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ईरान को हथियार और ड्रोन के लिए मदद कर रही थीं 10 कंपनियां, US ने लगा दिए प्रतिबंध

माना जा रहा है कि ट्रेजरी की इन कार्रवाइयों का मकसद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की कंट्रोल की क्षमता को कम करना है। ईरान के पास इतनी औद्योगिक क्षमता है कि वह हर महीने लगभग 10,000 ड्रोन का उत्पादन कर सकता है

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड May 09, 2026 पर 12:54 PM
ईरान को हथियार और ड्रोन के लिए मदद कर रही थीं 10 कंपनियां, US ने लगा दिए प्रतिबंध
जिन कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं, उनमें चीन और हांगकांग की कई कंपनियां शामिल हैं।

अमेरिकी ट्रेजरी ने 10 लोगों और कंपनियों के खिलाफ प्रतिबंधों की घोषणा की है। इनमें चीन और हांगकांग की कई कंपनियां शामिल हैं। रॉयटर्स के मुताबिक, आरोप है कि इन्होंने ईरान को हथियार हासिल करने और उसके 'शाहिद' ड्रोन व बैलिस्टिक मिसाइल के लिए जरूरी कच्चा माल जुटाने में मदद की। बता दें कि कुछ दिन बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, चीन जाकर राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करने वाले हैं।

चीन स्थित युशिता शंघाई इंटरनेशनल ट्रेड कंपनी लिमिटेड पर आरोप है कि इसने ईरान को चीन से हथियार खरीदने के प्रयासों में मदद की। दुबई स्थित एलीट एनर्जी FZCO पर खरीद प्रक्रिया में मदद के लिए हांगकांग की एक कंपनी को लाखों डॉलर ट्रांसफर करने का आरोप है। हांगकांग स्थित HK हेसिन इंडस्ट्री कंपनी लिमिटेड और बेलारूस स्थित आर्मरी अलायंस LLC पर खरीद प्रक्रिया में बिचौलिए के तौर पर काम करने का आरोप है। हांगकांग स्थित Mustad Ltd पर ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स द्वारा हथियारों की खरीद में मदद करने का आरोप है।

ईरान स्थित Pishgam Electronic Safeh Co पर, ड्रोन में इस्तेमाल होने वाली मोटरें खरीदने का आरोप है। चीन स्थित Hitex Insulation Ningbo Co Ltd पर बैलिस्टिक मिसाइलों में इस्तेमाल होने वाला सामान सप्लाई करने का आरोप है।

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