Micropro Software Solutions IPO Listing: आईटी सर्विसेज कंपनी माइक्रोप्रो सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस (Micropro Software Solutions) के शेयरों की आज NSE के SME प्लेटफॉर्म पर फीकी एंट्री हुई। खुदरा निवेशकों के दम पर इसके आईपीओ को तगड़ा रिस्पांस मिला था और ओवरऑल 36 गुना से अधिक सब्सक्राइब हुआ था। आईपीओ के तहत 81 रुपये के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज NSE SME पर इसकी 80 रुपये के भाव पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को लिस्टिंग गेन की बजाय 1.23 फीसदी का घाटा हो गया। लिस्टिंग के बाद शेयर और नीचे आए। फिसलकर यह 76 रुपये (Micropro Software Solutions Share Price) के लोअर सर्किट पर आ गया और इसी पर बंद भी हुआ है यानी कि पहले दिन आईपीओ निवेशक 6.17 फीसदी घाटे में हैं।
Micropro IPO को कैसा मिला था रिस्पांस
माइक्रोप्रो सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस का 30.70 करोड़ रुपये का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 3-7 नवंबर के बीच खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का तगड़ा रिस्पांस मिला था और सबसे अधिक खुदरा निवेशकों का हिस्सा भरा था। खुदरा निवेशकों का हिस्सा 49.08 गुना भरा था और ओवरऑल यह 36.88 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले 37,90,400 नए शेयर जारी हुए हैं। नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने, कैपिटल एक्सपेंडिचर और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में होगा।
Micropro के बारे में डिटेल्स
1988 में बनी माइक्रोप्रो आईटी सर्विस कंपनी है। यह सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, डेटा प्रोसेसिंग और सॉफ्टवेयर ट्रेनिंग के बिजनेस में है। इसकी टेक टीम में 150 से अधिक प्रोफेशनल्स हैं और 4 हजार से अधिक ग्राहक भारत के अलावा अमेरिका, यूएई और अफ्रीका में हैं। यह सरकारी कंपनियों को भी सर्विसेज मुहैया कराती है। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2021 में इसे 1.30 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो वित्त वर्ष 2022 में बढ़कर 2.67 करोड़ रुपये और फिर वित्त वर्ष 2023 में उछलकर 5.92 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इस वित्त वर्ष के शुरुआती दो महीने अप्रैल-मई 2023 में इसे 47.65 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा हासिल हो चुका है।