Trump's Approval Rating: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका लगा है। जब से ईरान युद्ध शुरू हुआ है तभी से उनकी लोकप्रियता के ग्राफ में भारी गिरावट दर्ज की गई है। बढ़ती महंगाई, आसमान छूती जीवन यापन लागत और मिडिल ईस्ट में ईरान के साथ जारी लंबे संघर्ष के बीच अमेरिकी जनता में निराशा बढ़ती जा रही है।
हाल ही में आए रॉयटर्स/इप्सोस के एक नए सर्वे के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग गिरकर उनके राजनीतिक करियर के सबसे निचले स्तर के करीब पहुंच गई है। सर्वे में शामिल केवल 35 फीसदी अमेरिकी लोगों ने ही व्हाइट हाउस में ट्रंप के कामकाज को सही ठहराया है। यह उनके अब तक के सबसे खराब रिकॉर्ड के बेहद करीब है। इससे पहले उनकी सबसे लो रेटिंग अप्रैल में 34% और दिसंबर 2017 में उनके पहले कार्यकाल के दौरान 33% थी।
कुल मिलाकर देखें तो ईरान-मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध इस समय ट्रंप के गले की फांस बन गया है। इससे न तो वो पीछे हट पा रहे है और न ही टोटल वॉर कर पा रहे हैं।
100 दिनों से जारी ईरान युद्ध बना सबसे बड़ा सिरदर्द
रिपब्लिकन नेता ट्रंप को इस समय ईरान के साथ जारी लंबे युद्ध को लेकर अमेरिकी जनता के भारी गुस्से का सामना करना पड़ रहा है। इस युद्ध को चलते हुए अब 100 दिन पूरे हो चुके हैं। इस युद्ध का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजारों और अमेरिका के घरेलू ईंधन की कीमतों पर पड़ रहा है।
ट्रंप ने इजरायल के साथ मिलकर 28 फरवरी को ईरान पर सैन्य हमले शुरू किए थे, जिसके बाद पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव फैल गया। इस वजह से दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापार मार्ग 'होर्मुज जलडमरूमध्य' से होने वाली सप्लाई बाधित हो गई, जहां से दुनिया का करीब 20 फीसदी कच्चा तेल गुजरता है।
महंगाई और घरेलू खर्चों पर फूटा गुस्सा
सर्वे में यह साफ नजर आया है कि अमेरिकी जनता घर के खर्चों और आर्थिक दबावों को लेकर ट्रंप से बेहद खफा है:
लागत प्रबंधन पर नाकामी: केवल 22 फीसदी अमेरिकियों ने देश में बढ़ती जीवन यापन लागत को संभालने के ट्रंप के तरीके को पसंद किया है। जबकि एक बड़ा हिस्सा यानी 70 फीसदी लोगों ने इस मोर्चे पर उनके प्रदर्शन को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
पेट्रोल के बढ़ते दामों का डर: हालांकि पिछले कुछ हफ्तों में तनाव कम होने की उम्मीद से ईंधन की कीमतों में मामूली राहत मिली है, लेकिन डर अभी भी बरकरार है। करीब 59 फीसदी लोगों का मानना है कि अगले साल पेट्रोल-डीजल के दाम और ज्यादा बिगड़ सकते हैं, जबकि सिर्फ 17 फीसदी लोगों को इसमें सुधार की उम्मीद है।
ईरान पर सैन्य कार्रवाई के पक्ष में नहीं है अमेरिकी जनता
ईरान पर किए गए हमलों को लेकर अमेरिकी जनता के बीच राय बंटी हुई और काफी सतर्कता वाली है। पोल के आंकड़ों के अनुसार: