US Midterm Results: अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में भारतीय मूल के नेताओं का दबदबा! अरुणा मिलर और सुहास सुब्रमण्यम फिर जीते; पिया दांडिया ने रचा इतिहास

US Midterm Results: डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से चुनाव लड़ने वाले सुहास सुब्रमण्यम और अरुणा मिलर ने अपने-अपने पदों पर दोबारा जीत हासिल की है। वहीं, फ्लोरिडा के कांग्रेसनल चुनाव में पिया दांडिया ने जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया है। वह फ्लोरिडा से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (US House of Representatives) के लिए चुनी जाने वाली पहली भारतीय-अमेरिकी बन गई हैं

अपडेटेड Nov 04, 2026 पर 10:33 AM
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US Midterm Results: अमेरिका की विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ऐतिहासिक जीत की तरफ तेजी से आगे बढ़ रही है

US Midterm Results: अमेरिका में मिडटर्म चुनाव के बाद सामने आ रहे रिजल्ट में भारतीय मूल के नेताओं ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से चुनाव लड़ने वाले सुहास सुब्रमण्यम और अरुणा मिलर ने अपने-अपने पदों पर दोबारा जीत हासिल की है। वहीं, फ्लोरिडा के कांग्रेसनल चुनाव में पिया दांडिया ने जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया है। वह फ्लोरिडा से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (US House of Representatives) के लिए चुनी जाने वाली पहली भारतीय-अमेरिकी बन गई हैं। दूसरी तरफ, रिपब्लिकन पार्टी के भारतीय मूल के नेता विवेक रामास्वामी ओहायो के गवर्नर पद के चुनाव में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एमी एक्टन से हार गए हैं।

इन चुनावी नतीजों को अमेरिका में भारतीय-अमेरिकी समुदाय की बढ़ती राजनीतिक भागीदारी के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खास बात यह है कि भारतीय मूल के नेता अब अमेरिकी राजनीति में स्थानीय प्रशासन से लेकर राष्ट्रीय संसद तक अपनी भूमिका निभा रहे हैं।

सुहास सुब्रमण्यम ने दूसरी बार जीती अमेरिकी संसद की सीट


भारतीय मूल के डेमोक्रेटिक नेता सुहास सुब्रमण्यम ने वर्जीनिया के 10वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा का चुनाव जीत लिया है। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार डेव बेकविथ को हराकर लगातार दूसरी बार संसद में अपनी जगह बनाई है। चुनाव में सुब्रमण्यम को 63.16 प्रतिशत यानी 1,73,106 वोट मिले। जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी डेव बेकविथ को 34.66 प्रतिशत यानी 94,990 वोट हासिल हुए। निर्दलीय उम्मीदवार अहसेन मुजीब मलिक 1.99 प्रतिशत वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

जीत के बाद सुहास सुब्रमण्यम ने सोशल मीडिया पर अपने समर्थकों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि चुनाव अभियान समाप्त हो गया है। लेकिन असली काम अब शुरू होगा। उन्होंने वाशिंगटन में अपने क्षेत्र के लोगों के लिए बदलाव लाने और उनके साथ मिलकर काम करने की बात कही। सुब्रमण्यम का राजनीतिक सफर भी काफी दिलचस्प रहा है। उनका जन्म अमेरिका में भारतीय माता-पिता के घर हुआ था। राजनीति में आने से पहले उन्होंने कैपिटल हिल में नीति सलाहकार के रूप में काम किया। इस दौरान स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच, आव्रजन सुधार, रोजगार के अवसर और पूर्व सैनिकों तथा वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े मुद्दों पर काम किया।

उन्होंने नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी से कानून की पढ़ाई की। पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के प्रशासन में उन्होंने व्हाइट हाउस के टेक्नोलॉजी पॉलिसी एडवाइजर के तौर पर भी सेवाएं दीं। इसके बाद उन्होंने वर्जीनिया में अपना छोटा व्यवसाय शुरू किया। वर्ष 2019 में उन्होंने चुनावी राजनीति में कदम रखा और वर्जीनिया जनरल असेंबली के लिए चुने गए। साल 2024 में वह पहली बार अमेरिकी प्रतिनिधि सभा पहुंचे थे।

अरुणा मिलर ने मैरीलैंड के लेफ्टिनेंट गवर्नर पद पर दोबारा हासिल की जीत

भारतीय मूल की डेमोक्रेटिक नेता अरुणा मिलर ने भी मैरीलैंड में अपनी राजनीतिक स्थिति बरकरार रखी है। उन्होंने गवर्नर वेस मूर के साथ डेमोक्रेटिक टिकट पर चुनाव लड़ा और लेफ्टिनेंट गवर्नर के पद पर दोबारा जीत हासिल की। इस जीत के साथ अरुणा मिलर अमेरिका में भारतीय मूल की महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी का एक महत्वपूर्ण चेहरा बनी हुई हैं। साल 2022 में उन्होंने इतिहास रचा था, जब वह अमेरिका में लेफ्टिनेंट गवर्नर चुनी जाने वाली पहली दक्षिण एशियाई महिला बनी थीं।

अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने गवर्नर वेस मूर के साथ सार्वजनिक सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं और छोटे कारोबारियों को सहायता देने जैसे मुद्दों पर काम किया। उनके प्रशासन ने अपराध में कमी, मानसिक स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता बढ़ाने और छोटे कारोबारियों के लिए नियमों को आसान बनाने से जुड़े प्रयासों को अपनी उपलब्धियों में गिनाया है। अरुणा मिलर का जन्म आंध्र प्रदेश में हुआ था। जब वह सात साल की थीं, तब उनका परिवार अमेरिका चला गया। राजनीति में आने से पहले उन्होंने मैरीलैंड के मोंटगोमरी काउंटी में सिविल और ट्रांसपोर्टेशन इंजीनियर के रूप में काम किया था।

पिया दांडिया ने रचा इतिहास, फ्लोरिडा से पहली भारतीय-अमेरिकी सांसद बनीं

फ्लोरिडा के चुनाव में भारतीय मूल की डेमोक्रेटिक उम्मीदवार पिया दांडिया ने जीत हासिल कर इतिहास रच दिया है। उन्होंने फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से रिपब्लिकन उम्मीदवार केसी अस्कर को हराया। CBS न्यूज और अन्य मीडिया संस्थानों ने उनके जीतने का अनुमान जताया था। एसोसिएटेड प्रेस (AP) ने भी उनकी जीत की पुष्टि की है।

इस जीत के साथ पिया दांडिया फ्लोरिडा से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के लिए चुनी जाने वाली पहली भारतीय-अमेरिकी बन गई हैं। वह अमेरिकी कांग्रेस में पहुंचने वाली भारतीय-अमेरिकी समुदाय की 10वीं सदस्य भी बताई जा रही हैं। पिया दांडिया का जन्म और पालन-पोषण फ्लोरिडा के पाम बीच काउंटी में भारतीय प्रवासी माता-पिता के घर हुआ।

राजनीति में आने से पहले उन्होंने न्यूयॉर्क के हार्लेम में शिक्षक और हाईस्कूल प्रिंसिपल के रूप में काम किया। इसके अलावा वह 'व्हाइट हाउस' फेलो भी रह चुकी हैं। बाद में वह दुनिया की प्रमुख टेक्नोलॉजी कंपनी एप्पल से जुड़ीं। अपने चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने शिक्षा, महंगाई, आम लोगों की आर्थिक स्थिति और रोजगार के अवसरों को प्रमुख मुद्दा बनाया था। उनका चुनावी क्षेत्र नए परिसीमन के बाद तैयार हुआ था, जिसके चलते इस सीट पर मुकाबला काफी अहम माना जा रहा था। पिया की जीत को अमेरिकी राजनीति में भारतीय-अमेरिकी समुदाय की बढ़ती भागीदारी के लिहाज से महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

विवेक रामास्वामी को झटका, ओहायो में एमी एक्टन ने हराया

भारतीय मूल के रिपब्लिकन नेता विवेक रामास्वामी को ओहायो के गवर्नर चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है। डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एमी एक्टन ने उन्हें शिकस्त देकर गवर्नर पद पर जीत हासिल की। एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक, एक्टन ने ओहायो में 20 साल बाद डेमोक्रेटिक पार्टी को गवर्नर पद पर जीत दिलाई है। वह राज्य की पहली महिला निर्वाचित गवर्नर भी बनेंगी।

विवेक रामास्वामी बायोटेक्नोलॉजी क्षेत्र के उद्यमी और 2024 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवार रह चुके हैं। उन्हें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन प्राप्त था। वह मौजूदा रिपब्लिकन गवर्नर माइक डिवाइन का कार्यकाल पूरा होने के बाद उनकी जगह लेने के लिए चुनाव मैदान में थे।

दूसरी ओर, एमी एक्टन पेशे से डॉक्टर हैं। वह ओहायो के स्वास्थ्य विभाग की पूर्व डायरेक्टर रह चुकी हैं। उन्होंने अपने चुनाव प्रचार में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और आम लोगों के जीवन-यापन की लागत जैसे मुद्दों को प्रमुखता दी। इस चुनाव में एमी एक्टन की जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि ओहायो में वर्ष 2006 के बाद पहली बार डेमोक्रेटिक पार्टी का उम्मीदवार गवर्नर बनने जा रहा है।

अमेरिकी मिडटर्म चुनाव क्यों हैं अहम?

अमेरिका में मिडटर्म चुनाव राष्ट्रपति के चार साल के कार्यकाल के बीच में होते हैं। इस बार 3 नवंबर 2026 को हुए चुनाव राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के दौरान आयोजित किए गए। इन चुनावों में अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों और सीनेट की 35 सीटों पर मतदान हुआ। इसके अलावा कई राज्यों में गवर्नर, राज्य विधानसभाओं और स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों का भी चुनाव हुआ। इन चुनावों के नतीजे अमेरिकी कांग्रेस (संसद) में डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन पार्टियों की ताकत तय करने के लिहाज से अहम हैं। भारतीय मूल के नेताओं की जीत ने भी इन चुनावों को खास बना दिया है।

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