जाको राखे साइयां मार सके न कोय... यह कहावत वेनेजुएला के एक शख्स पर सटीक बैठती है। वेनेजुएला में चार दिन पहले आए दो शक्तिशाली भूकंपों के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। हालांकि, समय बीतने के साथ मलबे में फंसे लोगों के जीवित मिलने की उम्मीद कम होती जा रही है। इसी बीच एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। करीब 106 घंटे तक मलबे में फंसे रहने के बाद 21 वर्षीय हारून लेवी कैंटिलो वर्गास को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
भूकंप की तबाही के बाद वेनेज़ुएला में हुआ चमत्कार!
अल साल्वाडोर के राष्ट्रपति नायिब बुकेले ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कई घंटों की कड़ी मेहनत और संयुक्त बचाव अभियान के बाद हारून को वेनेजुएला के ला गुएरा राज्य के काराबालेडा पैरिश के तनागुएरेना इलाके में स्थित ओपीपी-25 इमारत के मलबे से जीवित निकाला गया। राष्ट्रपति बुकेले ने इस बचाव अभियान का वीडियो भी साझा किया। उन्होंने बताया कि यह अभियान वेनेजुएला, मैक्सिको और अल साल्वाडोर की बचाव टीमों ने मिलकर चलाया, जिसकी बदौलत युवक की जान बचाई जा सकी।
106 घंटे के बाद मलबे से जीवित निकला शख्स
अल साल्वाडोर के राष्ट्रपति नायिब बुकेले ने बताया कि 21 वर्षीय युवक का सुरक्षित रेस्क्यू करने के बाद उसे विशेष चिकित्सा देखभाल के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने कहा कि बचाव दल अब भी पूरी मेहनत से अभियान चला रहे हैं और उम्मीद है कि मलबे में फंसे अन्य लोगों को भी जीवित बचाया जा सकेगा। वेनेजुएला में आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने भारी तबाही मचाई है। पहले 7.2 तीव्रता का भूकंप आया और उसके सिर्फ 39 सेकंड बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा तेज झटका महसूस हुआ। इन दोनों भूकंपों से कई इमारतें ढह गईं, सड़कें और अन्य जरूरी ढांचे क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि हजारों लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े।
राहत और बचाव दल प्रभावित लोगों तक लगातार मदद पहुंचाने में जुटे हैं। अधिकारियों की ओर से लोगों के लिए अस्थायी राहत शिविर, भोजन और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। वहीं, कई देशों की टीमें भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग कर रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वेनेजुएला में आए भीषण भूकंप में अब तक 1,430 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 68,000 से अधिक लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। प्रभावित इलाकों में लोग अपने परिजनों की तलाश के लिए दिन-रात मलबा हटा रहे हैं। इसके लिए वे फावड़े, रस्सियां, भारी मशीनों और कई जगह अपने हाथों का भी सहारा ले रहे हैं। इसी बीच, भूकंप आने के तीन दिन बाद राजधानी काराकास के उत्तर में स्थित काराबालेडा इलाके के मलबे से 11 वर्षीय एक बच्चे को जीवित बचा लिया गया।