Leap Day 2024: लीप डे, फरवरी में एक्स्ट्रा दिन, जो हर चार साल में हमारे दरवाजे पर दस्तक देता है। सभी इस एक्स्ट्रा दिन का स्वागत भ करते हैं। चार साल में एक बार फरवरी के महीने में एक एक्स्ट्रा दिन यानी 29 की जगह 29 दिन मिलते हैं। यही एक लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र भी बनता है। हालांकि, ये लीप डे यानी एक दिन बिना कारण हमारे कैलेंडर में नहीं जोड़ा गया है। ये एक दिन पृथ्वी की कक्षा के साथ संतुलन बनाने, मौसम के अपने टाइम पर रहने और सालाना इवेंट को तय करता है।
कैलेंडर में एक अतिरिक्त दिन जोड़ने की जरूरत क्यों पड़ी इसका एक दिलचस्प इतिहास है। पृथ्वी को सूर्य की एक परिक्रमा को करने में 365.242190 दिन लगे जबकि एक कैलेंडर ईयर में 365 दिन होते हैं। शेष 0.242190 दिन या 5 घंटे 48 मिनट और 56 सेकंड को एडजस्ट करना पड़ा। ताकि, मौसम में बदलाव न हो और सालाना प्रोग्राम अपने नियमित शेडयूल का पालन कर सकें।
आखिर कैसे हर चार साल में जुड़ा एक दिन एक्स्ट्रा
कैलेंडर ईयर और नक्षत्र ईयर के बीच का अंतर 24 घंटे के बजाय 23.262222 घंटे है। लीप डे जोड़ने से कैलेंडर 44 मिनट से अधिक लंबा हो सकता है और इससे ऋतुओं में बदलाव हो सकता है। इसलिए, हमारे कैलेंडर और पृथ्वी की कक्षा के बीच थोड़ी सी विसंगति के कारण हर चार साल में लीप ईयर नहीं होता है, जो कि 44 मिनट से अधिक जुड़ जाता है। 100 से भाग किये जाने पर सालों को लीप ईयर से छूट दी गई है जब तक कि वे 400 से भी विभाज्य न हों। यह तय करना होता है कि हमारा कैलेंडर ऋतुओं के साथ तालमेल में रहता है, समय के साथ महत्वपूर्ण बहाव को रोकता है।
लीप डे और लीप ईयर का इतिहास
प्राचीन काल में फसल का समय तय करने के लिए सूर्य की स्थिति पर भरोसा किया जाता था, समय के साथ एक सेंट्रलाइज्ड कैलेंडर की जरूरत महसूस हुई। 45 ईसा पूर्व में जूलियस सीजर के पेश, जूलियन कैलेंडर में मिस्र की अवधारणा पर आधारित एक सालाना अतिरिक्त दिन शामिल था।