America Vs China: 'बड़ी मुश्किलें खड़ी हो जाएंगी'; ईरान को हथियारों भेजने पर ट्रंप ने चीन को चेताया

Donald Trump: वॉशिंगटन और तेहरान के बीच चल रहे टकराव के बीच ऐसी मीडिया रिपोर्टें आई हैं कि बीजिंग ईरान को हथियार सप्लाई करने की तैयारी कर रहा है। इन रिपोर्टों के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को गंभीर नतीजों की चेतावनी दी है

अपडेटेड Apr 12, 2026 पर 9:09 AM
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US-Iran Talks: ईरान को हथियारों की संभावित खेप भेजने पर ट्रंप ने चीन को चेतावनी दी है

US-Iran Talks: चीन की तरफ से ईरान को हथियार भेजने की खबरों पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीजिंग को कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि अगर चीन ऐसा करता है, तो उसको बड़ी समस्याएं होंगी। वॉशिंगटन और तेहरान के बीच चल रहे टकराव के बीच ऐसी रिपोर्टें आई हैं कि बीजिंग ईरान को हथियार सप्लाई करने की तैयारी कर रहा है। इन रिपोर्टों के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को गंभीर नतीजों की चेतावनी दी है।

व्हाइट हाउस से मियामी के लिए रवाना होने से पहले पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप से चीन द्वारा कथित तौर पर ईरान को हथियार भेजने की तैयारी के बारे में पूछा गया। इस पर उन्होंने कहा, "खैर, अगर चीन ऐसा करता है, तो चीन के लिए बड़ी मुश्किलें खड़ी हो जाएंगी। ठीक है...?"

CNN का हवाला देते हुए न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के संकेत बताते हैं कि चीन अगले कुछ हफ्तों के भीतर ईरान को नए एयर डिफेंस सिस्टम देने की तैयारी कर रहा है। चैनल ने हालिया खुफिया आकलन से परिचित तीन लोगों का हवाला देते हुए कहा कि ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि बीजिंग इन खेपों की असल जगह (स्रोत) छिपाने के लिए उन्हें तीसरे देशों के रास्ते भेजने की कोशिश कर रहा है।


रिपोर्ट में कहा गया है कि बीजिंग कंधे से दागी जाने वाली एंटी-एयर मिसाइल सिस्टम उन्हें ट्रांसफर करने की तैयारी कर रहा है। रिपोर्ट में सूत्रों का हवाला दिया गया है। लेकिन उनके नाम नहीं बताए गए हैं। ये घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आए हैं जब अमेरिका और ईरान ने शनिवार को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में उच्च-स्तरीय बातचीत की। इसमें वे अपने छह हफ्तों से चल रहे युद्ध को खत्म करने के तरीकों पर चर्चा कर रहे थे।

अमेरिका ने चीन के साथ संबंधों में संभावित तनाव की ओर इशारा किया। इससे पहले, 10 अप्रैल को अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर ने संकेत दिया था कि वॉशिंगटन चीन के साथ स्थिर संबंध बनाए रखने की कोशिश कर रहा है। लेकिन उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर बीजिंग ईरान के साथ इस तरह से शामिल होता है जो अमेरिका के हितों के खिलाफ हो, तो इससे दोनों देशों के संबंधों में जटिलता आ सकती है।

CNBC पर एक इंटरव्यू में ग्रीर ने कहा, "हमारी अर्थव्यवस्थाओं के मूल लक्ष्य बहुत अलग हैं। लेकिन एक तरीका है जिससे हम कुछ आर्थिक स्थिरता बनाए रख सकते हैं। अगर चीन ईरान के साथ इस तरह से शामिल होता है जो अमेरिका के हितों के लिए नुकसानदायक हो, तो जाहिर है इससे स्थिति जटिल हो जाएगी, और इस समस्या को दूर करना चीन की ही जिम्मेदारी है।" ग्रीर ने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अगले महीने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ ट्रंप की मुलाकात अच्छी रहेगी।

'ईरान का नेतृत्व खत्म हो चुका है'

इस बीच, डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा कि अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट को साफ़ करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह बात तब सामने आई जब ऐसी खबरें आईं कि US के दो जंगी जहाजों ने इस अहम जलमार्ग को पार किया है। इस्लामाबाद में US-ईरान के बीच छह हफ्ते से चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए एक समझौते पर बातचीत शुरू हुई है।

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इस दौरान ट्रंप ने जोर देकर कहा कि ईरान बहुत बुरी तरह हार रहा है। उसकी सैन्य क्षमताएं, साथ ही मिसाइल और ड्रोन सुविधाएं, पूरी तरह से तबाह हो चुकी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कम से कम 28 ईरानी माइन-बिछाने वाले जहाज नष्ट कर दिए गए हैं।

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