US Iran War: अमेरिका ने ईरान में 170 ठिकानों पर बरसाए बम! चीन-रूस से जुड़े अहम पुल पर भी दागी मिसाइल, 3 IRGC जवानों की मौत

US Iran War: ईरान के सरकारी मीडिया ने दावा किया कि अमेरिकी हमलों में बुशेहर परमाणु प्लांट, गोलिस्तान प्रांत का एक रणनीतिक रेलवे पुल और चाबहार बंदरगाह का कंट्रोल टावर निशाना बने हैं। हालांकि, अमेरिकी सेना ने बुशेहर परमाणु प्लांट पर हमले की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है

अपडेटेड Jul 10, 2026 पर 7:42 AM
US Iran War: अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में ईरान में पिछले दो दिनों के दौरान करीब 170 ठिकानों को निशाना बनाया गया है

US-Iran war: अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य संघर्ष लगातार जारी है। इस बीच जॉर्डन की सेना ने दावा किया कि उसने गुरुवार (9 जुलाई) को ईरान की ओर से दागी गई 8 मिसाइलों को अपने हवाई क्षेत्र में एंट्री करने से पहले ही मार गिराया। सेना के अनुसार, मिसाइलों के मलबे कई इलाकों में गिरे। लेकिन किसी के हताहत होने या संपत्ति के नुकसान की सूचना नहीं है। जॉर्डन ने कहा है कि क्षेत्रीय हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। उसकी एयर डिफेंस सस्टम पूरी तरह सतर्क है।

उधर, ईरान के सरकारी मीडिया ने दावा किया कि अमेरिकी हमलों में बुशेहर परमाणु प्लांट, गोलिस्तान प्रांत का एक रणनीतिक रेलवे पुल और चाबहार बंदरगाह का कंट्रोल टावर निशाना बने। हालांकि, अमेरिकी सेना ने बुशेहर परमाणु प्लांट पर हमले की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

बुशेहर प्रांत के उप-गवर्नर एहसान जहानियन के अनुसार, अमेरिकी प्रोजेक्टाइल परमाणु प्लांट की बाहरी परिधि में गिरे। इसके अलावा चोगादक स्थित एक सैन्य अड्डे और दक्षिणी तट पर मौजूद मछली पकड़ने के घाटों को भी नुकसान पहुंचा। फिलहाल, परमाणु प्लांट के मुख्य हिस्से को किसी बड़े नुकसान या जनहानि की पुष्टि नहीं हुई है।


ईरानी सरकारी मीडिया द्वारा जारी तस्वीरों में गोलिस्तान प्रांत के अघ टेक्के खान रेलवे पुल को भारी नुकसान दिखाई दिया है। वहीं, चाबहार बंदरगाह के समुद्री ट्रैफिक कंट्रोल टावर और दो समुद्री पियर भी हमलों में क्षतिग्रस्त हुए हैं। इस बीच ईरान की मेहर समाचार एजेंसी ने दावा किया कि ईरान ने अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी हमलों का नया दौर शुरू कर दिया है।

ईरान में 170 ठिकानों को निशाना

अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में पिछले दो दिनों के दौरान करीब 170 ठिकानों को निशाना बनाया गया है। ईरान की न्यूज एजेंसी के अनुसार, इन हमलों में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के तीन सदस्यों की मौत हुई है।

तनाव के बीच ईरान ने संभावित नौसैनिक नाकेबंदी की आशंका को देखते हुए एक रात में 1 करोड़ बैरल कच्चा तेल निर्यात के लिए भेजने का दावा किया है। वहीं, अमेरिका ने ईरान को तेल बेचने के लिए दी गई 60 दिनों की प्रतिबंध छूट (Sanctions Waiver) वापस ले ली है।

अमेरिका ने ईरान के रणनीतिक रेलवे पुल पर किया हमला

अमेरिका ने ईरान में अपने नए सैन्य अभियान के दूसरे दिन गुरुवार 9 जुलाई को इस्लामी देश के उत्तर-पूर्वी हिस्से में स्थित एक महत्वपूर्ण रेलवे पुल पर मिसाइल हमला किया। ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी फार्स के अनुसार, यह हमला गोलिस्तान प्रांत में स्थित ओगताय खान रेलवे पुल पर किया गया, जो ईरान को तुर्कमेनिस्तान के माध्यम से मध्य एशिया और आगे चीन से जोड़ने वाले रेल नेटवर्क का अहम हिस्सा माना जाता है।

रिपोर्ट के अनुसार, यह पुल चीन, तुर्कमेनिस्तान और ईरान को जोड़ने वाले रणनीतिक रेल कॉरिडोर का महत्वपूर्ण केंद्र है। हमले के बाद तेहरान से मशहद के बीच यात्री रेल सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गईं। ईरानी रेलवे अधिकारियों ने बताया कि क्षतिग्रस्त ट्रैक की मरम्मत के लिए टीमें भेजी गई हैं और फंसे हुए यात्रियों को सड़क मार्ग से मशहद पहुंचाया जा रहा है।

दूसरी ओर, अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि उसने ईरान के खिलाफ अतिरिक्त सैन्य कार्रवाई की है। अमेरिकी पक्ष का दावा है कि इन हमलों का उद्देश्य ईरान की उन क्षमताओं को कमजोर करना है, जिनसे वह होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री नौवहन के लिए खतरा पैदा कर सकता है। हालांकि, अमेरिकी सेना ने सार्वजनिक रूप से इस रेलवे पुल को विशेष रूप से निशाना बनाए जाने की पुष्टि नहीं की है।

सीजफायर के बाद फिर शुरू हुआ युद्ध

17 जून को पाकिस्तान की मध्यस्थता में अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष समाप्त करने के लिए एक रूपरेखा समझौता हुआ था। लेकिन बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की थी कि यह समझौता अब समाप्त हो चुका है। इसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव फिर से बढ़ गया और नए सैन्य हमलों का दौर शुरू हो गया है।

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