सर्दियों के मौसम में ठंड और पाले का असर हरी सब्जियों की बढ़ोतरी पर सीधे पड़ता है। इस मौसम में तापमान अक्सर 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला जाता है, जिससे पौधों की वृद्धि धीमी हो जाती है। खेत में पानी की अधिकता या कमी भी फसल की ग्रोथ पर असर डालती है। ज्यादा पानी देने से जड़ें सड़ सकती हैं, वहीं पानी कम होने पर पौधों की पत्तियां और डंठल कमजोर हो जाते हैं। किसान अक्सर इस समय परेशान हो जाते हैं क्योंकि फसल की धीमी ग्रोथ उत्पादन और लाभ पर असर डालती है। ठंड के कारण पौधों की पत्तियों और जड़ों में सक्रियता कम हो जाती है, जिससे फसल का विकास रुक जाता है और उपज घटती है। अगर समय पर सही उपाय नहीं किए जाएं, तो किसान को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
सर्दियों में फसल की सुरक्षा और उत्पादन बढ़ाने के लिए कुछ आसान और कारगर उपाय अपनाए जा सकते हैं। इनमें प्राकृतिक खाद, ट्राइकोडर्मा मिश्रण और WDG सल्फर का इस्तेमाल शामिल है, जिससे पौधों में गर्मी आएगी और ग्रोथ फिर से सक्रिय हो जाएगी। उचित देखभाल से किसान अपनी फसल को बेहतर उत्पादन देने के लिए तैयार कर सकते हैं।
फसल की ग्रोथ को फिर से सक्रिय करने के उपाय
कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. आई.के. कुशवाहा लोकल 18 से बात करते हुए बताते हैं कि, यदि फसल की ग्रोथ रुक जाए तो किसान कुछ आसान उपाय कर सकते हैं। सबसे पहले ये सुनिश्चित करें कि खेत में अत्यधिक पानी तो नहीं दिया गया। इसके बाद ट्राइकोडर्मा मिश्रण का इस्तेमाल फसल पर किया जा सकता है। इसके लिए 2 किलोग्राम ट्राइकोडर्मा, 2 किलोग्राम गुड़, 1 किलोग्राम बेसन और 200 लीटर पानी मिलाकर 7 दिन तक किसी बर्तन में रखा जाता है। इस मिश्रण को फसल पर छिड़कने से पौधों में गलन रुकती है और वृद्धि बढ़ती है।
WDG सल्फर से बढ़ाएं पौधों में गर्मी
यदि खेत में नमी पर्याप्त है और ग्रोथ रुक चुकी है, तो WDG सल्फर का छिड़काव 2 ग्राम प्रति लीटर पानी की दर से किया जा सकता है। यह छिड़काव पौधों में गर्मी लाता है और ग्रोथ को तेज करता है। ध्यान रखें कि छिड़काव केवल धूप निकलने के बाद ही करें, ओस या अत्यधिक नमी वाले समय में नहीं।
यूरिया का इस्तेमाल न करें
सर्दियों में यूरिया का छिड़काव पौधों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। यूरिया से पौधों में गलन बढ़ सकती है और फसल की वृद्धि बाधित हो सकती है। इसलिए सर्दियों में यूरिया का इस्तेमाल न करें और केवल सुरक्षित और प्रभावी उपाय अपनाएं।