होगी, समझौते में गलती की कोई गुंजाइश नहीं' ईरान के साथ शांति वार्ता पर बोले डोनाल्ड ट्रंप

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रही शांति वार्ता को लेकर अपने अधिकारियों को बड़ा निर्देश दिया है। मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए हो रही इस बातचीत पर ट्रंप ने कहा है कि अधिकारी फूंक-फूंक कर कदम बढ़ाएं, बातचीत में "कोई गलती नहीं होनी चाहिए" और किसी भी तरह की "जल्दबाजी में समझौता न किया जाए"।

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक लंबी पोस्ट लिखकर अपनी रणनीति साफ की। उन्होंने इस बात पर सबसे ज्यादा जोर दिया कि ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार बनाने या हासिल करने की इजाजत नहीं दी जा सकती।


ट्रंप ने लिखा, "दोनों पक्षों को अपना पूरा समय लेना चाहिए और सही नतीजे पर पहुंचना चाहिए। इस बातचीत में गलती की कोई गुंजाइश नहीं है!"

यह बयान ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय मीडिया में खबरें चल रही हैं कि मिडिल ईस्ट में जारी जंग को रोकने के लिए एक बड़ा समझौता बिल्कुल करीब है।

ओबामा जमाने की डील को बताया "सबसे घटिया"

अपनी पोस्ट में ट्रंप ने साल 2015 में बराक ओबामा सरकार के दौरान ईरान के साथ हुए पुराने परमाणु समझौते पर जमकर भड़ास निकाली। ट्रंप ने उसे "अब तक का सबसे घटिया समझौता" बताते हुए कहा कि ओबामा प्रशासन की उस गलती ने ईरान के लिए परमाणु बम बनाने का रास्ता खोल दिया था।

इसके उलट, ट्रंप ने अपने मौजूदा प्रशासन की तारीफ करते हुए कहा कि इस बार बातचीत बहुत "व्यवस्थित और सकारात्मक तरीके से" आगे बढ़ रही है। उन्होंने साफ कर दिया कि जब तक पूरी डील पक्की नहीं हो जाती, तब तक ढील नहीं दी जाएगी। ट्रंप ने कहा, "जब तक एक सही समझौता बनकर तैयार नहीं हो जाता, उस पर मुहर नहीं लग जाती और साइन नहीं हो जाते, तब तक ईरान पर लगी आर्थिक पाबंदियां (Blockade) पूरी तरह लागू रहेंगी।"

क्या अब सुधरेंगे रिश्ते?

ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि अब ईरान के साथ अमेरिका के संबंध पहले से "काफी प्रोफेशनल और बेहतर" हो रहे हैं।

इसके साथ ही उन्होंने इस शांति प्रक्रिया में साथ देने के लिए खाड़ी देशों (Gulf Allies) का धन्यवाद किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि क्षेत्र के देश 'अब्राहम अकॉर्ड्स' (Abraham Accords - ऐतिहासिक शांति समझौता) से जुड़कर इन रिश्तों को और मजबूत करेंगे।

ट्रंप ने एक बड़ा कयास लगाते हुए यह भी कह दिया, "क्या पता, शायद आगे चलकर ईरान भी इस शांति समझौते का हिस्सा बनना चाहे!" हालांकि, उन्होंने इसकी कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी।

ईरान ने फिर दिया अमेरिका को झटका! एनरिच यूरेनियम का भंडार सौंपने से किया इनकार

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।