US-Iran War Ends: अमेरिका और ईरान के बीच आखिरकार युद्ध खत्म हो चुका है। युद्ध समाप्त करने के लिए अंतरिम समझौते (MoU) पर दस्तखत हो गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार (18 जून) को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ बैठक के दौरान पेरिस के वर्साय पैलेस में इस दस्तावेज पर साइन किए। यह साइन फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों द्वारा आयोजित रात्रिभोज के दौरान हुआ। इसके बाद ईरानी राष्ट्रपति पजशकियान ने भी ईरान से इलेक्ट्रॉनिक तरीके से समझौते पर साइन किए।
भारतीय समय के मुताबिक गुरुवार तड़के करीब 5 बजे दोनों नेताओं के दस्तखत के तुरंत बाद यह समझौता लागू हो गया है। तीन महीने से ज्यादा समय तक चले युद्ध के बाद यह एक बड़ी कूटनीतिक कामयाबी है। फ्रांस में G7 समिट के बाद पैलेस ऑफ वर्साय से निकलते हुए पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि समझौते पर औपचारिक रूप से साइन हो गए हैं।
ट्रंप के बाद ईरान ने घोषणा की है कि मेमोरैंडम को अंतिम रूप दे दिया गया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने कहा कि दोनों पक्षों द्वारा डिजिटल साइन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद समझौता आधिकारिक हो गया है।
बकाई ने सरकारी मीडिया संस्थान IRIB को बताया, "यह सहमति बनी थी कि ईरान-अमेरिका मेमोरैंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग पर डिजिटल रूप से साइन किए जाएंगे।" उन्होंने आगे कहा, "ईरान-अमेरिका मेमोरैंडम को अब आधिकारिक तौर पर अंतिम रूप दे दिया गया है क्योंकि दोनों पक्षों ने इस पर साइन कर दिए हैं।"
इस घोषणा का मतलब है कि शुक्रवार को जिनेवा में होने वाले औपचारिक साइन समारोह की अब आवश्यकता नहीं होगी। हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने कहा कि स्विट्जरलैंड में बातचीत तय कार्यक्रम के अनुसार होगी। इस डील पर साइन होने के साथ ही ईरान में युद्ध समाप्त होगा। साथ ही लेबनान में भी संघर्ष खत्म करने की बात कही गई है। इसके अलावा होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने और अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी समाप्त करने की बात कही गई है।
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान और कतर सहित कई मध्यस्थ देशों की पहल से इस समझौते पर सहमति बनी। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोमवार को कहा कि उनका देश 19 जून को स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच समझौते के साइन समारोह की मेजबानी करेगा।
'द न्यूयॉर्क टाइम्स' ने एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी के हवाले से खबर दी है कि होर्मुज जलडमरूमध्य शुक्रवार 19 जून तक पूरी तरह खोल दिए जाने की उम्मीद है। साथ ही, तेल और गैस की आपूर्ति को सुचारु और तेज बनाने के लिए बड़े टैंकरों की आवाजाही को प्राथमिकता दी जाएगी।