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US-Iran War: हमले से पहले ईरानी जहाज को मिली थी वॉर्निंग, IRIS Dena से ईरानी सैनिक का पिता की थी आखिरी कॉल

जानकारी के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने हमले से पहले जहाज के क्रू को दो बार चेतावनी दी थी कि वे जहाज छोड़ दें। लेकिन इसके कुछ ही समय बाद एक अमेरिकी पनडुब्बी के हमले में उस नाविक की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि जहाज के कमांडर ने खतरे के बावजूद क्रू को जहाज छोड़ने की अनुमति नहीं दी

MoneyControl Newsअपडेटेड Mar 08, 2026 पर 4:44 PM
US-Iran War: हमले से पहले ईरानी जहाज को मिली थी वॉर्निंग, IRIS Dena से ईरानी सैनिक का पिता की थी आखिरी कॉल
IRIS Dena : ईरान के साथ चल रहे युद्ध के बीच अमेरिका ने बुधवार को ईरान के एक युद्धपोत को श्रीलंका के दक्षिणी तट के पास डुबो दिया। ( प्रतिकात्मक तस्वीर)

ईरान के साथ चल रहे युद्ध के बीच अमेरिका ने बीते बुधवार को ईरान के एक युद्धपोत को श्रीलंका के दक्षिणी तट के पास डुबो दिया। यह ईरानी युद्धपोत फ्रिगेट IRIS डेना भारतीय नौसेना की तरफ से आयोजित सैन्य अभ्यास में हिस्सा लेने के बाद विशाखापत्तनम से ईरान लौट रहा था। IRIS-डेना पर हमले से पहले उसे चेतावनी दी थी। ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। एक पारिवारिक सूत्र ने ईरान इंटरनेशनल को बताया कि ईरानी युद्धपोत IRIS डेना पर तैनात एक नाविक ने हमले से कुछ समय पहले अपने पिता को फोन किया था। उसने बताया था कि जहाज पर अमेरिकी टॉरपीडो हमला होने वाला है।

हमले के पहले मिली थी चेतावनी 

जानकारी के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने हमले से पहले जहाज के क्रू को दो बार चेतावनी दी थी कि वे जहाज छोड़ दें। लेकिन इसके कुछ ही समय बाद एक अमेरिकी पनडुब्बी के हमले में उस नाविक की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि जहाज के कमांडर ने खतरे के बावजूद क्रू को जहाज छोड़ने की अनुमति नहीं दी। इस फैसले को लेकर कमांडर और क्रू के बीच काफी तनाव पैदा हो गया। सूत्र ने कहा कि कई नाविकों ने इस फैसले का विरोध किया और कमांडर से बहस भी की। बताया गया कि जहाज के 32 क्रू मेंबर जो बच पाए, उनमें से अधिकतर वे थे जिन्होंने आदेश नहीं माना और खुद ही लाइफबोट तक पहुंचकर अपनी जान बचा ली।

4 मार्च को हुआ था हमला 

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