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अफ्रीका का चक्कर लगाकर अरब सागर में क्यों आ रहा है अमेरिका का जंगी बेड़ा? रेड सी के खतरों और ट्रंप की नाकेबंदी की पूरी इनसाइड स्टोरी

Strait Of Hormuz Blockade: USS जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की उस नाकेबंदी में शामिल होगा, जिसका आदेश राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को दिया था। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने होर्मुज की नाकेबंदी को लेकर नियम साफ कर दिए हैं। किसी भी देश का जहाज जो ईरानी बंदरगाहों पर जा रहा है या वहां से आ रहा है, उसे रोका जाएगा

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Apr 14, 2026 पर 8:28 AM
अफ्रीका का चक्कर लगाकर अरब सागर में क्यों आ रहा है अमेरिका का जंगी बेड़ा? रेड सी के खतरों और ट्रंप की नाकेबंदी की पूरी इनसाइड स्टोरी
आमतौर पर अमेरिकी जहाज भूमध्य सागर और स्वेज नहर के रास्ते मिडिल ईस्ट पहुंचते हैं, लेकिन इस बार रास्ता बदल दिया गया है

 Hormuz Blockade: मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच अमेरिकी नौसेना ने अपनी रणनीति में एक बड़ा और हैरान करने वाला बदलाव किया है। दरअसल अमेरिका का विशालकाय एयरक्राफ्ट कैरियर USS जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश (CVN-77) फिलहाल नामीबिया के तट के पास है और पूरे अफ्रीकी महाद्वीप का चक्कर लगाकर अरब सागर की ओर बढ़ रहा है। आखिर अमेरिका ने स्वेज नहर वाला छोटा रास्ता छोड़कर हजारों मील लंबा रास्ता क्यों चुना? आइए आपको बताते हैं इस 'वॉर गेम' के पीछे की पूरी कहानी।

रेड सी में हुती विद्रोहियों के 'खौफ' से बदला रास्ता

आमतौर पर अमेरिकी जहाज भूमध्य सागर और स्वेज नहर के रास्ते मिडिल ईस्ट पहुंचते हैं, लेकिन इस बार रास्ता बदल दिया गया है। 2024 और 2025 में लाल सागर और बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य में अमेरिकी जहाजों पर हुती विद्रोहियों के मिसाइल और ड्रोन हमलों ने भारी जोखिम बढ़ा दिया है।

अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि जोखिम से बचने के लिए जंगी बेड़े को अफ्रीका के नीचे से केप ऑफ गुड होप के रास्ते भेजा जा रहा है। आखिरी बार दिसंबर 2023 में USS ड्वाइट डी. आइजनहावर ने इस खतरनाक रास्ते को पार किया था, जिसके बाद से किसी कैरियर ने यह हिम्मत नहीं दिखाई।

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