US Mid-Term Elections: भारतीय-अमेरिकियों का ट्रंप से हुआ मोहभंग! मिड-टर्म चुनावों से पहले सर्वे में डेमोक्रेट्स को भारी बढ़त, 66% ने जताया समर्थन

US Mid-Term Elections: एक नए सर्वे के मुताबिक, बड़ी संख्या में भारतीय-अमेरिकी मतदाता सीनेट चुनाव में डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों को पसंद कर रहे हैं। खास तौर पर एशियन इंडियन वोटरों में 66 फीसदी ने डेमोक्रेटिक उम्मीदवार के पक्ष में समर्थन जताया है

अपडेटेड Sep 08, 2026 पर 9:24 AM
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US Mid-Term Elections: अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में भारतीय-अमेरिकियों का रुझान डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों की ओर अधिक है

US Mid-Term Elections: अमेरिका में 2026 के मध्यावधि चुनाव से पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भारतीय-अमेरिकी मतदाताओं के बीच बड़ा झटका लगता दिख रहा है। अमेरिका में होने वाले मध्यावधि चुनावों में भारतीय-अमेरिकी मतदाताओं का रुझान डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवारों की ओर है। अमेरिका में रहने वाले एशियाई और प्रशांत द्वीपसमूह मूल के समुदायों के बीच किए गए एक राष्ट्रीय सर्वेक्षण में यह बात सामने आई है। खास तौर पर एशियन इंडियन वोटरों में 66 फीसदी ने डेमोक्रेटिक उम्मीदवार के पक्ष में समर्थन जताया है।

एशियन एंड पैसिफिक आइलैंडर अमेरिकन वोट (AAVS) के सर्वे में इन समुदायों के लोगों में तीन नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनावों में भाग लेने की प्रबल इच्छा दिखाई दी। इन चुनावों में प्रतिनिधि सभा की 435 और सीनेट की 35 सीट के अलावा कई स्थानीय सरकारी पदों के लिए भी मतदान होगा।

सर्वेक्षण के मुताबिक, 90 प्रतिशत से अधिक रजिस्टर्ड एशियाई अमेरिकी और प्रशांत द्वीपसमूह (AAPI) मतदाता मध्यावधि चुनाव में मतदान करने की योजना बना रहे हैं। हालांकि दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों की ओर से अपेक्षित स्तर पर उनसे संपर्क नहीं किया गया है। ये नतीजे इसलिए अहम हैं क्योंकि अमेरिका में AAPI वोटिंग आबादी लगातार बढ़ रही है। 2026 में लगभग 1.6 करोड़ (16 मिलियन) योग्य AAPI वोटर हैं। इनमें 16 लाख (1.6 मिलियन) लोग ऐसे हैं जो 2022 के बाद योग्य हुए हैं।


66% ने जताया डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों का समर्थन

सर्वे में शामिल 42 प्रतिशत AAPI मतदाताओं ने कहा कि डेमोक्रेटिक पार्टी ने उनसे संपर्क नहीं किया। जबकि 58 प्रतिशत ने कहा कि रिपब्लिकन पार्टी ने भी उनसे संपर्क नहीं किया। भारतीय-अमेरिकी मतदाताओं में 66 प्रतिशत ने कहा कि वे प्रतिनिधि सभा और सीनेट, दोनों के चुनावों में डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों को वोट देंगे। प्रतिनिधि सभा के चुनाव में सर्वेक्षण में शामिल 18 प्रतिशत भारतीय-अमेरिकी मतदाताओं ने रिपब्लिकन उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान करने की बात कही। वहीं, सीनेट के चुनाव में 22 प्रतिशत ने रिपब्लिकन उम्मीदवारों का समर्थन किया।

रिसर्च और पॉलिसी ऑर्गनाइजेशन 'AAPI Data' के संस्थापक और एग्ज़ीक्यूटिव डायरेक्टर कार्तिक रामकृष्णन ने कहा, "एशियाई अमेरिकी देश में सबसे तेजी से बढ़ता मतदाता समूह हैं इसलिए यह जानने के लिए लेटेस्ट आंकड़े होना बेहद महत्वपूर्ण है कि उन्हें मतदान के लिए प्रेरित करने वाले कारक क्या हैं।"

भारतीय वोटर्स ने क्या कहा?

राजनीतिक भागीदारी से जुड़े सवाल पर 66 प्रतिशत एएपीआई मतदाताओं ने कहा कि वे राजनीति में काफी सक्रिय हैं। लेकिन राजनीतिक घटनाक्रम से लगातार जुड़े रहने के कारण उन्हें राजनीति के बारे में सोचकर मानसिक थकान भी महसूस होती है। सर्वेक्षण में 2,066 रजिस्टर्ड मतदाताओं से संपर्क किया गया। इनमें 1,896 एशियाई अमेरिकी, 242 भारतीय-अमेरिकी और 170 प्रशांत द्वीपसमूह के मतदाता शामिल थे।

एशियाई अमेरिकी मतदाताओं के लिए जीवन-यापन की लागत और महंगाई सबसे बड़ा मुद्दा है। 90 प्रतिशत मतदाताओं ने इसे बहुत महत्वपूर्ण बताया। इसके बाद स्वास्थ्य सेवा 82 प्रतिशत, रोजगार और बेरोजगारी 80 प्रतिशत, सामाजिक सुरक्षा और मेडिकेयर 80 प्रतिशत तथा शिक्षा 79 प्रतिशत के साथ प्रमुख मुद्दे रहे। यह सर्वेक्षण 'एशियन एंड पैसिफिक आइलैंडर अमेरिकन वोट' और 'एएपीआई डेटा' ने संयुक्त रूप से किया। दोनों संगठनों का अनुमान है कि 2026 में करीब 1.6 करोड़ एशियाई-अमेरिकी और प्रशांत द्वीपसमूह के नागरिक मतदान के योग्य होंगे।

महंगाई और महंगी होती जिंदगी सबसे बड़ा मुद्दा

सर्वे में यह भी सामने आया कि एशियन अमेरिकन वोटरों के लिए महंगाई और जीवन-यापन की बढ़ती लागत सबसे महत्वपूर्ण चुनावी मुद्दा है। करीब 90% मतदाताओं ने इसे अपने वोट के फैसले में बेहद महत्वपूर्ण बताया। पैसिफिक आइलैंडर मतदाताओं में भी करीब 89% ने महंगाई और लागत को बेहद महत्वपूर्ण मुद्दा बताया। जब पूछा गया कि इस समस्या से निपटने के लिए कौन सी पार्टी बेहतर काम कर सकती है, तो:-

  • 44% ने डेमोक्रेट्स को बेहतर माना।
  • जबकि सिर्फ 18% ने रिपब्लिकन पार्टी पर भरोसा जताया।

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हेल्थकेयर, रोजगार और सोशल सिक्योरिटी भी बड़े मुद्दे

भारतीय-अमेरिकी और दूसरे AAPI वोटरों के लिए सिर्फ महंगाई ही चिंता का विषय नहीं है। सर्वे में स्वास्थ्य सेवाओं, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा को भी बेहद महत्वपूर्ण बताया गया।

  • 82% के लिए हेल्थकेयर महत्वपूर्ण मुद्दा है।
  • 80% ने नौकरियों और बेरोजगारी को महत्वपूर्ण बताया।
  • 80% ने Social Security और Medicare को महत्वपूर्ण माना।
  • 79% के लिए शिक्षा अहम मुद्दा है।
  • 78% ने अपराध और सार्वजनिक सुरक्षा को महत्वपूर्ण बताया।
  • 78% ने युद्ध और विदेश नीति को महत्वपूर्ण माना।
  • 73% ने नस्लवाद और हेट क्राइम को अहम मुद्दा बताया।
  • 68% के लिए इमिग्रेशन महत्वपूर्ण है।
  • 61% ने गर्भपात और प्रजनन अधिकारों को महत्वपूर्ण मुद्दा माना।

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