कम समय में अच्छा मुनाफा कमाने के लिए किसानों के लिए धनिया की खेती अब बेहतरीन विकल्प बन गई है। इसकी खासियत यह है कि मात्र ₹200 की लागत में इसे उगाया जा सकता है और यह फसल 45–60 दिन में तैयार हो जाती है। इसलिए जिन किसानों के पास समय या ज्यादा निवेश नहीं है, उनके लिए यह फसल बेहद लाभकारी साबित होती है। किसानों के अनुभव बताते हैं कि हाइब्रिड बीजों और सीमित सिंचाई के साथ धनिया की पैदावार और भी बढ़ जाती है। सही देखभाल, समय पर पानी और हल्की मात्रा में खाद देने से पौधे मजबूत बनते हैं और उत्पादन अधिक होता है।
एक मांडा में धनिया की खेती करके ₹25,000 तक की कमाई संभव है। वर्तमान में बाजार में धनिया की कीमत 50–60 रुपए प्रति किलो है, जिससे कम निवेश में भी अच्छा मुनाफा सुनिश्चित किया जा सकता है। यही कारण है कि कम समय में पैसा कमाने के लिए यह फसल किसानों के लिए सबसे आकर्षक और फायदेमंद विकल्प बन गई है।
खेती की शुरुआत: मिट्टी और बीज
किसान सुभाष मौर्य बताते हैं कि सबसे पहले मिट्टी को भुरभुरी करना जरूरी है। इसके बाद इसमें धनिया के बीज खाद के साथ डालकर पूरे खेत में पाटा किया जाता है। इसके बाद हल्का पानी दिया जाता है ताकि बीज अच्छे से अंकुरित हो सकें।
जब धनिया के बीज छोटे अंकुरित हो जाएं, तब हल्की मात्रा में खाद डालना चाहिए। इससे पौधे मजबूत होते हैं और पैदावार बढ़ती है। सर्दियों में दो से तीन बार पानी देना पर्याप्त है।
धनिया जमने में सिर्फ 10–12 दिन लगते हैं। पूरी फसल 45–60 दिन में तैयार हो जाती है। गर्मी के मौसम में इसकी खेती लंबी नहीं चल सकती, लेकिन बाकी 9 महीने आसानी से खेती की जा सकती है।
एक मांडा में धनिया की खेती करने के लिए 1 किलो हाइब्रिड बीज लगता है। सुभाष मौर्य ने मात्र ₹200 खर्च करके दो महीने में ₹25,000 कमाए। वर्तमान में धनिया मार्केट में 50–60 रुपए किलो बिक रहा है, जिससे कम निवेश में ज्यादा मुनाफा संभव है।
क्यों है धनिया सबसे बेहतरीन विकल्प
कम लागत, कम समय में पैदावार और ज्यादा मुनाफा—धनिया की खेती किसानों के लिए सबसे आसान और लाभकारी विकल्प है। अगर आप भी कम समय में मालामाल होना चाहते हैं, तो यह फसल आपके लिए सही साबित हो सकती है।