US strikes Iran port and bridge: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा युद्ध अब बेहद खतरनाक लेवल पर पहुंच गया है। शुक्रवार को दोनों देशों ने एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों और रणनीतिक बुनियादी ढांचों को निशाना बनाकर भीषण हमले किए। अमेरिका ने जहां ईरान के मुख्य बंदरगाहों और आंतरिक परिवहन संपर्कों (पुलों) को तबाह करने के लिए अपनी सैन्य कार्रवाई तेज कर दी है, वहीं ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए खाड़ी के अमेरिकी सहयोगी देशों पर मिसाइलें दागी हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर शुरू हुआ यह युद्ध अब पांचवें महीने में प्रवेश कर चुका है। दोनों ओर से लगातार हो रही बमबारी के कारण वैश्विक तेल बाजार में हड़कंप मचा हुआ है। आइए आपको बताते हैं कि पिछले 24 घंटों में युद्ध के मैदान में क्या-क्या हुआ है.
अमेरिकी सेना का 'नावल ब्लॉकेड' और 6 घंटे की भीषण बमबारी
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, शुक्रवार दोपहर 3 बजे से लेकर रात 9:30 बजे (ET) तक ईरान पर चौतरफा हमले किए गए. अमेरिकी लड़ाकू विमानों, ड्रोन्स और युद्धपोतों ने ईरान के सर्विलांस ठिकानों, सैन्य लॉजिस्टिक्स नेटवर्क, भूमिगत हथियार डिपो और समुद्री क्षमताओं को निशाना बनाया।
राष्ट्रपति ट्रंप के निर्देश पर अमेरिकी नौसेना ईरानी बंदरगाहों की पूरी तरह से 'नावल नाकेबंदी' कर रही है। यह लगातार सातवीं रात थी जब अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ हवाई और समुद्री ऑपरेशन चलाया।
जवाब में ईरान का मिसाइल हमला, कुवैत और कतर निशाने पर
अमेरिकी हमलों से बौखलाए ईरान ने खाड़ी के उन देशों पर मिसाइलें दागीं जो अमेरिका के करीबी सहयोगी हैं। तेहरान ने कतर जो इस विवाद में मध्यस्थ की भूमिका भी निभा रहा है और कुवैत पर मिसाइलें बरसाईं। कुवैती अधिकारियों के मुताबिक, ईरान के इस मिसाइल हमले में उनके देश के एक बड़े 'डिटेसिनेशन प्लांट' यानी खारे पानी को पीने लायक बनाने वाली फैसिलिटी को गंभीर नुकसान पहुंचा है।
चाबहार पोर्ट और बंदर खमीर के रणनीतिक पुलों को किया तबाह
इस ताजा हमले में अमेरिका ने ईरान की रीढ़ की हड्डी माने जाने वाले आर्थिक और परिवहन नेटवर्क को निशाना बनाया है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, अमेरिकी हमलों में चाबहार बंदरगाह पर स्थित एक बड़ा टावर मलबे में तब्दील हो गया।
बता दें कि चाबहार पोर्ट को भारत की मदद से विकसित किया गया था और यह अफगानिस्तान के लिए एक प्रमुख व्यापारिक मार्ग है। अमेरिका का दावा है कि इस टावर का इस्तेमाल ईरान की 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' (IRGC) जहाजों की जासूसी के लिए कर रही थी।
दक्षिणी होर्मोजगान प्रांत में तटीय शहर बंदर खमीर के पास बने प्रमुख पुलों को अमेरिकी हवाई हमलों में उड़ा दिया गया। इसका मकसद ईरान के सबसे बड़े वाणिज्यिक बंदरगाह 'बंदर अब्बास' का संपर्क राजधानी तेहरान और देश के अंदरूनी हिस्सों से पूरी तरह काटना है।
युद्ध की शुरुआत के बाद पहली बार ईरान ने स्वीकार किया है कि उसके पावर ग्रिड (बिजली नेटवर्क) को भारी नुकसान पहुंचा है, जिसके कारण दक्षिणी प्रांतों में ब्लैकआउट का खतरा मंडरा रहा है।
दोनों तरफ भारी तबाही, अब तक सैकड़ों मौतें
शुक्रवार को हुए इन ताजा हमलों में दोनों पक्षों के सैन्य और नागरिक हताहत हुए हैं:
ईरान में नुकसान: ईरानी अधिकारियों के अनुसार, ताजा हमलों में कम से कम 46 लोगों की मौत हो गई और 400 से अधिक घायल हुए हैं. केवल पुल पर हुए हमले में 8 लोगों की जान गई।
अमेरिका को नुकसान: पेंटागन ने पुष्टि की है कि इस हफ्ते सोमवार से अब तक 13 और अमेरिकी सैनिक (10 थल सेना और 3 नौसेना कर्मी) घायल हुए है। युद्ध की शुरुआत से अब तक कुल 14 अमेरिकी सैनिक मारे जा चुके हैं और 427 घायल हुए हैं।