Stocks on Broker's Radar: आज बाजार में हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों (HFCs) के स्टॉक्स फोकस में रहेंगे। RBI ने हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों के लिए नए गाइडलाइंस जारी किये हैं। इसके तहत मार्च 2025 तक पब्लिक डिपॉजिट का 15% लिक्विंड एसेट रखना होगा। पहले पब्लिक डिपॉजिट का 13% लिक्विंड एसेट का नियम था। इसके बाद से HFCs अपने फंड से डेढ़ गुना से ज्यादा डिपॉजिट नहीं ले सकेंगी। पहले HFCs कंपनियां फंड का 3 गुना डिपॉजिट ले सकती थीं। आरबीआई ने डिपॉजिट की मैच्योरिटी 120 महीने से घटाकर 60 महीने की है। साल में एक बार इन्वेस्टमेंट ग्रेड क्रेडिट रेटिंग जरूरी किया है। आज एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस पर मैक्वायरी ने आउटपरफॉर्म रेटिंग दी है।
मैक्वायरी ने एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस पर आउटपरफॉर्म रेटिंग दी है। इसके शेयर का लक्ष्य 650 रुपये/शेयर तय किया है। उनका कहना है कि डिपॉजिट प्रतिबंधों पर आरबीआई नियमों में तीन मुख्य बदलाव किये गये हैं। कंपनी जमा प्रतिबंधों के लिहाज से आरबीआई रेगुलेशन के सभी पहलुओं पर ठीक नजर आ रही है। जमाराशि शुद्ध-स्वामित्व वाले फंड के 0.5 गुना से कम है जो कि RBI की 1.5 गुना की सीमा से काफी कम है। कंपनी के पास पहले से ही लिक्विड सिक्योरिटीज में 15% से अधिक जमा राशि है।
यूबीएस ने पेटीएम पर खरीदारी की रेटिंग दी है। इसके शेयर का लक्ष्य 900 रुपये/शेयर तय किया है। उनका कहना है कि निरंतर मोनेटाइजेशन और EBITDA ब्रेक-ईवन से री रेटिंग को बढ़ावा मिला है। व्यापारियों और ग्राहकों में भुगतान के विकल्प के रूप में कंपनी अग्रणी भूमिका में है। FY24-28 में 21% टॉपलाइन CAGR की उम्मीद की जा रही है। कंपनी की EBITDA मार्जिन धीरे-धीरे 20% तक पहुंच जायेगी।
डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना हेतु दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।)