अमेरिका के इस सीक्रेट अटैक से ईरान में हाहाकार, 20000 घरों में मची त्राहि-त्राहि; बूंद-बूंद को तरस रहा तेहरान!
US Strikes Iran Water Reserve: अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने होर्मोजगान प्रांत के सिरिक शहर के बमानी जिले को निशाना बनाया। इस हमले में 500 क्यूबिक मीटर और 2000 क्यूबिक मीटर की क्षमता वाले दो बड़े वाटर टैंक पूरी तरह नष्ट हो गए। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि 45 से 50 डिग्री सेल्सियस की रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के बीच 20000 परिवारों के सामने पीने के साफ पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है
भीषण गर्मी के बीच पानी की किल्लत से स्थानीय लोगों में हाहाकार मच गया है
US Strikes Iran: अमेरिकी वायुसेना और नौसेना ने दक्षिणी ईरान में 'स्ट्रैट ऑफ होर्मुज' के पास भीषण एयरस्ट्राइक की है। इस हमले में ईरान के दो बड़े रणनीतिक वाटर रिजर्वॉयर्स यानी पीने के पानी के जलाशय पूरी तरह तबाह हो गए हैं। ईरान सरकार का दावा है कि अमेरिका के इस हमले के बाद इलाके के करीब 20,000 घरों में पानी की सप्लाई ठप हो गई है।
भीषण गर्मी के बीच पानी की किल्लत से स्थानीय नागरिकों में हाहाकार मच गया है। हालांकि, अमेरिका का कहना है कि उसने यह हमला आत्मरक्षा में सिर्फ सैन्य ठिकानों पर किया था।
45-50 डिग्री की झुलसाने वाली गर्मी और पानी पर हमला
ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर IRIB के मुताबिक, अमेरिकी लड़ाकू विमानोंने होर्मोजगान प्रांत के सिरिक शहर के बमानी जिले को निशाना बनाया। इस हमले में 500 क्यूबिक मीटर और 2000 क्यूबिक मीटर की क्षमता वाले दो बड़े वाटर टैंक पूरी तरह नष्ट हो गए।
स्थानीय जल अधिकारियों ने बताया कि यह इलाका बेहद सूखा है और यहां भूजल के स्रोत न के बराबर हैं। ऐसे में 45 से 50 डिग्री सेल्सियस की रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के बीच 20000 परिवारों के सामने पीने के साफ पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। हालांकि, आपातकालीन टीमों ने कुछ ही घंटों में कड़ी मशक्कत के बाद सप्लाई को आंशिक रूप से बहाल करने का दावा किया है।
अमेरिका ने क्यों किया हमला?
अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड ने इस हमले की पुष्टि की है, लेकिन इसे 'सेल्फ-डिफेंस स्ट्राइक' बताया है। दरअसल, ओमान के तट के पास ईरान ने कथित तौर पर अमेरिकी सेना के एक खतरनाक 'अपाचे हेलीकॉप्टर' को मार गिराया था।
इसका बदला लेने के लिए अमेरिकी विमानों और नौसैनिक बलों ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरानी हवाई रक्षा प्रणाली, निगरानी रडार और कमांड-एंड-कंट्रोल सेंटर्स पर सटीक मिसाइलें दागीं। अमेरिकी सैन्य प्रवक्ता कैप्टन टिमोथी हॉकिन्स ने कहा कि वे पानी के बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान की रिपोर्टों की समीक्षा कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने नागरिक संपत्तियों को जानबूझकर निशाना बनाने से इनकार किया।
WHO की चेतावनी: बढ़ सकता है महामारियों का खतरा
विश्व स्वास्थ्य संगठन के पूर्वी भूमध्यसागरीय क्षेत्र की क्षेत्रीय निदेशक हनान बल्खी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस हमले को लेकर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा, 'साफ पानी की कमी से मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरे पैदा हो जाते हैं, जिसमें पानी से होने वाली बीमारियों का जोखिम सबसे ज्यादा है'।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून का हवाला देते हुए कहा कि आम नागरिकों के जीवित रहने के लिए पानी के बुनियादी ढांचे को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत विशेष सुरक्षा प्राप्त है और नागरिक सुविधाओं पर हमले तुरंत रुकने चाहिए।
अमेरिकी 'GBU-39' गाइडेड बम के मिले टुकड़े
ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी ने मलबे की कुछ तस्वीरें जारी की हैं। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, हथियार विशेषज्ञों और अमेरिकी सेना के पूर्व विस्फोटक निपटान विशेषज्ञ ट्रेवर बॉल ने इन तस्वीरों के विश्लेषण के बाद दावा किया है कि यह मलबा अमेरिका निर्मित GBU-39 सीरीज के प्रिसिजन-गाइडेड बम का है। यह एक बेहद सटीक निशाना लगाने वाला आधुनिक हथियार है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह निशाना चूकने का मामला नहीं लगता, बम ने सीधे उस बिल्डिंग को उड़ाया है।
कुवैत-बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर ईरान का पलटवार
इस हमले के बाद गुरुवार को मिडिल ईस्ट में जंग और ज्यादा भड़क गई है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने अमेरिकी हमले के जवाब में कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ताबड़तोड़ जवाबी हमले शुरू कर दिए हैं।
तेहरान ने दुनिया के सबसे बड़े तेल सप्लाई रूट 'स्ट्रैट ऑफ होर्मुज' को पूरी तरह से ब्लॉक करने की अपनी धमकी को फिर से दोहराया है। अगर ऐसा होता है, तो दुनिया भर में कच्चे तेल की सप्लाई ठप हो जाएगी।