बूंद-बूंद तेल के लिए तरस रहा पाकिस्तान, अमेरिका-ईरान युद्ध की आग में बुरी तरह झुलसी कंगाल मुल्क की इकोनॉमी

Pakistan Fuel Crisis: अमेरिकी नौसेना द्वारा ईरान की नाकाबंदी के कारण दुनिया भर में तेल की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 7.6 प्रतिशत बढ़कर 119.69 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई है, जो पिछले चार वर्षों का उच्चतम स्तर है

अपडेटेड Apr 30, 2026 पर 9:04 AM
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शहबाज शरीफ ने कहा कि अगर युद्ध ऐसे ही चलता रहा तो देश की इकोनॉमी तबाह हो जाएगी

US-Iran War Impact on Pakistan: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध ने पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ दी है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने चेतावनी दी है कि पिछले दो वर्षों में देश ने जो भी आर्थिक प्रगति की थी, वह वैश्विक ईंधन की बढ़ती कीमतों और क्षेत्रीय अस्थिरता के कारण खतरे में पड़ गई है। शरीफ ने कैबिनेट बैठक में स्वीकार किया कि युद्ध के कारण देश का साप्ताहिक तेल आयात बिल भारी भरकम बढ़ गया है जिससे देश की इकोनॉमी चरमरा रही है।

$300 मिलियन से बढ़कर हुआ $800 मिलियन हुआ तेल का बिल

प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने युद्ध के आर्थिक परिणामों का चौंकाने वाला आंकड़ा पेश किया। युद्ध से पहले पाकिस्तान का साप्ताहिक तेल बिल लगभग 300 मिलियन डॉलर था, जो अब बढ़कर 800 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। सरकार ने इस संकट और ईंधन की कीमतों की निगरानी के लिए एक समर्पित टास्क फोर्स का गठन किया है जो रोजाना स्थिति का जायजा ले रही है।


शांति के लिए पाकिस्तान की कूटनीतिक कोशिशें नाकाम

आर्थिक नुकसान को कम करने के लिए पाकिस्तान दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है। शरीफ ने बताया कि पाकिस्तान ने इस्लामाबाद में 11 अप्रैल से अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की सुविधा प्रदान की, जो लगातार 21 घंटों तक चली। वर्तमान में एक अस्थायी युद्धविराम लागू है और पाकिस्तान दूसरे दौर की बातचीत की मेजबानी करने की योजना बना रहा है। शरीफ ने शांति प्रयासों के लिए फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और विदेश मंत्री इशाक डार की सराहना की है।

वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में भारी उछाल

अमेरिकी नौसेना द्वारा ईरान की नाकाबंदी के कारण दुनिया भर में तेल की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 7.6 प्रतिशत बढ़कर 119.69 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई है, जो पिछले चार वर्षों का उच्चतम स्तर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस नाकाबंदी को सैन्य हमले से ज्यादा प्रभावी बताया है, जिससे ईरान पर भारी दबाव बढ़ रहा है।

दुनिया भर में बढ़ रहा भयंकर गरीबी का खतरा

संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) ने इस युद्ध के परिणामों को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। UNDP के अनुसार, इस युद्ध और महंगाई के कारण दुनिया के 160 देशों में 3 करोड़ से अधिक लोग गरीबी के जाल में फंस सकते हैं। UNDP प्रमुख अलेक्जेंडर डी क्रू ने इस स्थिति को 'डेवलपमेंट इन रिवर्स' यानी विकास की उल्टी गति करार दिया है।

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