ट्रंप पर हमला करने वाला नासिर बेस्ट कौन था? सीक्रेट सर्विस रिकॉर्ड से हुआ चौंकाने वाला खुलासा
Nasire Best White House: नासिर बेस्ट लंबे समय से गंभीर मानसिक समस्याओं से जूझ रहा था। सूत्रों का दावा है कि वह मानसिक रूप से इतना परेशान था कि खुद को 'जीसस क्राइस्ट' समझने लगा था। मानसिक संतुलन ठीक न होने के कारण उसकी हरकतें लगातार हिंसक और संदिग्ध होती जा रही थीं
वह पहले भी कई बार व्हाइट हाउस के प्रतिबंधित क्षेत्र में घुसने की कोशिश कर चुका था और सीक्रेट सर्विस उसे पहले भी गिरफ्तार कर चुकी थी
Who Was Nasire Best: वाशिंगटन में व्हाइट हाउस के सिक्योरिटी चेकपॉइंट पर अंधाधुंध फायरिंग करने वाले हमलावर की पहचान 21 वर्षीय नासिर बेस्ट (Nasire Best) के रूप में हुई है, जो मैरीलैंड का रहने वाला था। सीक्रेट सर्विस की जवाबी कार्रवाई में मारा गया नासिर कोई अजनबी नहीं था, बल्कि अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक जाना-पहचाना सिरदर्द था। जांच में सामने आया है कि वह पहले भी कई बार व्हाइट हाउस के प्रतिबंधित क्षेत्र में घुसने की कोशिश कर चुका था और सीक्रेट सर्विस उसे पहले भी गिरफ्तार कर चुकी थी।
खुद को समझता था 'जीसस क्राइस्ट'
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स और 'द न्यूयॉर्क पोस्ट' के मुताबिक, नासिर बेस्ट लंबे समय से गंभीर मानसिक समस्याओं से जूझ रहा था। सूत्रों का दावा है कि वह मानसिक रूप से इतना परेशान था कि खुद को 'जीसस क्राइस्ट' (ईसा मसीह) समझने लगा था। मानसिक संतुलन ठीक न होने के कारण उसकी हरकतें लगातार हिंसक और संदिग्ध होती जा रही थीं।
सीक्रेट सर्विस की फाइलों में दर्ज था पुराना रिकॉर्ड
नासिर बेस्ट का अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा करने वाली एजेंसी 'सीक्रेट सर्विस' से पुराना पाला पड़ा था। जांच में उसके पिछले एनकाउंटर्स की जो टाइमलाइन सामने आई है, वह बेहद चौंकाने वाली है:
26 जून 2025: नासिर ने जबरन सीक्रेट सर्विस के एजेंटों को रोककर उन्हें धमकी दी थी, जिसके बाद अधिकारियों ने उसे हिरासत में लिया था।
10 जुलाई 2025: ठीक कुछ दिनों बाद, वह व्हाइट हाउस के एक बेहद संवेदनशील और प्रतिबंधित इलाके में घुस गया, जहां से उसे दोबारा गिरफ्तार किया गया।
कोर्ट का आदेश भी तोड़ा: अमेरिकी अदालत ने नासिर के व्हाइट हाउस परिसर के आसपास भी फटकने पर रोक लगा रखी थी, लेकिन शनिवार को उसने इस अदालती आदेश की धज्जियां उड़ा दीं।
चश्मदीद बोले- 'लगा जैसे पटाखे चल रहे हैं, फिर मच गई भगदड़'
शनिवार शाम करीब 6 बजे जब नासिर ने अपने बैग से बंदूक निकालकर फायरिंग शुरू की, तो वहां मौजूद पर्यटकों और पत्रकारों में चीख-पुकार मच गई। कनाडा से आए पर्यटक रीड एड्रियन ने बताया, 'मैंने अचानक 20 से 25 राउंड फायरिंग की आवाज सुनी। पहले लगा कि पटाखे चल रहे हैं, लेकिन जब लोग जान बचाकर भागने लगे तो समझ आया कि यह आतंकी हमला या गोलीबारी है।'
एबीसी न्यूज की पत्रकार सेलिना वांग उस वक्त व्हाइट हाउस परिसर से लाइव वीडियो रिकॉर्ड कर रही थीं, तभी गोलियों की तड़तड़ाहट के बीच सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें और अन्य पत्रकारों को दौड़कर प्रेस ब्रीफिंग रूम के अंदर छिपने को कहा।
क्या नासिर की गोली से घायल हुआ आम नागरिक?
इस मुठभेड़ के दौरान एक आम नागरिक भी गोली लगने से घायल हुआ है। हालांकि, एसोसिएटेड प्रेस (AP) के मुताबिक सुरक्षा एजेंसियां अभी इस बात की जांच कर रही हैं कि उस नागरिक को नासिर बेस्ट की बंदूक से निकली गोली लगी है या फिर सीक्रेट सर्विस की जवाबी फायरिंग के दौरान वह क्रॉसफायर का शिकार हुआ।
ट्रंप की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ट्रंप पिछले कुछ महीनों में कई बार जानलेवा हमलों और सुरक्षा चूकों का सामना कर चुके हैं:
जुलाई 2024: पेंसिल्वेनिया की बटलर रैली में उन पर फायरिंग हुई थी, जिसमें उनका कान जख्मी हो गया था।
अप्रैल 2026: व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स एसोसिएशन डिनर के दौरान भी उन पर हमले की एक कथित साजिश नाकाम की गई थी।
वाशिंगटन मॉन्यूमेंट घटना: इसी साल वाशिंगटन मॉन्यूमेंट के पास भी एक सुरक्षा चूक के बाद सीक्रेट सर्विस को गोलियां चलानी पड़ी थीं।
फिलहाल एफबीआई (FBI) और सीक्रेट सर्विस इस बात की कड़ाई से जांच कर रही हैं कि मानसिक रूप से बीमार होने के बावजूद नासिर बेस्ट के पास हाई-टेक हथियार कहां से आया और इस हमले के पीछे उसका असल मकसद क्या था।