US Midterm Elections Result 2026: अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। CNN के डिसीजन डेस्क के प्रोजेक्शन के मुताबिक, डेमोक्रेटिक पार्टी अमेरिकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स (प्रतिनिधि सभा) पर कब्जा करती नजर आ रही है। अंतिम नतीजों में अगर ये प्रोजेक्शन ऐसा ही रहा तो रिपब्लिकन पार्टी का वॉशिंगटन में दोनों सदनों पर नियंत्रण खत्म हो जाएगा। अब ट्रंप प्रशासन को अपने कार्यकाल के अगले दो साल में कांग्रेस के भीतर डेमोक्रेट्स की चुनौती का सामना करना पड़ेगा। यह चुनाव ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के बीच में हुआ है। ऐसे में हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स पर डेमोक्रेट्स का नियंत्रण हासिल करना उनके लिए राजनीतिक और विधायी, दोनों लिहाज से अहम हो जाएगा। प्रतिनिधि सभा में बहुमत मिलने से डेमोक्रेट्स को ट्रंप प्रशासन की नीतियों, फैसलों और सरकारी कामकाज की जांच-पड़ताल करने का मौका मिलेगा। साथ ही राष्ट्रपति के विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने में भी मुश्किलें आ सकती हैं।
CNN के मुताबिक चुनाव में कुछ राज्यों से भी अहम नतीजे सामने आए हैं। डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एनी एंड्रयूज ने साउथ कैरोलिना में सीनेट का चुनाव जीत लिया है। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार लिंडसे ग्राहम को हराकर करीब तीन दशक से रिपब्लिकन पार्टी के कब्जे वाली सीट डेमोक्रेट्स के खाते में डाल दी। वहीं जॉर्जिया में डेमोक्रेटिक नेता कीशा लांस बॉटम्स राज्य की पहली अश्वेत महिला गवर्नर बनने जा रही हैं। फ्लोरिडा में रिपब्लिकन उम्मीदवार बायरन डोनाल्ड्स ने गवर्नर पद का चुनाव जीतकर राज्य के पहले अश्वेत गवर्नर बनने का इतिहास रचा है।
अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में क्या बदला?
अमेरिका में मंगलवार 3 नवंबर को हुए मिडटर्म चुनावों में राष्ट्रपति ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी और विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के बीच मुकाबला है। इन चुनावों में अमेरिकी संसद के दोनों सदनों के सदस्यों के साथ कई राज्यों के गवर्नर और स्थानीय निकायों के प्रतिनिधि भी चुने जा रहे है। अमेरिकी कांग्रेस के दो सदन हैं। हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट। अभी चुनाव से पहले दोनों सदनों में रिपब्लिकन पार्टी का बहुमत है। प्रतिनिधि सभा में स्पीकर माइक जॉनसन के नेतृत्व में रिपब्लिकन के पास 218 सदस्य हैं, जबकि डेमोक्रेट्स के पास 214 सीटें। एक निर्दलीय सदस्य भी था और दो सीटें खाली थीं। वहीं 100 सदस्यों वाली सीनेट में रिपब्लिकन पार्टी 53-47 के अंतर से आगे थी।
CNN के प्रोजेक्शन के मुताबिक, डेमोक्रेट्स अब प्रतिनिधि सभा में बहुमत हासिल कर लेंगे। इससे अमेरिकी राजनीति में सत्ता का संतुलन बदल जाएगा। हालांकि हाउस में जीत का मतलब यह नहीं है कि डेमोक्रेट्स को अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों पर नियंत्रण मिल गया है। सीनेट में बहुमत का फैसला अलग-अलग राज्यों के नतीजों पर निर्भर करेगा।
ट्रंप के लिए क्यों अहम है यह चुनावी झटका?
अमेरिका में मिडटर्म चुनाव राष्ट्रपति के चार साल के कार्यकाल के बीच में होते हैं। इन चुनावों को अक्सर राष्ट्रपति के कामकाज और उसकी नीतियों के प्रति जनता के रुख का संकेत माना जाता है। राष्ट्रपति चुनाव के दो साल बाद होने वाले इन चुनावों में मतदाता यह तय करते हैं कि संसद के दोनों सदनों में किस पार्टी को बहुमत मिलेगा। ट्रंप के लिए इस बार का चुनाव इसलिए भी अहम था, क्योंकि उनकी पार्टी पहले से ही कांग्रेस के दोनों सदनों को नियंत्रित कर रही थी। इस बहुमत की मदद से रिपब्लिकन पार्टी को ट्रंप प्रशासन के विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने में सहूलियत मिल रही थी। अब हाउस में डेमोक्रेट्स के बहुमत के बाद स्थिति बदल जाएगी।
रतिनिधि सभा में बहुमत रखने वाली पार्टी को सदन की समितियों और उनके नेतृत्व पर प्रभाव मिलता है। इन समितियों के जरिए सरकारी विभागों, प्रशासनिक फैसलों और नीतियों की जांच की जा सकती है। डेमोक्रेट्स ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों को सुनवाई के लिए बुला सकते हैं और विभिन्न मुद्दों पर दस्तावेज तथा जवाब मांग सकते हैं। इसके अलावा बजट सरकारी खर्च और कई अहम विधेयकों को मंजूरी देने की प्रक्रिया में भी प्रतिनिधि सभा की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में डेमोक्रेट्स के नियंत्रण वाला हाउस ट्रंप की नीतियों और प्रस्तावों के सामने राजनीतिक चुनौती खड़ी कर सकता है।
हालांकि राष्ट्रपति के पास अपने संवैधानिक अधिकारों के तहत एग्जीक्यूटिव ऑर्डर जारी करने की शक्ति बनी रहेगी। इसके अलावा राष्ट्रपति किसी विधेयक पर वीटो भी लगा सकता है। ऐसे में हाउस में डेमोक्रेट्स की जीत ट्रंप की कार्यकारी शक्तियों को खत्म नहीं करती, लेकिन उनके विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने की राह कठिन बना सकती है।
चुनाव से पहले ट्रंप ने जताई थी बहुमत गंवाने की आशंका
चुनाव से पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस संभावना को स्वीकार किया था कि रिपब्लिकन पार्टी कांग्रेस के दोनों सदनों में अपना बहुमत गंवा सकती है। न्यूयॉर्क पोस्ट के पॉडकास्ट पॉड फोर्स वन को दिए इंटरव्यू में उनसे पूछा गया था कि अगर रिपब्लिकन दोनों सदनों का नियंत्रण खो देते हैं तो वह क्या करेंगे। इस पर ट्रंप ने कहा था कि मेरा अनुमान है कि मैं मिस्टर वीटो बन जाऊंगा।' उनका यह बयान राष्ट्रपति के उस संवैधानिक अधिकार की ओर इशारा था, जिसके तहत वह कांग्रेस से पारित किसी विधेयक को वीटो कर सकते हैं। ट्रंप का यह बयान बताता है कि चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के बहुमत गंवाने की आशंका उनके लिए भी एक बड़ी राजनीतिक चुनौती थी। अब हाउस में डेमोक्रेट्स के नियंत्रण के बाद आने वाले दो वर्षों में राष्ट्रपति और कांग्रेस के बीच टकराव की स्थिति बन सकती है।