मवेशियों को खिलाएं ये हरी घास, दूध और प्रजनन की समस्याएं होंगी दूर

पशुपालकों की बड़ी समस्याओं जैसे बांझपन और दूध की कमी को हरे चारे से कम किया जा सकता है। डॉ. रंजन के अनुसार, दुधारू पशुओं में विटामिन-A अनिवार्य है। बरसीम, जिसे 'किंग ऑफ फॉरएज ग्रास' कहते हैं, 20% प्रोटीन और विटामिन-A से भरपूर है। रोजाना 30–40 किलो हरा चारा खर्च आधा कर सकता है

अपडेटेड Dec 17, 2025 पर 12:24 PM
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शुओं को पर्याप्त विटामिन A नहीं मिलता, तो वो पाल नहीं ठहरते, बांझपन की समस्या होती है

यदि आप पशुपालक हैं और मवेशियों की सेहत को लेकर हमेशा चिंतित रहते हैं, तो हरे चारे का सही उपयोग आपके लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। मवेशियों में पाल न ठहरने, दूध की मात्रा में कमी, और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं अक्सर खराब या असंतुलित आहार के कारण होती हैं। पशु वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि हरे चारे को मवेशियों के मुख्य आहार के रूप में दिया जाए, तो आहार पर आने वाला खर्च आधे से भी कम हो सकता है। बिहार और देश के अन्य हिस्सों में अधिकांश किसान अपने खेतों में बरसीम, नेपियर, सोरघम, ज्वार, जई जैसी हरी घास उगाते हैं। ये हरे चारे न केवल मवेशियों की उत्पादकता बढ़ाने में मदद करते हैं, बल्कि उनकी प्रतिरोधक क्षमता और स्वास्थ्य को भी मजबूत बनाते हैं।

सही मात्रा में और नियमित रूप से हरा चारा देने से मवेशियों की दूध देने की क्षमता, प्रजनन शक्ति और मांसपेशियों का विकास बेहतर रहता है।इस तरह हरे चारे का सही इस्तेमाल न सिर्फ मवेशियों के लिए फायदेमंद है, बल्कि किसानों के लिए खर्च में भी बचत और मवेशी पालन को अधिक सुरक्षित और लाभकारी बनाता है।

विटामिन A की कमी से गंभीर रोग


माधोपुर स्थित देशी गो वंश संरक्षण एवं संवर्धन केंद्र के पशु वैज्ञानिक डॉ. रंजन के अनुसार, दुधारू पशुओं के आहार में विटामिन A का होना बेहद जरूरी है। यदि पशुओं को पर्याप्त विटामिन A नहीं मिलता, तो वो पाल नहीं ठहरते, बांझपन की समस्या होती है और प्रजनन क्षमता घट जाती है। किसी भी गोपालक के लिए ये सबसे गंभीर स्थिति होती है। इसलिए पशुओं के आहार में पोषक तत्वों की मात्रा का ध्यान रखना बहुत जरूरी है।

पशुओं के लिए औषधि

डॉ. रंजन लोकल 18 से बात करते हुए बताते हैं कि बरसीम को ‘किंग ऑफ फॉरएज ग्रा’ कहा जाता है। ये मुख्य रूप से सर्दियों में उगाई जाती है और सभी स्तर के पशुपालक या डेयरी फार्मर इसे आसानी से अपने खेत में लगा सकते हैं। बरसीम एक दलहनी फसल है, जिसमें प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन A, D, D3 और अन्य पोषक तत्वों की भरमार होती है। इसमें लगभग 20 प्रतिशत प्रोटीन और 1–1.5 प्रतिशत कैल्शियम पाया जाता है।

हरे चारे का सही आहार

बरसीम के अलावा जई, राई, बीन ग्रास और एजोला भी पोषक तत्वों से भरपूर हैं। यदि मवेशियों को इन हरे चारे का नियमित आहार दिया जाए, तो बांझपन, अंधापन, प्रजनन संबंधी समस्याएं और मसल ग्रोथ की कमी जैसी समस्याएं खत्म हो सकती हैं। ध्यान रखें कि हर दिन 30–40 किलो हरा चारा देना पर्याप्त है, जिसमें 5 किलो तक भूसा और 1–1.5 किलो एजोला मिलाया जा सकता है।

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