मामाअर्थ (MamaEarth) की पैरेंट कंपनी होनासा कंज्यूमर (Honasa Consumer) के शेयरों ने मंगलवार 7 नवंबर को पहले दिन धीमी शुरुआत की। कंपनी के शेयर एनएसई पर 330 रुपये और बीएसई पर 324 रुपये के भाव पर लिस्ट हुए। इसका इश्यू प्राइस 324 रुपये थे। कंपनी के कमजोर वित्तीय प्रदर्शन और ऑपरेशन के मोर्चे पर जुड़े जोखिमों को देखते अधिकतर एनालिस्ट्स अब निवेशकों को मुनाफावसूली करने और शेयर बेचकर निकलने की सलाह दे रहे हैं। होनासा कंज्यूमर के पास एक बड़ा प्रोडक्ट पोर्टफोलियो है, जिसमें फेसकेयर, बेबी केयर, हेयर केयर, बॉडी केयर, कलर कॉस्मेटिक्स और फ्रेगरेंसेज आदि शामिल हैं।
स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट लिमिटेड की वेल्थ हेड, शिवानी न्याति ने कहा, "हालांकि, कंपनी वित्तीय मोर्चे पर कुछ उथल-पुथल का सामना कर रही है और कारोबार से जुड़े अन्य जोखिम भी हैं।" न्याति ने निवेशकों को मुनाफा वसूल करने और अपनी पोजिशन से बाहर निकलने का सुझाव दिया
मामाअर्थ का IPO करीब 7.61 गुना अधिक सब्सक्रिप्शन के साथ बंद हुआ था। आईपीओ को सफल बनाने में सबसे अधिक योगदान क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का रहा, जिन्होंने अपने हिस्से के शेयरों को करीब 11.5 गुना अधिक सब्सक्राइब किया। वहीं दूसरी तरफ रिटेल निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया और अपने कोटे में करीब1.4 गुना अधिक बोली लगाई।
होनासा कंज्यूमर ने वित्त वर्ष 2023 में 150.9 करोड़ रुपये का घाटा दर्ज किया था। ऐसा कंपनी की गुडविल और दूसरी न छूने योग्य संपत्तियों की वैल्यू में अचानक आई कमी के चलते हुआ। इसके पिछले वित्त वर्ष में कंपनी ने 14.4 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था।
मेहता इक्विटीज के सीनियर वीपी रिसर्च एनालिस्ट, प्रशांत तापसे ने कहा कि वह कारोबार के घाटे में रहने की प्रकृति, OFS के अधिक हिस्से, कड़े कॉम्पिटीशन के चलते मार्जिन पर दबाव, प्रमोटरों की कम हिस्सेदारी और कमजोर वित्तीय स्थिति के कारण मामाअर्थ के शेयर को लेकर सतर्क हैं।
तापसे ने आईपीओ में आवंटन पाने वाले उन निवेशकों को प्रॉफिट बुक करने की सलाह दी है, जिनकी जोखिम लेने की क्षमता कम है। वहीं जोखिम लेने वाले निवेशकों को उन्होंने प्रोडक्ट में हाई ग्रोथ की संभावना के साथ स्टॉक को लंबे समय तक रखने पर विचार करने को कहा है।
होनासा कंज्यूमर रेवेन्यू के लिहाज से खुद को देश की सबसे बड़ी डिजिटल-आधारित ब्यूटी एंड पर्सनल केयर कंपनी होने का दावा करती है। इसने Mamaearth ब्रांड के साथ साल 2016 में अपने कारोबार की शुरुआत की थी। बीते 6 सालों के भीतर इसका रेवेन्यू 1,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
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